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    शाम के ढलते ही जब आँगन में पुरानी साइकिल की वही जानी-पहचानी चैन की आवाज़ गूँजती,...

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आइलैंड ऑफ द् वैम्पायर्स By pratibha singh

जोर्गा, स्टार्क , लिंडा और इसाबेल ये चारों अलग अलग जगहों से आये थे पर इनका मकसद एक था दुनिया घूमना । जोर्गा जर्मन था वो जर्मनी के म्यूनिख से आया था और स्टार्क अमेरिकन ,ऑहियो का रहन...

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स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

कहानी स्मृति की पोटली होती है| जो कुछ घट चुका है उसमें से काम की बातें छाँटने का सिलसिला कहानीकार के मन में निरंतर चलता रहता है| सार-तत्व को ग्रहण कर और थोथे को उड़ाते हुए सजग कहानी...

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ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

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वसुंधरा गाँव By Sohail K Saifi

एक 12 वर्ष का बालक डरा सहमा खुद को एक अंधेरे स्टोर रूम बन्द करके बैठा है। उससे देख कर पता लगता है। वो किसी के भय से छुपा बैठा है। थोड़ी देर के बाद वहां बेहद शांति हो गई थी। बालक को...

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राधारमण वैद्य-भारतीय संस्कृति और बुन्देलखण्ड By राजनारायण बोहरे

भारतीय संस्कृति और भक्तिराधारमण वैद्य आचारमूलाः जातिः स्यादाचारः शास्त्रमूलकः। वेदवाक्यं शास्त्रमूलं वेदः साधकमूलकः।। क्रियामूलं साधकश्च क्रियापि फलमूलिका। फलमूलं सुखं चैव सुखमाननन...

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नागिन - का इंतकाम By Appa Jaunjat

काहाणी शुरु करते हे हम ऐसी काहाणी लेकर आए हे जो आपने कभी भी नहीं सोनी होगी ‌‌‌तो काहाणी शुरु करते हे एक मंदिर के पास एक लडकी आती है और बोलती हे शिवजी मुझे बचाए तब वाहा उसका पती आता...

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तक़दीर का खेल By Aarushi Varma

कूंज विला..... मूंबई... सावित्री :- जगदीश, अनिल, भावना, सुरेखा..... सारी तैयारी हो गई ना? (सावित्री खुश होकर पुछती है.) ( इस कुंज विला में रहता है गुजरात से आकर बसा हुआ मेहता परिवा...

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सोलहवाँ साल By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक...

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अंत... एक नई शुरुआत By निशा शर्मा

कभी किसी नें कहा था मुझसे कि हर एक अंत एक नई शुरुआत का सूचक होता है मगर ये कितना सच है और कितना झूठ,ये तो मैं स्वयं भी नहीं जानती ! अब आपका अगला सवाल कि आखिर ये मुझसे किसने कहा था...

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बच्चों को सुनाएँ By r k lal

बच्चों को सुनाएँ – 1 “कुरूप सुषमा” आर० के० लाल एक गाँव की लड़की की यह कहानी है जो बहुत सुंदर नहीं थी । उसका नाम सुषमा था । सुषमा बड़ी साधारण सी लड़की थी । उसका रंग...

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अधूरा पहला प्यार By Kishanlal Sharma

मनोहर दुकान से घर लौटा तो उसकी नज़र फर्श पर पड़े लिफाफे पर पड़ी।लिफाफा देखकर वह चोंका।आज अचानक किसका पत्र आ गया।शारदा का तो हो नही सकता।विदेश से आने वाले लिफाफे को तो दूर से ही पहचाना...

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देस बिराना By Suraj Prakash

24 सितम्बर, 1992। कैलेंडर एक बार फिर वही महीना और वही तारीख दर्शा रहा है। सितम्बर और 24 तारीख। हर साल यही होता है। यह तारीख मुझे चिढ़ाने, परेशान करने और वो सब याद दिलाने के लिए मेर...

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अकेली By Ratna Pandey

मोहन और शालू हर रोज़ सुबह अपनी तीन पहियों की साइकिल लेकर कचरा बीनने जाते थे। उसी से उनकी जीविका चलती थी। गाड़ी भले ही कचरे की हो पर वह अपनी गाड़ी को बड़ा ही सजा कर रखते थे। जैसे-जै...

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मुखौटा By S Bhagyam Sharma

यह उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका वासंती की लिखी हुई है। इस उपन्यास में यह बताया गया है कि हम सब अपने चेहरों को वैसे का वैसा दूसरों के सामने नहीं दिखाते पर उसके ऊपर एक मुखौटा लाल लेते हैं...

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नक्षत्र कैलाश के By Madhavi Marathe

हमारी सॄष्टी एक असीम नैसर्गिक और परा नैसर्गिक शक्तियों का सागर हैं। अगर उन शक्तियों को जानना हो, महसूस करना हो, तो उनके सान्निध्य में जाना अत्यंत आवश्यक हैं। केवल कल्पनासे हम उन शक...

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BOYS school WASHROOM By Akash Saxena "Ansh"

ठक ठक ठक...ठक ठक ठक... दरवाज़े पर ज़ोर से आहट होती है,विहान!विहान...स्कूल बस आती ही होगी 7 बज चुके हैं क्या कर रहे हो,आज फिर देर करोगे क्या?विहान की माँ( प्रज्ञा) उसे आवाज़ लगातीहै।वि...

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Rebirth Of My Rowdy Wife By Vedika Awasthi

आह! यह दर्द हो रहा है ये क्या है मेरे साथ क्या हो रहा हैं। मुझे क्यो इतना दर्द हो रहा है। हा मैं याद कर रही हूं जब मैं अपने boyfriend के पास जा रही थी। मेरी बहन के साथ मेरे ex boyf...

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THEY SAID IT By CHHATRA PAL VERMA

रीतिकालीन दरबारी कवि “बिहारी” ने शृंगार रस से ओत-प्रोत सात सौ दोहों की रचना की थी, जिसे “बिहारी सतसई” नाम से जाना जाता है, जिसके बारे में लोकगाथा है-

‘सतसैया के दोहरे, ज्यों नाव...

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वो तुम थे??? By Darshana

सर सर्र की आवाज़ से तूफानी हवाओं की बढ़ती गति से और काले बादलों में चांद के बार बार छिप जाने से माहौल और डरावना हो गया है। चांद के साथ जैसे रात को भी ग्रहण लग गया है। न्यूज़ में सा...

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जिंदगी मेरे घर आना By Rashmi Ravija

दो दिनों की लगातार बारिश के बाद चैंधियाती धूप निखरी थी. सफेद कमीज और लाल स्कर्ट में सजी बच्चियों की चहचहाहट से मैंदान गूंज रहा था। नेहा को अपने केबिन में बैठे इन सबकी प्यारी-प्यारी...

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बिखरते सपने By Goodwin Masih

बिखरते सपने उपन्यास के बारे में बिखरते सपने, एक ऐसी लड़की स्नेहा की कहानी है, जिसके पापा आधुनिक युग में भी निहायत ही रूढंीवादी और संकुचित विचारों के थे। वह स्नेहा को सिर्फ एक लड़की ह...

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पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन By Kishanlal Sharma

सूरज ढल रहा था।ढलते सूरज की तिरक्षी किरणें नदी के बहते पानी मे पड़ रही थी।अनुपम नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठा बहते हुए पानी को देख रहा था।जब भी उसका मन करता वह यहां आकर बैठ जाता था...

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दीप शिखा By S Bhagyam Sharma

जो अपने ख्यालों को ही जीवन समझ लेता है उसका जीवन भी एकविचार ही बन कर रह जाता है उसमें कोई स्वाद या पूर्णता कहाँ से आएगी? संसार में आकर भी इस संसार को अपने से अलग समझें तो पूर्णता क...

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राज-सिंहासन By Saroj Verma

सूरजगढ़ के राजा सोनभद्र अपने कक्ष में अत्यधिक चिन्तित अवस्था में टहल रहें हैं,उनके मस्तिष्क की सिलवटें बता रहीं हैं कि उन्हें किसी घोर चिन्ता ने आ घेरा है,तभी उनके महामंत्री भानसिंह...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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भारत के मशहूर समुद्री तट By Vinay kuma singh

भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां समुद्र की हजारों किलोमीटर की तट रेखा है। भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा विशाल प्रायद्वीप है और इसका समुद्र तट लम्बा है जो 7500 किलोमीटर से अधिक फैला...

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बेस्ट फ्रेंड By SURENDRA ARORA

बेस्ट फ्रेंड सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा (1) 1. चमक अभी निकलेगी क्या ? पूछ क्यों रही है, ये तो रोज का ही रूटीन है। आज रहने दे न यार ! तुझे नहीं जाना क्या ? आज मन नहीं है...

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नैनं छिन्दति शस्त्राणि By DrPranava Bharti

इस बात को अब तो लगभग 24 वर्ष हो गए हैं जब मैं ‘इसरो’ की सरकारी योजना के अंतर्गत ‘अब झाबुआ जाग उठा’ सीरियल का लेखन कर रही थी | यह पुस्तककार में जयपुर के प्रतिष्ठित ‘बोधि प्रकाशन ‘से...

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दुनिया का सबसे बड़ा चोर By Mister Rakesh

रात के घने अंधेरे में, जब दुनिया सो रही होती, एक रहस्यमयी शख्स जागता था। उसका नाम था **वरुण **—एक ऐसा चोर, जो सिर्फ एक शहर या देश में नहीं, बल्कि **एक दुनिया से दूसरी दुनिया में चो...

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डेफोड़िल्स ! By DrPranava Bharti

डेफोड़िल्स ! - 1

तेरे झरने से पहले



समर्पित

नेह को, स्नेह को

डेफोड़िल्स ही क्यों ?

यह प्रश्न अवश्य मस्तिष्क में आया होगा दिलो-दिमाग को सताया होगा आख़िर जब इतने खूबस...

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तेरी कुर्बत में By ARUANDHATEE GARG मीठी

संचिता जो कि 12थ क्लास में पढ़ने वाली लड़की है । छुट्टी की असमेंबली में खड़ी , एक लड़के को देख रही थी । असेंबली खत्म होते ही , वो उस लड़के के पास आई , जो लगभग नींद में चल रहा था ।...

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आधी दुनिया का पूरा सच By Dr kavita Tyagi

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 1. रानी प्रतिदिन अपनी बेटी लाली को अपनी आपबीती कहानी का एक छोटा अंश सुनाती थी और बीच-बीच में उस अंश से सम्बन्धित कई प्रश्न पूछकर उसकी स्मरण शक्ति तथ...

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जो घर फूंके अपना By Arunendra Nath Verma

जो घर फूंके अपना 1 चीनी हमले से लुप्त हुई फ़ौजी जीवन की मीठास उन्नीस सौ बासठ में भारत पर चीनी आक्रमण के लिए भारतीय सेनायें कतई तैयार नहीं थीं. चीनी थलसेना ने भारतीय थलसेना पर एक-एक...

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अनजान रिश्ता By suraj sharma

बरसात की रात थी, पूरे गांव को मानो खामोशी ने अपने आगोश में लिया हुआ था !! बारिश की बूंदों की आवाज़ तो मानो ऐसे आ रही थी जैसी किसी लड़की के पांव के पायल की छम छम …….इसी आ...

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लारा - (एक प्रेम कहानी ) By रामानुज दरिया

सोमा एक छोटे से गाँव में रहने वाली एक सिम्पल सी लड़की है..... उसने बाहर की दुनिया नहीं देखी है वो घर पर ही रहती है गाँव में कोई सुविधा ना मिल पाने की वजह से उसकी पढ़ाई अधूरी रह गई...

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मेरी मिट्टी मेरा खेत By ARUANDHATEE GARG मीठी

ये कहानी है एक किसान की , उसके संघर्ष की , उसके सब्र की और उसके इम्तिहानों की .…....।

गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी में पांच एकड़ का खेत था , जो कि रामलाल का था । खेत में बैठा रा...

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देखो भारत की तस्वीर By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन अनुनादों के संग में,धर्म धरा पर,पावन धरती।

नद-नादी संगीत सुभेरी,जीवन को अल्हादित करती।

थोड़ा सा अवलोकन कर लो,यहाँ पर आकर मेरे भाई।

भारत को ही स्वर्ग बनाती,पंचमहल की प...

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हनुमत पचासा - समीक्षा व कवित्त By Ram Bharose Mishra

'हनुमत पचासा' मान कवि कृत 50 कवित्त का संग्रह है। जो लगभग 256 वर्ष ( 256 वर्ष इसलिए क्योकि यह संस्करण अप्रैल 71 में छपा था तब उन्होंने उसे 200 वर्ष पूर्व कहा था तो 71 से...

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तस्वीर का सच By Saroj Verma

अच्छा तो बच्चों कैसा लगा घर? समीर ने सारांश और कृतज्ञता से पूछा।। घर तो बहुत ही अच्छा है पापा लेकिन आपको नहीं लगता कि शहर से थोड़ा दूर है,सारांश ने अपने पापा समीर से कहा।। हां दूर...

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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा By SUNIL ANJARIA

मेरे मार्गदर्शन में हमारा यह म्यूजीक ग्रुप गुजरात के जूनागढ़ शहर में आयोजित एक ख्यातनाम संगीत स्पर्धा में प्रत्याशी बनकर आया है। आज मेरी टीम के सभी कलाकार आने के बाद तुरंत हम सब रिह...

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पुस्तकें By DrPranava Bharti

ज़िंदगी की उलझनों के दिन-रात, शामें बँट जाती हैं शब्दों में, चुप्पी साधी नहीं जा सकती यदि कोई संवेदनशील हो --कसमसाते हुए दिनों की आहट उसे परेशान करती ही तो रहती है जब तक भावों का पु...

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नशे की रात By Ratna Pandey

अनामिका एक मध्यम वर्गीय परिवार की बहुत ही खूबसूरत लड़की थी। उसके पापा अरुण और मम्मी वैभवी ने सीमित साधनों में भी उसे बड़े ही लाड़-प्यार से पाला था। वह सिविल इंजीनियर थी, उसने ख़ूब...

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पहली रात की सुहागरात By Sujata Sood

"ये चौथी लाश है इस महीने की..."

पुराने कुएं के पास खड़े ठाकुर राजवीर की आँखों में डर साफ़ झलक रहा था। गांव वाले इकट्ठा थे—हर चेहरा सहमा हुआ, जैसे अब किसी को बोलने की हिम...

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भय का कहर.. By Abhishek Chaturvedi

गॉंव के किनारे पर स्थित एक प्राचीन हवेली थी, जिसे लोग "अन्धकार का किला" कहते थे। यह हवेली घने जंगल के बीचोबीच स्थित थी, जहां दिन में भी सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती थी। इस हव...

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प्रेमशास्त्र By Vaidehi Vaishnav

यमुना नदी के किनारें बसा - वृन्दावन नाम लेते ही ऐसा लगता जैसे जिव्हा पर शहद घुल गया हों। मिश्री सी मीठी यादें और उन यादों में माखन से नरम ह्रदय वालें प्यारे बृजवासी , फुलों सी कोमल...

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राज घराने की दावत..... By puja

अजगर करे ना चाकरी,पंछी करे न काम,दास मलूका कह गए,सबके दाता राम.....

सेठ मतकू राम अंदर आते हुए अपने पेट पर हाथ फेरते हुए यह कहता है..

तभी अंदर से आवाज आती है कोई नई ताजी खबर...

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बुनियाद By Kishanlal Sharma

बीसवीं सदी की शुरुआत का एक दिन।एक समुद्री जहाज इंग्लैंड से अमेरिका के लिए रवाना हुआ।इस जहाज में सौ लोग सवार थे।जिनमें डेविड और उसकी पत्नी मारिया भी थी।जहाज रास्ते मे पड़ने वाले बंदर...

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ख़्वाबों की क़ीमत By Khushi Saifi

कभी कभी ख्वाब देखना एक जुर्म बन जाता है, अवनि और सौरभ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.. उन्हें अपने ख़्वाबों की क्या क़ीमत चुकानी पड़ी, पढ़िए ख़्वाबों की क़ीमत - Khushi Saifi

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दरिंदा By Ratna Pandey

प्रिया के घर के सामने वाले खाली घर में महीनों से सन्नाटा पसरा था। उस घर के आँगन में धूल से नहाये हुए पत्ते, हवा के साथ यहाँ से वहाँ उड़ते नज़र आते थे। जगह-जगह पत्तों के छोटे-छोटे ढ...

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हाए मेरा वो पहला वाला प्यार By Mehul Pasaya

नमस्ते दोस्तो हम एक बार फिर लेकर आ गए हैl और कहानी है राहुल, शिवानी, और जीया की। तो चलिए शुरू करते है।

राहुल बोला - " मां मां कहा हो यार क्या कर रही हो। इतनी क्यू लग गई। नाश...

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आइलैंड ऑफ द् वैम्पायर्स By pratibha singh

जोर्गा, स्टार्क , लिंडा और इसाबेल ये चारों अलग अलग जगहों से आये थे पर इनका मकसद एक था दुनिया घूमना । जोर्गा जर्मन था वो जर्मनी के म्यूनिख से आया था और स्टार्क अमेरिकन ,ऑहियो का रहन...

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स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

कहानी स्मृति की पोटली होती है| जो कुछ घट चुका है उसमें से काम की बातें छाँटने का सिलसिला कहानीकार के मन में निरंतर चलता रहता है| सार-तत्व को ग्रहण कर और थोथे को उड़ाते हुए सजग कहानी...

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ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

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वसुंधरा गाँव By Sohail K Saifi

एक 12 वर्ष का बालक डरा सहमा खुद को एक अंधेरे स्टोर रूम बन्द करके बैठा है। उससे देख कर पता लगता है। वो किसी के भय से छुपा बैठा है। थोड़ी देर के बाद वहां बेहद शांति हो गई थी। बालक को...

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राधारमण वैद्य-भारतीय संस्कृति और बुन्देलखण्ड By राजनारायण बोहरे

भारतीय संस्कृति और भक्तिराधारमण वैद्य आचारमूलाः जातिः स्यादाचारः शास्त्रमूलकः। वेदवाक्यं शास्त्रमूलं वेदः साधकमूलकः।। क्रियामूलं साधकश्च क्रियापि फलमूलिका। फलमूलं सुखं चैव सुखमाननन...

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नागिन - का इंतकाम By Appa Jaunjat

काहाणी शुरु करते हे हम ऐसी काहाणी लेकर आए हे जो आपने कभी भी नहीं सोनी होगी ‌‌‌तो काहाणी शुरु करते हे एक मंदिर के पास एक लडकी आती है और बोलती हे शिवजी मुझे बचाए तब वाहा उसका पती आता...

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तक़दीर का खेल By Aarushi Varma

कूंज विला..... मूंबई... सावित्री :- जगदीश, अनिल, भावना, सुरेखा..... सारी तैयारी हो गई ना? (सावित्री खुश होकर पुछती है.) ( इस कुंज विला में रहता है गुजरात से आकर बसा हुआ मेहता परिवा...

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सोलहवाँ साल By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक...

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अंत... एक नई शुरुआत By निशा शर्मा

कभी किसी नें कहा था मुझसे कि हर एक अंत एक नई शुरुआत का सूचक होता है मगर ये कितना सच है और कितना झूठ,ये तो मैं स्वयं भी नहीं जानती ! अब आपका अगला सवाल कि आखिर ये मुझसे किसने कहा था...

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बच्चों को सुनाएँ By r k lal

बच्चों को सुनाएँ – 1 “कुरूप सुषमा” आर० के० लाल एक गाँव की लड़की की यह कहानी है जो बहुत सुंदर नहीं थी । उसका नाम सुषमा था । सुषमा बड़ी साधारण सी लड़की थी । उसका रंग...

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अधूरा पहला प्यार By Kishanlal Sharma

मनोहर दुकान से घर लौटा तो उसकी नज़र फर्श पर पड़े लिफाफे पर पड़ी।लिफाफा देखकर वह चोंका।आज अचानक किसका पत्र आ गया।शारदा का तो हो नही सकता।विदेश से आने वाले लिफाफे को तो दूर से ही पहचाना...

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देस बिराना By Suraj Prakash

24 सितम्बर, 1992। कैलेंडर एक बार फिर वही महीना और वही तारीख दर्शा रहा है। सितम्बर और 24 तारीख। हर साल यही होता है। यह तारीख मुझे चिढ़ाने, परेशान करने और वो सब याद दिलाने के लिए मेर...

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अकेली By Ratna Pandey

मोहन और शालू हर रोज़ सुबह अपनी तीन पहियों की साइकिल लेकर कचरा बीनने जाते थे। उसी से उनकी जीविका चलती थी। गाड़ी भले ही कचरे की हो पर वह अपनी गाड़ी को बड़ा ही सजा कर रखते थे। जैसे-जै...

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मुखौटा By S Bhagyam Sharma

यह उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका वासंती की लिखी हुई है। इस उपन्यास में यह बताया गया है कि हम सब अपने चेहरों को वैसे का वैसा दूसरों के सामने नहीं दिखाते पर उसके ऊपर एक मुखौटा लाल लेते हैं...

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नक्षत्र कैलाश के By Madhavi Marathe

हमारी सॄष्टी एक असीम नैसर्गिक और परा नैसर्गिक शक्तियों का सागर हैं। अगर उन शक्तियों को जानना हो, महसूस करना हो, तो उनके सान्निध्य में जाना अत्यंत आवश्यक हैं। केवल कल्पनासे हम उन शक...

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BOYS school WASHROOM By Akash Saxena "Ansh"

ठक ठक ठक...ठक ठक ठक... दरवाज़े पर ज़ोर से आहट होती है,विहान!विहान...स्कूल बस आती ही होगी 7 बज चुके हैं क्या कर रहे हो,आज फिर देर करोगे क्या?विहान की माँ( प्रज्ञा) उसे आवाज़ लगातीहै।वि...

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Rebirth Of My Rowdy Wife By Vedika Awasthi

आह! यह दर्द हो रहा है ये क्या है मेरे साथ क्या हो रहा हैं। मुझे क्यो इतना दर्द हो रहा है। हा मैं याद कर रही हूं जब मैं अपने boyfriend के पास जा रही थी। मेरी बहन के साथ मेरे ex boyf...

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THEY SAID IT By CHHATRA PAL VERMA

रीतिकालीन दरबारी कवि “बिहारी” ने शृंगार रस से ओत-प्रोत सात सौ दोहों की रचना की थी, जिसे “बिहारी सतसई” नाम से जाना जाता है, जिसके बारे में लोकगाथा है-

‘सतसैया के दोहरे, ज्यों नाव...

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वो तुम थे??? By Darshana

सर सर्र की आवाज़ से तूफानी हवाओं की बढ़ती गति से और काले बादलों में चांद के बार बार छिप जाने से माहौल और डरावना हो गया है। चांद के साथ जैसे रात को भी ग्रहण लग गया है। न्यूज़ में सा...

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जिंदगी मेरे घर आना By Rashmi Ravija

दो दिनों की लगातार बारिश के बाद चैंधियाती धूप निखरी थी. सफेद कमीज और लाल स्कर्ट में सजी बच्चियों की चहचहाहट से मैंदान गूंज रहा था। नेहा को अपने केबिन में बैठे इन सबकी प्यारी-प्यारी...

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बिखरते सपने By Goodwin Masih

बिखरते सपने उपन्यास के बारे में बिखरते सपने, एक ऐसी लड़की स्नेहा की कहानी है, जिसके पापा आधुनिक युग में भी निहायत ही रूढंीवादी और संकुचित विचारों के थे। वह स्नेहा को सिर्फ एक लड़की ह...

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पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन By Kishanlal Sharma

सूरज ढल रहा था।ढलते सूरज की तिरक्षी किरणें नदी के बहते पानी मे पड़ रही थी।अनुपम नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठा बहते हुए पानी को देख रहा था।जब भी उसका मन करता वह यहां आकर बैठ जाता था...

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दीप शिखा By S Bhagyam Sharma

जो अपने ख्यालों को ही जीवन समझ लेता है उसका जीवन भी एकविचार ही बन कर रह जाता है उसमें कोई स्वाद या पूर्णता कहाँ से आएगी? संसार में आकर भी इस संसार को अपने से अलग समझें तो पूर्णता क...

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राज-सिंहासन By Saroj Verma

सूरजगढ़ के राजा सोनभद्र अपने कक्ष में अत्यधिक चिन्तित अवस्था में टहल रहें हैं,उनके मस्तिष्क की सिलवटें बता रहीं हैं कि उन्हें किसी घोर चिन्ता ने आ घेरा है,तभी उनके महामंत्री भानसिंह...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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भारत के मशहूर समुद्री तट By Vinay kuma singh

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बेस्ट फ्रेंड By SURENDRA ARORA

बेस्ट फ्रेंड सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा (1) 1. चमक अभी निकलेगी क्या ? पूछ क्यों रही है, ये तो रोज का ही रूटीन है। आज रहने दे न यार ! तुझे नहीं जाना क्या ? आज मन नहीं है...

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नैनं छिन्दति शस्त्राणि By DrPranava Bharti

इस बात को अब तो लगभग 24 वर्ष हो गए हैं जब मैं ‘इसरो’ की सरकारी योजना के अंतर्गत ‘अब झाबुआ जाग उठा’ सीरियल का लेखन कर रही थी | यह पुस्तककार में जयपुर के प्रतिष्ठित ‘बोधि प्रकाशन ‘से...

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दुनिया का सबसे बड़ा चोर By Mister Rakesh

रात के घने अंधेरे में, जब दुनिया सो रही होती, एक रहस्यमयी शख्स जागता था। उसका नाम था **वरुण **—एक ऐसा चोर, जो सिर्फ एक शहर या देश में नहीं, बल्कि **एक दुनिया से दूसरी दुनिया में चो...

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डेफोड़िल्स ! By DrPranava Bharti

डेफोड़िल्स ! - 1

तेरे झरने से पहले



समर्पित

नेह को, स्नेह को

डेफोड़िल्स ही क्यों ?

यह प्रश्न अवश्य मस्तिष्क में आया होगा दिलो-दिमाग को सताया होगा आख़िर जब इतने खूबस...

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तेरी कुर्बत में By ARUANDHATEE GARG मीठी

संचिता जो कि 12थ क्लास में पढ़ने वाली लड़की है । छुट्टी की असमेंबली में खड़ी , एक लड़के को देख रही थी । असेंबली खत्म होते ही , वो उस लड़के के पास आई , जो लगभग नींद में चल रहा था ।...

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आधी दुनिया का पूरा सच By Dr kavita Tyagi

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 1. रानी प्रतिदिन अपनी बेटी लाली को अपनी आपबीती कहानी का एक छोटा अंश सुनाती थी और बीच-बीच में उस अंश से सम्बन्धित कई प्रश्न पूछकर उसकी स्मरण शक्ति तथ...

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जो घर फूंके अपना By Arunendra Nath Verma

जो घर फूंके अपना 1 चीनी हमले से लुप्त हुई फ़ौजी जीवन की मीठास उन्नीस सौ बासठ में भारत पर चीनी आक्रमण के लिए भारतीय सेनायें कतई तैयार नहीं थीं. चीनी थलसेना ने भारतीय थलसेना पर एक-एक...

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अनजान रिश्ता By suraj sharma

बरसात की रात थी, पूरे गांव को मानो खामोशी ने अपने आगोश में लिया हुआ था !! बारिश की बूंदों की आवाज़ तो मानो ऐसे आ रही थी जैसी किसी लड़की के पांव के पायल की छम छम …….इसी आ...

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लारा - (एक प्रेम कहानी ) By रामानुज दरिया

सोमा एक छोटे से गाँव में रहने वाली एक सिम्पल सी लड़की है..... उसने बाहर की दुनिया नहीं देखी है वो घर पर ही रहती है गाँव में कोई सुविधा ना मिल पाने की वजह से उसकी पढ़ाई अधूरी रह गई...

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मेरी मिट्टी मेरा खेत By ARUANDHATEE GARG मीठी

ये कहानी है एक किसान की , उसके संघर्ष की , उसके सब्र की और उसके इम्तिहानों की .…....।

गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी में पांच एकड़ का खेत था , जो कि रामलाल का था । खेत में बैठा रा...

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देखो भारत की तस्वीर By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन अनुनादों के संग में,धर्म धरा पर,पावन धरती।

नद-नादी संगीत सुभेरी,जीवन को अल्हादित करती।

थोड़ा सा अवलोकन कर लो,यहाँ पर आकर मेरे भाई।

भारत को ही स्वर्ग बनाती,पंचमहल की प...

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हनुमत पचासा - समीक्षा व कवित्त By Ram Bharose Mishra

'हनुमत पचासा' मान कवि कृत 50 कवित्त का संग्रह है। जो लगभग 256 वर्ष ( 256 वर्ष इसलिए क्योकि यह संस्करण अप्रैल 71 में छपा था तब उन्होंने उसे 200 वर्ष पूर्व कहा था तो 71 से...

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तस्वीर का सच By Saroj Verma

अच्छा तो बच्चों कैसा लगा घर? समीर ने सारांश और कृतज्ञता से पूछा।। घर तो बहुत ही अच्छा है पापा लेकिन आपको नहीं लगता कि शहर से थोड़ा दूर है,सारांश ने अपने पापा समीर से कहा।। हां दूर...

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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा By SUNIL ANJARIA

मेरे मार्गदर्शन में हमारा यह म्यूजीक ग्रुप गुजरात के जूनागढ़ शहर में आयोजित एक ख्यातनाम संगीत स्पर्धा में प्रत्याशी बनकर आया है। आज मेरी टीम के सभी कलाकार आने के बाद तुरंत हम सब रिह...

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पुस्तकें By DrPranava Bharti

ज़िंदगी की उलझनों के दिन-रात, शामें बँट जाती हैं शब्दों में, चुप्पी साधी नहीं जा सकती यदि कोई संवेदनशील हो --कसमसाते हुए दिनों की आहट उसे परेशान करती ही तो रहती है जब तक भावों का पु...

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नशे की रात By Ratna Pandey

अनामिका एक मध्यम वर्गीय परिवार की बहुत ही खूबसूरत लड़की थी। उसके पापा अरुण और मम्मी वैभवी ने सीमित साधनों में भी उसे बड़े ही लाड़-प्यार से पाला था। वह सिविल इंजीनियर थी, उसने ख़ूब...

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पहली रात की सुहागरात By Sujata Sood

"ये चौथी लाश है इस महीने की..."

पुराने कुएं के पास खड़े ठाकुर राजवीर की आँखों में डर साफ़ झलक रहा था। गांव वाले इकट्ठा थे—हर चेहरा सहमा हुआ, जैसे अब किसी को बोलने की हिम...

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भय का कहर.. By Abhishek Chaturvedi

गॉंव के किनारे पर स्थित एक प्राचीन हवेली थी, जिसे लोग "अन्धकार का किला" कहते थे। यह हवेली घने जंगल के बीचोबीच स्थित थी, जहां दिन में भी सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती थी। इस हव...

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प्रेमशास्त्र By Vaidehi Vaishnav

यमुना नदी के किनारें बसा - वृन्दावन नाम लेते ही ऐसा लगता जैसे जिव्हा पर शहद घुल गया हों। मिश्री सी मीठी यादें और उन यादों में माखन से नरम ह्रदय वालें प्यारे बृजवासी , फुलों सी कोमल...

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राज घराने की दावत..... By puja

अजगर करे ना चाकरी,पंछी करे न काम,दास मलूका कह गए,सबके दाता राम.....

सेठ मतकू राम अंदर आते हुए अपने पेट पर हाथ फेरते हुए यह कहता है..

तभी अंदर से आवाज आती है कोई नई ताजी खबर...

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बुनियाद By Kishanlal Sharma

बीसवीं सदी की शुरुआत का एक दिन।एक समुद्री जहाज इंग्लैंड से अमेरिका के लिए रवाना हुआ।इस जहाज में सौ लोग सवार थे।जिनमें डेविड और उसकी पत्नी मारिया भी थी।जहाज रास्ते मे पड़ने वाले बंदर...

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ख़्वाबों की क़ीमत By Khushi Saifi

कभी कभी ख्वाब देखना एक जुर्म बन जाता है, अवनि और सौरभ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.. उन्हें अपने ख़्वाबों की क्या क़ीमत चुकानी पड़ी, पढ़िए ख़्वाबों की क़ीमत - Khushi Saifi

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दरिंदा By Ratna Pandey

प्रिया के घर के सामने वाले खाली घर में महीनों से सन्नाटा पसरा था। उस घर के आँगन में धूल से नहाये हुए पत्ते, हवा के साथ यहाँ से वहाँ उड़ते नज़र आते थे। जगह-जगह पत्तों के छोटे-छोटे ढ...

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हाए मेरा वो पहला वाला प्यार By Mehul Pasaya

नमस्ते दोस्तो हम एक बार फिर लेकर आ गए हैl और कहानी है राहुल, शिवानी, और जीया की। तो चलिए शुरू करते है।

राहुल बोला - " मां मां कहा हो यार क्या कर रही हो। इतनी क्यू लग गई। नाश...

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