lunch time by Rohit Kumar Singh in Hindi Moral Stories PDF

लंच टाईम

by Rohit Kumar Singh in Hindi Moral Stories

निरंजन चौधरी 50 के लपेटे मे आये हुये इन्सान थे,और कोई 22 बरस हो गये थे उन्हें अपनी स्टील की फैक्टरी मे नौकरी करते हुये।जीवन एकरसता सा चला जा रहा था,वही आना,जाना,सुबह शाम की फिक्स बस,वही लंच टाईम,कोई परिवर्तन ...Read More