VYAPARI by Rohit Kumar Singh in Hindi Classic Stories PDF

व्यापारी

by Rohit Kumar Singh in Hindi Classic Stories

रवि कुमार सरावगी ग़मगीन बैठा था,अपनी विशालकाय कुर्सी मे अपनी एक हथेली कुर्सी की पुश्त से टिका कर किसी गहरी सोच मे डूबा था,उसकी आंखो से आंसू टपक रहे थे,और चेहरा मायूसी भरा था।अभी उसकी उम्र महज 30 साल ...Read More