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एक रूह की आत्मकथा - 34
by Ranjana Jaiswal

स्वतंत्र की पत्नी उमा अपने पति स्वतंत्र से परेशान थी।फिर भी उसे छोड़ना नहीं चाहती थी क्योंकि वह जानती थी कि पुरुष के संरक्षण से आज़ाद स्त्री को ग़ुमराह ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 66
by Captain Dharnidhar

केतकी ने अपने पापा को फोन करके अपने पास आने को कहा , उसके पापा ने कहा तुम चिन्ता मत करो मैं अभी आरहा हूँ । अगले बीस मिनट ...

एक रूह की आत्मकथा - 33
by Ranjana Jaiswal

समर और कामिनी के सभी रिश्तेदारों से मिलने ,उनसे लंबी बातचीत करने के बाद दिलावर सिंह समझ गए थे कि इनमें से कोई भी कामिनी का हत्यारा नहीं है।हालाँकि ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 65
by Captain Dharnidhar

दामिनी वह सब कला जानती है जिससे अभय को अपने अनुकूल बनाया जा सके । जैसे ही दामिनी को अभय ने कहा कि मुझे अब तो" तुम पर भी ...

एक रूह की आत्मकथा - 32
by Ranjana Jaiswal

अपने जीवन से अनीस और रमेश के जाने के बाद रेहाना ने फैसला कर लिया कि अब वह अकेली ही रहेगी।अब उसकी जिंदगी में दूसरा पुरूष नहीं आएगा। पर ...

एक रूह की आत्मकथा - 31
by Ranjana Jaiswal

कुफ़री के जाखू हिल के शिखर पर जाखू मंदिर है। मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बहुत खतरनाक है।उबड़-खाबड़,पतली खुरदरी पगडंडियां और उनके दोनों तरफ़ खाइयाँ।जरा- सा भी पैर फिसले ...

एक रूह की आत्मकथा - 30
by Ranjana Jaiswal

कामिनी की हत्या से पूर्व उसका रेप हुआ। उसके अंगूठे का निशान लिया गया फिर उसकी हत्या की गई-यह खबर समर के लिए घातक सिद्ध हुआ।उसे दिल का दौरा ...

जादुई मन - 14 - सम्मोहन से चिकित्सा
by Captain Dharnidhar

पिछले अध्याय मे इच्छा शक्ति के बारे मे विवेचन किया था । इच्छा शक्ति का प्रभाव हमारे जीवन पर विशेष रूप से पड़ता है । इच्छा शक्ति से दूसरो ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 64
by Captain Dharnidhar

केतकी व दामिनी आईएसआई के लिए काम कर रही हैं । किन्तु इसकी जानकारी दामिनी के पति अभय को नही है । केतकी और अभय का झगड़ा हो गया ...

एक रूह की आत्मकथा - 29
by Ranjana Jaiswal

दिलावर सिंह ने प्रथम के गाल पर जोर का एक तमाचा जड़ दिया और उसे एक तरफ़ ढकेलते हुए बाशरूम का दरवाजा खोल दिया।बाशरूम के एक कोने में उकडू ...

एक रूह की आत्मकथा - 28
by Ranjana Jaiswal

सी बी आई भी परेशान थी।हत्यारे ने हत्या से सम्बंधित कोई सबूत नहीं छोड़ा था।कमरे की हर चीज पर या तो कामिनी की अंगुलियों के निशान थे या फिर ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 63 - अभय केतकी का झगड़ा
by Captain Dharnidhar

दामिनी व केतकी में अंदर गुप्त मंत्रणा होने के बाद वे दोनों बाहर आगयी । डॉक्टर अंकल को दामिनी ने अपने पास बुलाकर कहा अंकल ! आपने जो भी ...

एक रूह की आत्मकथा - 27
by Ranjana Jaiswal

सी बी आई मेरी हत्या के मामले की बारीकी से जांच कर रही है।वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है।पुलिस ने मेरे रिश्तेदारों से पूछताछ करने के बाद ...

जादुई मन - 13 - इच्छा शक्ति से किसी को भी मित्र बना सकते है
by Captain Dharnidhar

पिछले अध्याय में अथर्ववेद के मंत्र प्राण ऊर्जा से उपचार के विषय मे क्या कहते है ? उनका उदाहरण देकर अर्थ के साथ मैने उल्लेख किया था । मंत्रो ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 62 - आईएसआई एजेंट दामिनी केतकी
by Captain Dharnidhar

दामिनी केतकी की असलियत सबके सामने लाने के लिए मुम्बई डॉक्टर साहब के घर तक पहुंच गयी है । अपने साथ आये अभय और बद्री काका को उसने बाहर ...

एक रूह की आत्मकथा - 26
by Ranjana Jaiswal

कामिनी की माँ नन्दा देवी अपने बेटे स्वतंत्र को लेकर बहुत चिंतित थीं ।स्वतंत्र के पास कोई नौकरी.... कोई काम नहीं था।उसकी शादी हो चुकी थी और उसकी दो ...

एक रूह की आत्मकथा - 25
by Ranjana Jaiswal

अनीस ने जो कुछ रमेश के बारे में कहा था ,सच साबित हो रहा था| मर्द एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह जानते- समझते हैं –खग जाने खग ही की ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 61
by Captain Dharnidhar

दामिनी और अभय इनकी उम्र अंडर थर्टी होगी इनके एक साल की गुडिया है । बद्री काका जिनकी उम्र 50 के लगभग होगी इनकी धर्म पत्नी भी 45 के ...

एक रूह की आत्मकथा - 24
by Ranjana Jaiswal

कामता प्रसाद ने रेहाना को बताया कि अनीस को देखते ही उनके छोटे बच्चे मुस्कुराने लगते थे कि अब ये सीधे दीदी के कमरे में घुसेंगे|यह सब सुनना- कहना ...

जादुई मन - 12 - चिकित्सा झाड़फूंक कैसे हो गयी ?
by Captain Dharnidhar

पिछले अध्याय में हमने चर्चा की थी कि अपनी प्राण ऊर्जा का संचार रोगी में कैसे करना है । अब आगे आध्यात्मिक चिकित्सा के बारे में हम चर्चा करेंगे ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 60 - दामिनी का सीक्रेट मिशन
by Captain Dharnidhar

दामिनी की इच्छा थी कि वह खुद केतकी का पर्दाफाश करे , उसे लग रहा था कि बद्री काका ने बहुत से पहलुओं पर विचार नही किया । उसने ...

एक रूह की आत्मकथा - 23
by Ranjana Jaiswal

रेहाना के घर के ठीक पीछे एक मकान था ,जिसमें उन दिनों बतौर किराएदार एक गरीब हिन्दू परिवार रहता था|उस परिवार में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक किशोरी ...

एक रूह की आत्मकथा - 22
by Ranjana Jaiswal

रेहाना एक स्त्री थी,कोई पेड़ नहीं |उसके जीवन में रमेश के आने की वजह से जो तूफान आया उसने सब कुछ बदल डाला |उसके शौहर अनीस उसकी जिंदगी से ...

विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 20
by सीमा बी.

विश्वास (भाग--20)भुवन को टीना के परिवार में सब बहुत सरल स्वभाव के लगे। बच्चे वही करते हैं जो घर के बड़ो को करते हुए देखते हैं, इसलिए टीना के ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 59 - क्या केतकी जिंदा है ?
by Captain Dharnidhar

बद्री काका से केतकी के घर की सारी जानकारी दामिनी को मिल गयी थी । लेकिन दामिनी का पुलिसया दिमाग मानने को ही तैयार नहीं है कि केतकी मर ...

जादुई मन - 11 - रोगी की चिकित्सा प्राण ऊर्जा द्वारा
by Captain Dharnidhar

पिछली अध्याय में प्राणाकर्षण की विधि समझी । अब उस ऊर्जा का प्रयोग करने की विधि समझेंगे .. जिनका विश्वास आध्यात्म मे है अर्थात जो धार्मिक भावना प्रधान व्यक्ति ...

एक रूह की आत्मकथा - 21
by Ranjana Jaiswal

कामिनी और अपने पति समर को एक साथ रहते देख लीला के सीने पर सांप लोट रहा था।वह बार -बार रेहाना के घर दौड़ रही थी।उससे समाधान सुझाने को ...

विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 19
by सीमा बी.

विश्वास (भाग-19)टीना मैसेज पढ़ कर उदास हो गयी। जब से भुवन से दोस्ती हुई थी तब से उसकी सोच पॉजीटिव हो रही थी। अब वो भी जल्द से जल्द ...

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 58 - दामिनी को केतकी के पापा पर शक
by Captain Dharnidhar

बद्री काका और केतकी का पापा डाक्टर साहब से मिलकर खुश थे । डाक्टर साहब की बड़ाई करते हुए ..बद्रीकाका बोला..विजय जी ! डाक्टर साहब बड़े नेक दिल इंसान ...

एक रूह की आत्मकथा - 20
by Ranjana Jaiswal

मैं समर के साथ 'लिव इन' में रहने लगी।लीला समर को तलाक नहीं दे रही थी और बिना तलाक हुए हम शादी नहीं कर सकते थे।हमारे साथ रहने से ...

विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 18
by सीमा बी.

विश्वास (भाग--18)टीना बहुत दिनों के बाद अपने आप को हल्का महसूस किया। परिस्थितयाँ कैसी भी हों सबसे पहले हमारी नींद गायब हो जाती है। चाहे दुख हो या सुख!!! ...

एक रूह की आत्मकथा - 19
by Ranjana Jaiswal

मेरी बेटी अमृता और समर के बेटे अमन के बीच दोस्ती बढ़ती जा रही है।एक ही बोर्डिंग स्कूल में होने के कारण उन्हें मिलने- जुलने का भी अवसर मिल ...