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नामुमकिन इश्क By kajal jha

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...

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अजूबा मिलन By Ratna Pandey

रात के लगभग दो बजे डॉक्टर कपिल के दरवाजे को जोर-जोर से खटखटाने की आवाज़ आई। कपिल और उसकी पत्नी रूपा दोनों ही नींद से जागकर उठ बैठे। रूपा ने कहा, " कपिल, मुझे डर लग रहा है। इतनी...

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ઓપરેશન સાયબર મંથન By Rupen Patel

​'ઓપરેશન સાગર મંથન' ➔ 'ઓપરેશન સેવન સિસ્ટર્સ' ➔ 'ઓપરેશન સાયબર મંથન': આ ત્રણેય નોવેલ એકબીજા સાથે જોડાયેલી રોમાંચક કડીઓ છે, એટલે ક્રમબદ્ધ વાંચશો તો જ ખરી મજા આ...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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ஹரிதாவின் பகல் கனவுகள் By kattupaya s

அந்த அதிகாலை விடியும்போதே அத்தனை அழகாய் இருந்தது.
மாற்றங்கள் நிரம்பிய அவள் வாழ்வில் எவ்வளவோ இனிமையான சம்பவங்கள் நினைவுக்கு வந்தன. ஹரிதாவுக்கு காப்பி என்றால் கொள்ளை இஷ்டம். அவள் அந...

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अधूरे इश्क की पूरी दास्तान By Nirali Ahir

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। 56 साल का प्रीतम अपनी कुर्सी पर बैठा बैठा कुछ सोच रहा था ।बाहर से आता शोर मानो उसके कानो तक...

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સાથે હોવું એટલે સાથે સમય વિતાવવો By Aloka Patel

સવારના સાત વાગ્યા હતા.

બારીમાંથી સૂરજના કિરણો રૂમમાં ધીમે ધીમે પ્રવેશી રહ્યા હતા. બારી પાસે મૂકેલા છોડના પાંદડા પર રાતના પાણીનાં થોડાં ટીપાં હજુ ચમકી રહ્યા હતા.

કાવ્યા રસોડામ...

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पिंकू की परी. By Deepak Kumar Tiwari Deeptansh

बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...

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कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए!. By sukhvinder Singh Rai

(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा में हल्की ठंडक और आसपास के खेतों से आती हुई सौंधी खुशबू घुली हुई थी। गाँव के बाहर से गुजरने वाले मुख...

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यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...

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रात के लगभग दो बजे डॉक्टर कपिल के दरवाजे को जोर-जोर से खटखटाने की आवाज़ आई। कपिल और उसकी पत्नी रूपा दोनों ही नींद से जागकर उठ बैठे। रूपा ने कहा, " कपिल, मुझे डर लग रहा है। इतनी...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

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पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...

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कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए!. By sukhvinder Singh Rai

(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा में हल्की ठंडक और आसपास के खेतों से आती हुई सौंधी खुशबू घुली हुई थी। गाँव के बाहर से गुजरने वाले मुख...

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