Khaam Raat - 8 by Prabodh Kumar Govil in Hindi Classic Stories PDF

ख़ाम रात - 8

by Prabodh Kumar Govil Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

अचानक मैडम को जैसे कुछ याद आया। वो बोलीं- ज़रा मुझे थोड़ी मोहलत देंगे, मैं अभी दस मिनट में वापस आती हूं। जाइएगा नहीं। अभी तो आपसे परिचय भी नहीं हुआ। मुझे ये भी मालूम नहीं कि आप किस ...Read More