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पहली रात की सुहागरात By Sujata Sood

"ये चौथी लाश है इस महीने की..."

पुराने कुएं के पास खड़े ठाकुर राजवीर की आँखों में डर साफ़ झलक रहा था। गांव वाले इकट्ठा थे—हर चेहरा सहमा हुआ, जैसे अब किसी को बोलने की हिम...

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एक अनोखा रिस्ता। By Lalit Raj

"प्यार वो खुशनुमा पल होता है जिसमें हर एक व्यक्ति पूरी जिंदगी जीना चाहता है।" "कुछ रिस्ते खून के होकर भी दिल के करीब नहीं होते और कुछ रिस्ते खून के न होकर भी दिल से निभ...

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सड़कछाप By dilip kumar

सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे । गांव कोहरे और धुँध की चादर म...

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हनुमत पचासा - समीक्षा व कवित्त By Ram Bharose Mishra

'हनुमत पचासा' मान कवि कृत 50 कवित्त का संग्रह है। जो लगभग 256 वर्ष ( 256 वर्ष इसलिए क्योकि यह संस्करण अप्रैल 71 में छपा था तब उन्होंने उसे 200 वर्ष पूर्व कहा था तो 71 से...

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RUBI (The A.I. Effect) By Bhumesh Kamdi

(Door Knock) सुरेंद्र जी क्या कर रहे हो..? जल्दी कीजिए आपको ऊपर बुलाया है।  बस एक मैसेज भेज दू (Mobile Tick)   (Automate Voice)... ( massage received ) Private helicopter Robinson...

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आसमान में डायनासौर By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 1 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे यकायक हड़कंप सा मच गया था। उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!! आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरि...

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मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

हम चार लोगों ने मिलकर पहाड़ की ठंडी वादियों के नजदीक पिकनिक...

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मैं ईश्वर हूँ By Satish Thakur

• 1. (ईश्वर का सम्बोधन) मैं ईश्वर हूँ, में कभी कुछ नही कहता किसी से नहीं कहता बस सुनता हूँ क्योंकि मैं ईश्वर हूँ। मेरा कोई धर्म नहीं न ही कोई जाति, और न कोई देश है, न तो में नर हू...

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असमर्थों का बल समर्थ रामदास By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

युगों-युगों से पृथ्वी पर महापुरुषों का आगमन होता आया है। उनके द्वारा ज्ञान, ध्यान, निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति से वर्तमान समाज की पात्रता बढ़ाने का कार्य निरंतरता से चलते आया है। समाज...

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रिश्ते… दिल से दिल के By Hemant Sharma “Harshul”

विनीत जी खिड़की से बाहर गिरती हुई बर्फ को देख रहे थे। शिमला का वो नज़ारा बेहद दिलकश था उसे देखकर उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई और वो बोले, "वादा किया था मैंने तुम्हें...

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महिला डॉक्टर दोस्ती और रहस्य By Abhishek Chaturvedi

डॉ. निधि शर्मा एक सफल और सम्मानित डॉक्टर थीं। वह शहर के एक बड़े अस्पताल में कार्यरत थीं और अपने पेशे में बहुत नाम कमा चुकी थीं। अपनी विशेषज्ञता और सुंदरता के लिए जानी जाने वाली निध...

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जीनी का रहस्यमय जन्म By Sohail Saifi

हम सब बच्चपन से ही अलादीन और उसके जीनी की रोमांचक कहानी बड़े चाव के साथ सुनते हैं किन्तु क्या आप जानते हैं की समान्य रूप से जीनों का रहन सहन किसी चिराग में नहीं होता बल्कि वह तो भव...

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पागल By Brijmohan sharma

वह l लगातार स्वयं से बातें करते हुए अपने तीन मंजिले मकान में बड़ी फुर्ती से ऊपर नीचे चढ़ता उतरता रहता I

वह अपने रास्ते में आने वाली हर सजीव व निर्जीव वस्तु से इशारे करके उसकी खैरि...

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आत्मज्ञान By atul nalavade

शांति नगर नामक प्राचीन गांव में, हरे-भरे घाटियों के बीच एक आदर्श संत नामक व्यक्ति स्वामी देवानंद निवास करते थे। देवानंद ने बचपन से ही जीवन के रहस्यों में गहरी रुचि दिखाई दी थी। वह...

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रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...

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सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

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रिश्ता चिट्ठी का By Preeti

मौसम का मिज़ाज बदल रहा यहाँ! ठण्ड अपने पूरे शबाब पर है।
वहां मौसम के क्या हाल? गर्मी के कहर से छुटकारा मिला क्या?मौसम ने जितनी आहिस्ता करवट ली है उतनी ही आहिस्ता आहिस्ता मेरे जीवन...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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दृष्टिकोण By ADRIL

An intelligent person will open your mind, but a gentle person will open your heart." - मेने कही सुना था... और मेरा सवाल है की "बनना ही है हम  intelligent gentleman क्यू ना...

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ये दिल पगला कहीं का By Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का उपन्यास सारांश- ‘ये दिल पगला कहीं का’ उपन्यास कहानी है अभय और डिम्पल की। जो बचपन के प्रेमी है। अभय जब अपनी बेरोजगारी के कारण डिम्पल को अपनाने से मना कर देता है...

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आत्मज्ञान की यात्रा By atul nalavade

प्रश्नों और उत्तरों की इस श्रृंखला में, हम आत्मज्ञान के मार्ग को समझने की यात्रा पर निकलते हैं, जो वास्तविकता और स्वयं की वास्तविक प्रकृति के प्रति गहन जागृति की स्थिति है। गुरु के...

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अभिव्यक्ति.. By ADRIL

इज़ाज़त... आज मुझे ये शाम सजाने की इज़ाज़त दे दोदिल-ओ-जान तुम पर लुटानेकी इज़ाज़त दे दोमिले जो दर्द या मिले सुकून - कुबूल है हमेंकभी रिहा ना हो पाए वैसे क़ैद होनेकी इज़ाज़त दे दो क...

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एक दुआ By Seema Saxena

यह इश्क की बात है यहाँ रूह से रिश्ता बनता है,

मिले या न मिले पर अपना तो अपना ही रहता है ।

आज भी बहुत तेज बारिश हो रही थी और इसके रुकने का तो जरा भी नाम नहीं। कई दिनों से लगात...

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वशीकारिणी By Pooja Singh

" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... "

जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...

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अर्पण By Saroj Verma

रूको...राजहंसिनी!अपने कमरे में जाने से पहले ये बताओ कि कहाँ से आ रही हो?हाँस्टल की वार्डन ने राजहंसिनी से पूछा।।
जी,मैं जरा घूमने चली गई थी,राजहंसिनी बोली।।
इतने रात गए तक घूमना...

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Bunch of Stories By Devaki Singh

राहुल और अंकिता बहुत ही खुशहाल दंपति थे। दोनों ही मल्टी नैशनल कंपनी में काम करते थे।

अंकिता अपने ऑफिस के काम को लेकर बहुत ही मेहनती थी l उसकी काबलियत को देखते हुए कंपनी ने उसे द...

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ख़ाम रात By Prabodh Kumar Govil

मैंने नींद से जाग कर फ़ोन हाथ में उठाया ही था कि उस व्हाट्सएप मैसेज पर नज़र पड़ी। लिखा था- जब फ़्री हों बात करें।
मैसेज के साथ डीपी पर भी दृष्टि गई और मन ही मन तय कर लिया कि बात त...

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रंग बदलता आदमी बदनाम गिरगिट By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज के परिवेश की,धरती की आकुलता और व्यवस्था को लेकर आ रहा है एक नवीन काव्य संकलन ‘रंग बदलता आदमी- बदनाम गिरगिट’-अपने दर्दीले ह्रदय उद्वेलनों की मर्मान्तक पीड़ा को,आपके चिंतन आँगन मे...

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पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

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हिंदी सतसई परंपरा By शैलेंद्र् बुधौलिया

रबंध और मुक्तक का स्वरूप

और विशेषताएं

काव्य में एक विशेष बन्ध- एक विशिष्ट पूर्वाक्रम - की दृष्टि से उसके दो भेद स्वीकार किए गए हैं -प्रबंध और मुक्तक!

प्रबंध काव्य की रचन...

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कोड़ियाँ - कंचे By Manju Mahima

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में बूंदी से कुछ ही (41) किलोमीटर दूर जहाजपुर गाँव की हवेली में बना पोलिटेक्निक कॉलेज के सभी छात्र मुख्य द्वार बनाने की तैयारी में लगे थे, दोनों ओर स्तम्...

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शतरंज की बिसात By शिखा श्रीवास्तव

शहर की नामी पॉश कॉलोनी में यूँ तो सुबह के आगमन की सूचना ब्रांडेड ट्रैक-सूट और महँगे जूते पहनकर कानों में इयरपॉड लगाए जॉगिंग पर जाते हुए स्वयं को भद्र दिखाने की कोशिश करते स्त्री-पु...

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बहीखाता By Subhash Neerav

पहला कदम

बचपन की पहली याद के बारे में सोचती हूँ तो मुँह पर ठांय-से पड़े एक ज़ोरदार थप्पड़ की याद आ जाती है। इस थप्पड़ से पहले की कुछ यादें अवश्य हैं, पर वे सभी यादें धुँधली-सी हैं।...

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वैंपायर अटैक By anirudh Singh

रोमानिया से आने वाली स्पेशल फ्लाइट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर सुबह सुबह लैंड कर चुकी थी।

दरअसल हाल ही में दोनों देशों की सरकारो ने अपने अपने देशों की कुछ ऐतिहासिक विर...

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द लॉस्ट एस्ट्रोनॉट: स्टेप इन सन By Raghav Sharma

यह एक ऐसे एस्ट्रोनॉट की कहानी हैं जो सूर्य में जाता हैं लेकिन गलती से वहीं रह जाता है,कुछ समय बाद जब उसे कुछ और एस्ट्रोनॉट्स लेने आते हैं तब वह रहस्मयी ढंग से गायब हो चुका होता हैं...

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Murder @night By Abhishek Hada

Murder @night 1st part 3 जनवरी 2020 अनिरूद्ध मर्डर केस के मर्डरर ने अपना मुंह खोला क्या ? - इंस्पेक्टर नागेश ने थाने में आते ही हवलदार संजय से पूछा। हवलदार संजय ने उसे सैल्युट किया...

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Age Doesn't Matter in Love By Rubina Bagawan

इंदौर के एक आलीशान बंगले में सुबह की हलचल अपने चरम पर थी। रसोई में एक मिडल एज महिला बड़ी तल्लीनता से नाश्ता तैयार कर रही थी। उनका नाम था सरस्वती जोधा — एक स्नेही, समझदार और परंपराओ...

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चुडैल से प्यार By Mister Rakesh

शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...

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अनैतिक By suraj sharma

आज लॉकडॉउन खुलने के एक महीने बाद या फिर कहूँ की ६ महीने बाद मै अपनी कर्मभूमि जर्मनी जा रहा हूँ, वैसे इस जर्मनी ने मुझे बहोत कुछ दिया है. नाम, पैसा, प्यार, दोस्त और गाँव...

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यादों की अशर्फियाँ By Urvi Vaghela

में अकसर सोचती थी की अगर हम कोई अच्छा काम करे तो हमारे माता पिता एवम् परिवार वालो की कीर्ति तो बढ़ेंगी ही पर उन शिक्षको और दोस्तो का क्या जिसने भी हमारी सफलता में अमूल्य योगदान दिय...

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चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर By राज बोहरे

चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर यात्रा वृत्तांत...

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पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य By Praveen Kumrawat

पालटेराजेस्ट फेमामेना, आडिटरी हेलसिनेशन, फिजीकल ट्रांसपोजीशन, द्विजिनरी एक्सपीरियेन्स, स्प्रितिपाजेशन प्रभृति वैज्ञानिक कसौटियों पर कसे गये घटनाक्रम एवं अनुभवों द्वारा आत्मा और शरी...

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बेटी’ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

‘दो शब्दों की अपनी राहें’’

मां के आँचल की छाँव में पलता, बढ़ता एक अनजाना बचपन(भ्रूण), जो कल का पौधा बनने की अपनी अनूठी लालसा लिए, एक नवीन काव्य संकलन-‘‘बेटी’’ के रूप में, अपन...

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स्वतन्त्र  सक्सेना के विचार By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

बराबरी का सपना
स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना भारत के मध्‍य में बसा बुंदेलखण्‍ड, विध्‍याचल पर्वत व इसके बीच बहने वालीं नदियां इसकी शोभा हैं। कवि ने इसकी सीमा इन शब्‍दों में बांधी है-...

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बेमेल By Shwet Kumar Sinha

ज़िंदगी जब बदरंग और बेमेल होती है तो अपना साया तक साथ छोड़ देता है। क्या हुआ जब धनाढ्य जमींदार राजवीर सिंह की बेटियों ने अपने छोटे भाई मनोहर की मंदबुद्धि का फायदा उठाकर उसकी सारी सम्...

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मुक्त By Neeraj Sharma

कही से भी शुरू कर लीजिये आप को समझ पड़ जायेगी। ये कोई भी नकल के आधारत नहीं है, मै जिम्मेदारी लेता हुँ कि ये उपन्यास कुछ हट के है, जज्बात और भाबुक से बढ़ के कुछ जो रब करता है, हम हमेश...

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फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक By Sarvesh Saxena

मोबाइल की घंटी कब से बजे जा रही थी, मोहित हाथ धोते हुए अपने आप से बोला, “अरे भाई बस आया..” | मोबाइल उठाते ही उधर से आवाज आई, “अबे कहां रहता है तू ? कब से फोन कर रहा हूं ..” मोहित -...

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उफ्फ ये मुसीबतें By Huriya siddiqui

हम सब बहोत आम है बेहद आम दरअसल कहा जाए तो हम आम जनता हैकभी कभी तो आम खाने के भी लाले पड़ जाते हैं अरे बात बजट की आ जाती है और कभी कभी बिन बुलाए मेहमान भी आ जाते हैं जिसके चलते अपने...

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इतिहास के पन्नों से By S Sinha

माना जाता है कि दुनिया का लगभग 97 % इतिहास समय के साथ लुप्त होते गया है . इतिहास का लिखित विवरण करीब 6000 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था . इतिहास तो अनंत है फिर भी उसके पन्नों में कुछ छो...

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महान सोच By r k lal

बहुत दिनों से रुद्रांश एक मकान तलाश रहे थे । वे अपनी पत्नी रश्मि और अपने पेरेंट्स के साथ इस शहर में एक किराए के मकान में गुजारा कर रहे थे। शादी के बाद से ही रश्मि और रुद्रांश दोनो...

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पहली रात की सुहागरात By Sujata Sood

"ये चौथी लाश है इस महीने की..."

पुराने कुएं के पास खड़े ठाकुर राजवीर की आँखों में डर साफ़ झलक रहा था। गांव वाले इकट्ठा थे—हर चेहरा सहमा हुआ, जैसे अब किसी को बोलने की हिम...

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एक अनोखा रिस्ता। By Lalit Raj

"प्यार वो खुशनुमा पल होता है जिसमें हर एक व्यक्ति पूरी जिंदगी जीना चाहता है।" "कुछ रिस्ते खून के होकर भी दिल के करीब नहीं होते और कुछ रिस्ते खून के न होकर भी दिल से निभ...

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सड़कछाप By dilip kumar

सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे । गांव कोहरे और धुँध की चादर म...

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हनुमत पचासा - समीक्षा व कवित्त By Ram Bharose Mishra

'हनुमत पचासा' मान कवि कृत 50 कवित्त का संग्रह है। जो लगभग 256 वर्ष ( 256 वर्ष इसलिए क्योकि यह संस्करण अप्रैल 71 में छपा था तब उन्होंने उसे 200 वर्ष पूर्व कहा था तो 71 से...

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RUBI (The A.I. Effect) By Bhumesh Kamdi

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आसमान में डायनासौर By राज बोहरे

आसमान में डायनासौर 1 बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे यकायक हड़कंप सा मच गया था। उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!! आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरि...

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मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

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मैं ईश्वर हूँ By Satish Thakur

• 1. (ईश्वर का सम्बोधन) मैं ईश्वर हूँ, में कभी कुछ नही कहता किसी से नहीं कहता बस सुनता हूँ क्योंकि मैं ईश्वर हूँ। मेरा कोई धर्म नहीं न ही कोई जाति, और न कोई देश है, न तो में नर हू...

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असमर्थों का बल समर्थ रामदास By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

युगों-युगों से पृथ्वी पर महापुरुषों का आगमन होता आया है। उनके द्वारा ज्ञान, ध्यान, निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति से वर्तमान समाज की पात्रता बढ़ाने का कार्य निरंतरता से चलते आया है। समाज...

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रिश्ते… दिल से दिल के By Hemant Sharma “Harshul”

विनीत जी खिड़की से बाहर गिरती हुई बर्फ को देख रहे थे। शिमला का वो नज़ारा बेहद दिलकश था उसे देखकर उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई और वो बोले, "वादा किया था मैंने तुम्हें...

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महिला डॉक्टर दोस्ती और रहस्य By Abhishek Chaturvedi

डॉ. निधि शर्मा एक सफल और सम्मानित डॉक्टर थीं। वह शहर के एक बड़े अस्पताल में कार्यरत थीं और अपने पेशे में बहुत नाम कमा चुकी थीं। अपनी विशेषज्ञता और सुंदरता के लिए जानी जाने वाली निध...

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जीनी का रहस्यमय जन्म By Sohail Saifi

हम सब बच्चपन से ही अलादीन और उसके जीनी की रोमांचक कहानी बड़े चाव के साथ सुनते हैं किन्तु क्या आप जानते हैं की समान्य रूप से जीनों का रहन सहन किसी चिराग में नहीं होता बल्कि वह तो भव...

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पागल By Brijmohan sharma

वह l लगातार स्वयं से बातें करते हुए अपने तीन मंजिले मकान में बड़ी फुर्ती से ऊपर नीचे चढ़ता उतरता रहता I

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आत्मज्ञान By atul nalavade

शांति नगर नामक प्राचीन गांव में, हरे-भरे घाटियों के बीच एक आदर्श संत नामक व्यक्ति स्वामी देवानंद निवास करते थे। देवानंद ने बचपन से ही जीवन के रहस्यों में गहरी रुचि दिखाई दी थी। वह...

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रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...

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सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

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रिश्ता चिट्ठी का By Preeti

मौसम का मिज़ाज बदल रहा यहाँ! ठण्ड अपने पूरे शबाब पर है।
वहां मौसम के क्या हाल? गर्मी के कहर से छुटकारा मिला क्या?मौसम ने जितनी आहिस्ता करवट ली है उतनी ही आहिस्ता आहिस्ता मेरे जीवन...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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दृष्टिकोण By ADRIL

An intelligent person will open your mind, but a gentle person will open your heart." - मेने कही सुना था... और मेरा सवाल है की "बनना ही है हम  intelligent gentleman क्यू ना...

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ये दिल पगला कहीं का By Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का उपन्यास सारांश- ‘ये दिल पगला कहीं का’ उपन्यास कहानी है अभय और डिम्पल की। जो बचपन के प्रेमी है। अभय जब अपनी बेरोजगारी के कारण डिम्पल को अपनाने से मना कर देता है...

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आत्मज्ञान की यात्रा By atul nalavade

प्रश्नों और उत्तरों की इस श्रृंखला में, हम आत्मज्ञान के मार्ग को समझने की यात्रा पर निकलते हैं, जो वास्तविकता और स्वयं की वास्तविक प्रकृति के प्रति गहन जागृति की स्थिति है। गुरु के...

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इज़ाज़त... आज मुझे ये शाम सजाने की इज़ाज़त दे दोदिल-ओ-जान तुम पर लुटानेकी इज़ाज़त दे दोमिले जो दर्द या मिले सुकून - कुबूल है हमेंकभी रिहा ना हो पाए वैसे क़ैद होनेकी इज़ाज़त दे दो क...

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एक दुआ By Seema Saxena

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अर्पण By Saroj Verma

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जी,मैं जरा घूमने चली गई थी,राजहंसिनी बोली।।
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राहुल और अंकिता बहुत ही खुशहाल दंपति थे। दोनों ही मल्टी नैशनल कंपनी में काम करते थे।

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मैंने नींद से जाग कर फ़ोन हाथ में उठाया ही था कि उस व्हाट्सएप मैसेज पर नज़र पड़ी। लिखा था- जब फ़्री हों बात करें।
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आज के परिवेश की,धरती की आकुलता और व्यवस्था को लेकर आ रहा है एक नवीन काव्य संकलन ‘रंग बदलता आदमी- बदनाम गिरगिट’-अपने दर्दीले ह्रदय उद्वेलनों की मर्मान्तक पीड़ा को,आपके चिंतन आँगन मे...

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पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

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हिंदी सतसई परंपरा By शैलेंद्र् बुधौलिया

रबंध और मुक्तक का स्वरूप

और विशेषताएं

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प्रबंध काव्य की रचन...

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कोड़ियाँ - कंचे By Manju Mahima

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में बूंदी से कुछ ही (41) किलोमीटर दूर जहाजपुर गाँव की हवेली में बना पोलिटेक्निक कॉलेज के सभी छात्र मुख्य द्वार बनाने की तैयारी में लगे थे, दोनों ओर स्तम्...

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शतरंज की बिसात By शिखा श्रीवास्तव

शहर की नामी पॉश कॉलोनी में यूँ तो सुबह के आगमन की सूचना ब्रांडेड ट्रैक-सूट और महँगे जूते पहनकर कानों में इयरपॉड लगाए जॉगिंग पर जाते हुए स्वयं को भद्र दिखाने की कोशिश करते स्त्री-पु...

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बहीखाता By Subhash Neerav

पहला कदम

बचपन की पहली याद के बारे में सोचती हूँ तो मुँह पर ठांय-से पड़े एक ज़ोरदार थप्पड़ की याद आ जाती है। इस थप्पड़ से पहले की कुछ यादें अवश्य हैं, पर वे सभी यादें धुँधली-सी हैं।...

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वैंपायर अटैक By anirudh Singh

रोमानिया से आने वाली स्पेशल फ्लाइट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर सुबह सुबह लैंड कर चुकी थी।

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द लॉस्ट एस्ट्रोनॉट: स्टेप इन सन By Raghav Sharma

यह एक ऐसे एस्ट्रोनॉट की कहानी हैं जो सूर्य में जाता हैं लेकिन गलती से वहीं रह जाता है,कुछ समय बाद जब उसे कुछ और एस्ट्रोनॉट्स लेने आते हैं तब वह रहस्मयी ढंग से गायब हो चुका होता हैं...

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Murder @night By Abhishek Hada

Murder @night 1st part 3 जनवरी 2020 अनिरूद्ध मर्डर केस के मर्डरर ने अपना मुंह खोला क्या ? - इंस्पेक्टर नागेश ने थाने में आते ही हवलदार संजय से पूछा। हवलदार संजय ने उसे सैल्युट किया...

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Age Doesn't Matter in Love By Rubina Bagawan

इंदौर के एक आलीशान बंगले में सुबह की हलचल अपने चरम पर थी। रसोई में एक मिडल एज महिला बड़ी तल्लीनता से नाश्ता तैयार कर रही थी। उनका नाम था सरस्वती जोधा — एक स्नेही, समझदार और परंपराओ...

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चुडैल से प्यार By Mister Rakesh

शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...

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अनैतिक By suraj sharma

आज लॉकडॉउन खुलने के एक महीने बाद या फिर कहूँ की ६ महीने बाद मै अपनी कर्मभूमि जर्मनी जा रहा हूँ, वैसे इस जर्मनी ने मुझे बहोत कुछ दिया है. नाम, पैसा, प्यार, दोस्त और गाँव...

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यादों की अशर्फियाँ By Urvi Vaghela

में अकसर सोचती थी की अगर हम कोई अच्छा काम करे तो हमारे माता पिता एवम् परिवार वालो की कीर्ति तो बढ़ेंगी ही पर उन शिक्षको और दोस्तो का क्या जिसने भी हमारी सफलता में अमूल्य योगदान दिय...

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चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर By राज बोहरे

चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर यात्रा वृत्तांत...

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पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य By Praveen Kumrawat

पालटेराजेस्ट फेमामेना, आडिटरी हेलसिनेशन, फिजीकल ट्रांसपोजीशन, द्विजिनरी एक्सपीरियेन्स, स्प्रितिपाजेशन प्रभृति वैज्ञानिक कसौटियों पर कसे गये घटनाक्रम एवं अनुभवों द्वारा आत्मा और शरी...

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बेटी’ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

‘दो शब्दों की अपनी राहें’’

मां के आँचल की छाँव में पलता, बढ़ता एक अनजाना बचपन(भ्रूण), जो कल का पौधा बनने की अपनी अनूठी लालसा लिए, एक नवीन काव्य संकलन-‘‘बेटी’’ के रूप में, अपन...

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स्वतन्त्र  सक्सेना के विचार By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

बराबरी का सपना
स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना भारत के मध्‍य में बसा बुंदेलखण्‍ड, विध्‍याचल पर्वत व इसके बीच बहने वालीं नदियां इसकी शोभा हैं। कवि ने इसकी सीमा इन शब्‍दों में बांधी है-...

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बेमेल By Shwet Kumar Sinha

ज़िंदगी जब बदरंग और बेमेल होती है तो अपना साया तक साथ छोड़ देता है। क्या हुआ जब धनाढ्य जमींदार राजवीर सिंह की बेटियों ने अपने छोटे भाई मनोहर की मंदबुद्धि का फायदा उठाकर उसकी सारी सम्...

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मुक्त By Neeraj Sharma

कही से भी शुरू कर लीजिये आप को समझ पड़ जायेगी। ये कोई भी नकल के आधारत नहीं है, मै जिम्मेदारी लेता हुँ कि ये उपन्यास कुछ हट के है, जज्बात और भाबुक से बढ़ के कुछ जो रब करता है, हम हमेश...

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फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक By Sarvesh Saxena

मोबाइल की घंटी कब से बजे जा रही थी, मोहित हाथ धोते हुए अपने आप से बोला, “अरे भाई बस आया..” | मोबाइल उठाते ही उधर से आवाज आई, “अबे कहां रहता है तू ? कब से फोन कर रहा हूं ..” मोहित -...

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उफ्फ ये मुसीबतें By Huriya siddiqui

हम सब बहोत आम है बेहद आम दरअसल कहा जाए तो हम आम जनता हैकभी कभी तो आम खाने के भी लाले पड़ जाते हैं अरे बात बजट की आ जाती है और कभी कभी बिन बुलाए मेहमान भी आ जाते हैं जिसके चलते अपने...

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इतिहास के पन्नों से By S Sinha

माना जाता है कि दुनिया का लगभग 97 % इतिहास समय के साथ लुप्त होते गया है . इतिहास का लिखित विवरण करीब 6000 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था . इतिहास तो अनंत है फिर भी उसके पन्नों में कुछ छो...

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महान सोच By r k lal

बहुत दिनों से रुद्रांश एक मकान तलाश रहे थे । वे अपनी पत्नी रश्मि और अपने पेरेंट्स के साथ इस शहर में एक किराए के मकान में गुजारा कर रहे थे। शादी के बाद से ही रश्मि और रुद्रांश दोनो...

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