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  • CRAVE - 1

    एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग र...

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  • BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 1

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  • Stalker: एक सरफिरा साया - ​भाग 1

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    "अनकहा सच____""किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लप...

  • सच लिखना क्या जुर्म है?

    सच लिखना क्या जुर्म है?​आज से कुछ दिन पहले, करीब 29 सितंबर 2026 को मैंने अपने कॉ...

  • 7 Month Pyaar ke - 1

    ---*26 सितंबर*एक गुजराती लड़की, रितु पटेल। SR अकाउंटेंट, सीधी, समझदार, पर दिल से...

Fannaah: An Impossible Love Story By Neelam Panwar

Welcome to my blog....here you will get interesting love stories now start the our first story,,,,,,,,,

What is Love?

प्यार एक ऐसा अहसास है जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना...

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W22 THE Door That Should NOT Exist By Ravi Bhanushali

W-22 : The Door That Should Not Exist
SEASON 1 – “The First Crossing”
कहते हैं कुछ जगहें खाली नहीं होतीं,
बस हमारी आँखें उन्हें देख नहीं पातीं।
अरावली के जंगलों के बीच एक टूटा...

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VORTX By Suresh sondhiya

यह कहानी है हमारे ब्रह्मांड R3G7 की... एक ऐसा ब्रह्मांड जो अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था। तबाही का समय निकट था, लेकिन पृथ्वी के लोग अभी भी अनजान थे।

पृथ्वी पर सात राज्य थे, जि...

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तुमसे मोहब्बत है By Deepshikha Kedia

रात के ठीक 12 बज रहे थे।
सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।
हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस।

किसी ने घड़ी देखते हुए कहा,
“आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...

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लाल इश्क. By jagni b

बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने एयर कंडीशनर की घरघराहट ऐसी लग रही थी जैसे कोई वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें ले रहा हो। आरंभी...

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय By Prashanth B

मलनाड की सुबह हमेशा खास होती है। जब कोहरे की चादर को चीरकर सूर्य की पहली किरणें धरती पर आती हैं, तो दुनिया किसी जादुई सपने जैसी लगती है। लेकिन अर्जुन के लिए, यह एक अलग ही दुनिया थी...

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Back for Revenge By Radhika

यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सोचा है, हां मानती हूं कि इस विषय में बहुत सी कहानियां और नोवेल्स होंगी मगर फिर भी एक अलग नजरिए से इस...

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RAJPUTANA - The War of Love and Revenge. By Aarushi Singh Rajput

दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं। उनके बीच से एक सँकरा कच्चा मार्ग निकल रहा था। उसी मार्ग के किनारे एक बड़...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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चिट्ठी का इंतजार By Deepak Bundela Arymoulik

एक ज़माना था…
जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों से मापा जाता था।

उस छोटे से कस्बे की सुबह बड़ी सादी होती थी। सूरज निकलता, चूल्हों में आग जलती, और गलियों में झाड...

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राज-ए-खंडहर: श्रापित विरासत By Dev Kumar Rawat

मुंबई की चकाचौंध भरी रोशनियों के बीच, आर्यन का मन कहीं और ही भटक रहा था। वह अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर उन पुरानी तस्वीरों को ज़ूम कर रहा था जो उसे उस रहस्यमयी पीले लिफाफे में मिली थ...

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पहली तस्वीर, पहला सपना By Dimpal Limbachiya

मुझे सब याद है…

मैं अपने घर में थी।
वही घर... जहाँ की हर दीवार, हर कोना मुझे पहचानता था।
वही सोफ़ा, जिस पर मैंने पहली बार अपनी डायरी खोली थी।
वही खिड़की, जिससे मैंने कभी चाँद...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता By RAAHULL SHARMA

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न

कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था,

और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...

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मोहब्बत के वो दिन By Bikash parajuli

पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम में भाग रहे थे। Bikash अपनी कंधे पर बैग टाँगे, धीमे कदमों से कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। मिडिल-...

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विक्री By Priyosi Sarkar

2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।
मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन By Sapna Badh

सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्होने ना केवल हिन्दू ना कोई मुसलमान,का उपदेश दिया।उनका सारा जीवन मानवता और न्याय के लिए, अत्याचारी और...

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शून्य का सन्नाटा By Ravi Bhanushali

नरक का निमंत्रण (The Hell’s Invite)**

**दृश्य:** साल 2026। दुनिया कोरोना के दसवें वैरिएंट से जूझ रही है। कमांडर विक्रम एक अंधेरे कमरे में बैठा है, तभी एक होलोग्राम जलता है।

*...

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बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

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शैतानी घाटी का सफर By RAAHULL SHARMA

मुंबई का एक मशहूर कॉलेज, कैंटीन की भीड़ और दोस्तों की मस्ती। एग्जाम्स खत्म हो चुके थे और सभी के चेहरों पर छुट्टियों की खुशी थी।

राम, विनोद, सृष्टि, अनामिका, सौरभ, मेहुल और मोनिक...

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50 दिन का सन्नाटा By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।)
नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...

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पिंकू की परी. By Deepak Kumar Tiwari Deeptansh

बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...

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किडनी का तोह्फ़ा By S Sinha

रोमित और जूली दोनों दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बी.टेक के अंतिम वर्ष में थे . दोनों ही उच्च मध्यम वर्ग के परिवार की संतानें थीं . रोमित का परिवार दिल्ली में ही रहता थ...

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Maharana Pratap By Aarushi Singh Rajput

एक बड़े मेले के भीड़-भाड़ वाले प्रांगण के भीतर एक विशाल कक्ष सजा हुआ था। वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे। सामने, एक सोने-ओसके सिंहासन पर लगभग सोलह–सत्रह वर्ष का एक लड़का बैठा था; जलालु...

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Star Sentinals By Ravi Bhanushali

शीर्षक: स्टार-सेंटिनल्स: वल्चर के बाद[दृश्य 1 – शोक की धरती]वल्चर की शहादत के बाद शहर की रातें और भी लंबी हो गई थीं। टूटी हुई मूर्ति के सामने मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हवा में एक अजी...

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अधूरी धुन By Avinash

शहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ईंटों की दीवारें, पीली मद्धम रोशनी और हवा में तैरती ताज़ा पिसी...

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The Billionaire Werewolf's Obsession By Sipra Mohanty

"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के बीचों-बीच खड़ी थी। उसके नन्हे पाँव कीचड़ में...

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प्यार का जाल By Ritu kumari

अनजानी मुलाकात
लखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के एक छोटे और शांत कैफे में मंद-मंद संगीत बज रहा था और बाहर की बूंदों की आहट कांच की खिड़कियों पर साफ़ सुनाई द...

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट By RAAHULL SHARMA

बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...

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अनंत के उस पार. By Shivam Dalvadi

अनंत के उस पार

पति की रहस्यमयी मृत्यु के बाद मीरा नीलगढ़ लौटती है, लेकिन वहाँ उसे बदलती तस्वीरें, रहस्यमयी डायरी और ऐसे संकेत मिलते हैं जो उसकी पूरी पहचान पर सवाल खड़े कर देते ह...

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Salmon Demon By Vedant Kana

पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...

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बिसात का आखिरी मोहरा By Aarti Garval

रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...

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पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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वो गाँव जो हर रात गायब हो जाता था By wow mission successful

जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में एक गाँव था—भैरवपुर।नक्शे में उसका नाम था।सरकारी कागजों में उसका नाम था।वहाँ रहने वाले लोगों के राशन कार्ड, ज...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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प्यार की परीभाषा By Rishav raj

ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...

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पंछी का पिंजरा By Anil Kundal

हमारे घर से कुछ ही दूरी पर रेल की कुछेक पटरियां थीं और जिन पर ना जाने कौन कौन सी कितनी ट्रेनें हर वक्त बेवक्त गुजरती रहती थीं। सुबह सबेरे और आधी रात के वक्त के गुजरने के बाद ही...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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खोटा सिक्का By prem chand hembram

खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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अवनि एक अटूट विश्वास By RAAHULL SHARMA

कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है।

यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...

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PLATFORM By Sagar Joshi

आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के बीच दबा हुआ—“बस 2 मिनट… मैं train में हूँ… भेज दूँगा।”दरवाज़े बंद होने लगे।व...

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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तुम और मैं By Priya Chaudhary

हर किसी की जिंदगी में एक ऐसा इंसान होता है, जो सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक एहसास होता है। एक ऐसी रूह, जो आपकी धड़कनों में बसती है, आपकी मुस्कुराहट की वजह बनती है और आपके वजूद का अभ...

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दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

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महिमा: शक्तिशाली तलवार By Ashish Taak

यह कहानी है राघव की….

जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...

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The Last Promise By CHIRANJIT TEWARY

धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अ...

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अनकही By Dewy Rose

हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा सा बैग था, हाथ में एक किताब, और आँखों में एक ऐसी थकान जो सालों की नहीं, जन्मों की लगती थी। उसकी म...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड By devil

शिवपुर।
एक ऐसा शहर…
जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।
यहाँ लोग नाम से नहीं, गिरोह से पहचाने जाते थे।
कानून सिर्फ दीवारों पर टंगे पोस्टरों में जिंदा...

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Fannaah: An Impossible Love Story By Neelam Panwar

Welcome to my blog....here you will get interesting love stories now start the our first story,,,,,,,,,

What is Love?

प्यार एक ऐसा अहसास है जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना...

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W22 THE Door That Should NOT Exist By Ravi Bhanushali

W-22 : The Door That Should Not Exist
SEASON 1 – “The First Crossing”
कहते हैं कुछ जगहें खाली नहीं होतीं,
बस हमारी आँखें उन्हें देख नहीं पातीं।
अरावली के जंगलों के बीच एक टूटा...

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VORTX By Suresh sondhiya

यह कहानी है हमारे ब्रह्मांड R3G7 की... एक ऐसा ब्रह्मांड जो अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था। तबाही का समय निकट था, लेकिन पृथ्वी के लोग अभी भी अनजान थे।

पृथ्वी पर सात राज्य थे, जि...

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तुमसे मोहब्बत है By Deepshikha Kedia

रात के ठीक 12 बज रहे थे।
सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।
हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस।

किसी ने घड़ी देखते हुए कहा,
“आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...

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लाल इश्क. By jagni b

बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने एयर कंडीशनर की घरघराहट ऐसी लग रही थी जैसे कोई वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें ले रहा हो। आरंभी...

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय By Prashanth B

मलनाड की सुबह हमेशा खास होती है। जब कोहरे की चादर को चीरकर सूर्य की पहली किरणें धरती पर आती हैं, तो दुनिया किसी जादुई सपने जैसी लगती है। लेकिन अर्जुन के लिए, यह एक अलग ही दुनिया थी...

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Back for Revenge By Radhika

यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सोचा है, हां मानती हूं कि इस विषय में बहुत सी कहानियां और नोवेल्स होंगी मगर फिर भी एक अलग नजरिए से इस...

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RAJPUTANA - The War of Love and Revenge. By Aarushi Singh Rajput

दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं। उनके बीच से एक सँकरा कच्चा मार्ग निकल रहा था। उसी मार्ग के किनारे एक बड़...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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चिट्ठी का इंतजार By Deepak Bundela Arymoulik

एक ज़माना था…
जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों से मापा जाता था।

उस छोटे से कस्बे की सुबह बड़ी सादी होती थी। सूरज निकलता, चूल्हों में आग जलती, और गलियों में झाड...

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राज-ए-खंडहर: श्रापित विरासत By Dev Kumar Rawat

मुंबई की चकाचौंध भरी रोशनियों के बीच, आर्यन का मन कहीं और ही भटक रहा था। वह अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर उन पुरानी तस्वीरों को ज़ूम कर रहा था जो उसे उस रहस्यमयी पीले लिफाफे में मिली थ...

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पहली तस्वीर, पहला सपना By Dimpal Limbachiya

मुझे सब याद है…

मैं अपने घर में थी।
वही घर... जहाँ की हर दीवार, हर कोना मुझे पहचानता था।
वही सोफ़ा, जिस पर मैंने पहली बार अपनी डायरी खोली थी।
वही खिड़की, जिससे मैंने कभी चाँद...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता By RAAHULL SHARMA

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न

कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था,

और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...

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मोहब्बत के वो दिन By Bikash parajuli

पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम में भाग रहे थे। Bikash अपनी कंधे पर बैग टाँगे, धीमे कदमों से कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। मिडिल-...

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विक्री By Priyosi Sarkar

2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।
मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन By Sapna Badh

सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्होने ना केवल हिन्दू ना कोई मुसलमान,का उपदेश दिया।उनका सारा जीवन मानवता और न्याय के लिए, अत्याचारी और...

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शून्य का सन्नाटा By Ravi Bhanushali

नरक का निमंत्रण (The Hell’s Invite)**

**दृश्य:** साल 2026। दुनिया कोरोना के दसवें वैरिएंट से जूझ रही है। कमांडर विक्रम एक अंधेरे कमरे में बैठा है, तभी एक होलोग्राम जलता है।

*...

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बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

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शैतानी घाटी का सफर By RAAHULL SHARMA

मुंबई का एक मशहूर कॉलेज, कैंटीन की भीड़ और दोस्तों की मस्ती। एग्जाम्स खत्म हो चुके थे और सभी के चेहरों पर छुट्टियों की खुशी थी।

राम, विनोद, सृष्टि, अनामिका, सौरभ, मेहुल और मोनिक...

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50 दिन का सन्नाटा By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।)
नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...

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पिंकू की परी. By Deepak Kumar Tiwari Deeptansh

बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...

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किडनी का तोह्फ़ा By S Sinha

रोमित और जूली दोनों दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बी.टेक के अंतिम वर्ष में थे . दोनों ही उच्च मध्यम वर्ग के परिवार की संतानें थीं . रोमित का परिवार दिल्ली में ही रहता थ...

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Maharana Pratap By Aarushi Singh Rajput

एक बड़े मेले के भीड़-भाड़ वाले प्रांगण के भीतर एक विशाल कक्ष सजा हुआ था। वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे। सामने, एक सोने-ओसके सिंहासन पर लगभग सोलह–सत्रह वर्ष का एक लड़का बैठा था; जलालु...

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Star Sentinals By Ravi Bhanushali

शीर्षक: स्टार-सेंटिनल्स: वल्चर के बाद[दृश्य 1 – शोक की धरती]वल्चर की शहादत के बाद शहर की रातें और भी लंबी हो गई थीं। टूटी हुई मूर्ति के सामने मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हवा में एक अजी...

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अधूरी धुन By Avinash

शहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ईंटों की दीवारें, पीली मद्धम रोशनी और हवा में तैरती ताज़ा पिसी...

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The Billionaire Werewolf's Obsession By Sipra Mohanty

"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के बीचों-बीच खड़ी थी। उसके नन्हे पाँव कीचड़ में...

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प्यार का जाल By Ritu kumari

अनजानी मुलाकात
लखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के एक छोटे और शांत कैफे में मंद-मंद संगीत बज रहा था और बाहर की बूंदों की आहट कांच की खिड़कियों पर साफ़ सुनाई द...

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट By RAAHULL SHARMA

बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...

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अनंत के उस पार. By Shivam Dalvadi

अनंत के उस पार

पति की रहस्यमयी मृत्यु के बाद मीरा नीलगढ़ लौटती है, लेकिन वहाँ उसे बदलती तस्वीरें, रहस्यमयी डायरी और ऐसे संकेत मिलते हैं जो उसकी पूरी पहचान पर सवाल खड़े कर देते ह...

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Salmon Demon By Vedant Kana

पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...

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बिसात का आखिरी मोहरा By Aarti Garval

रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...

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पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

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वो गाँव जो हर रात गायब हो जाता था By wow mission successful

जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में एक गाँव था—भैरवपुर।नक्शे में उसका नाम था।सरकारी कागजों में उसका नाम था।वहाँ रहने वाले लोगों के राशन कार्ड, ज...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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प्यार की परीभाषा By Rishav raj

ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...

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पंछी का पिंजरा By Anil Kundal

हमारे घर से कुछ ही दूरी पर रेल की कुछेक पटरियां थीं और जिन पर ना जाने कौन कौन सी कितनी ट्रेनें हर वक्त बेवक्त गुजरती रहती थीं। सुबह सबेरे और आधी रात के वक्त के गुजरने के बाद ही...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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खोटा सिक्का By prem chand hembram

खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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अवनि एक अटूट विश्वास By RAAHULL SHARMA

कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है।

यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...

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PLATFORM By Sagar Joshi

आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के बीच दबा हुआ—“बस 2 मिनट… मैं train में हूँ… भेज दूँगा।”दरवाज़े बंद होने लगे।व...

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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तुम और मैं By Priya Chaudhary

हर किसी की जिंदगी में एक ऐसा इंसान होता है, जो सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक एहसास होता है। एक ऐसी रूह, जो आपकी धड़कनों में बसती है, आपकी मुस्कुराहट की वजह बनती है और आपके वजूद का अभ...

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दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

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महिमा: शक्तिशाली तलवार By Ashish Taak

यह कहानी है राघव की….

जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...

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The Last Promise By CHIRANJIT TEWARY

धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अ...

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अनकही By Dewy Rose

हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा सा बैग था, हाथ में एक किताब, और आँखों में एक ऐसी थकान जो सालों की नहीं, जन्मों की लगती थी। उसकी म...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड By devil

शिवपुर।
एक ऐसा शहर…
जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।
यहाँ लोग नाम से नहीं, गिरोह से पहचाने जाते थे।
कानून सिर्फ दीवारों पर टंगे पोस्टरों में जिंदा...

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