Vishya ka bhai - 5 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(५)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

इन्द्रलेखा भीतर जाकर भगवान के मंदिर के सामने खड़ी होकर फूट फूटकर रो पड़ी और भगवान से प्रार्थना करते हुए बोली.... हे!ईश्वर! ये कौन-कौन से दिन दिखा रहा है मुझको,वो नन्ही सी बच्ची है कुछ तो तरस खाओ उस ...Read More


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