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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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स्वर्ग का दरवाजा By Author Pawan Singh

अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा?

इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...

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Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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Hero By Ram Make

यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 सर्दियों का मौसम नवंबर महीना 11 तारीख सुबह सूर्य की किरण के साथ 10:30 बजे भारत की राजधानी दिल्ली के ए...

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कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
सू...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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इश्क और अश्क By Aradhana

"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!"

"रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...

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राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

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ಬಯಸದೆ ಬಂದವಳು... By Kavya Pattar

ಎಲ್ಲರಿಗೂ ನಮಸ್ಕಾರ ,ನಾನು ಬರೆಯುವ ಈ ಕಥೆ ಕೇವಲ ಕಾಲ್ಪನಿಕ ಯಾವುದೇ ವಿಷಯ,ವ್ಯಕ್ತಿ,ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಸಂಬದ್ದಿಸಿದ್ದಾಗಿರುವುದಿಲ್ಲ ಇದು ನನ್ನ ಮೊದಲ ಕಥೆ ತಪ್ಪಿದಲ್ಲಿ ಕ್ಷಮಿಸಿ, ಈಗ ಕಥೆ ಪ್ರಾರಂಭಿಸೋಣ ಈ ಕಥೆಯು ತುಂಬು ಕುಟುಂ...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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स्वर्ग का दरवाजा By Author Pawan Singh

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 सर्दियों का मौसम नवंबर महीना 11 तारीख सुबह सूर्य की किरण के साथ 10:30 बजे भारत की राजधानी दिल्ली के ए...

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कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
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राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

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ಬಯಸದೆ ಬಂದವಳು... By Kavya Pattar

ಎಲ್ಲರಿಗೂ ನಮಸ್ಕಾರ ,ನಾನು ಬರೆಯುವ ಈ ಕಥೆ ಕೇವಲ ಕಾಲ್ಪನಿಕ ಯಾವುದೇ ವಿಷಯ,ವ್ಯಕ್ತಿ,ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಸಂಬದ್ದಿಸಿದ್ದಾಗಿರುವುದಿಲ್ಲ ಇದು ನನ್ನ ಮೊದಲ ಕಥೆ ತಪ್ಪಿದಲ್ಲಿ ಕ್ಷಮಿಸಿ, ಈಗ ಕಥೆ ಪ್ರಾರಂಭಿಸೋಣ ಈ ಕಥೆಯು ತುಂಬು ಕುಟುಂ...

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