ये उन दिनों की बात है - 41

by Misha Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

"मैं बहुत परेशान हूँ, दिव्या | क्या कल हम मिल सकते हैं?मैं तुम्हारा रामनिवास बाग में इंतज़ार करूँगा |तुम्हारा सागर" | बस इतना ही लिखा था उस चिट्ठी में |कल मुझे प्रवेश पत्र भी लेने जाना था | अगले ...Read More