Never Thought - Part 2 by महेश रौतेला in Hindi Poems PDF

कभी सोचा न था- भाग-२

by महेश रौतेला Matrubharti Verified in Hindi Poems

कभीसोचानथा( भाग-२)२२.जब भी गाया धुनअपनी थीजब भी गाया धुनअपनी थीजब भीसोचा, मनअपनाथाजब भी देखा, दृष्टि साफ थीजब भी पूजा, भगवानपासथा।मनमें कोई दोषनहींथादूर चलाथालयनयाथा,युग के सारे बोल सुनाथाकभीअकेलाकभीसाथ मिलाथा।नये क्षण में,नया प्यारथाचलने में व्यवधाननहींथा,नये समय मेंनया रचाथाईश्वर में कोई भेदनहींथा।क्षण ...Read More