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  • सात_फेरो_का_इंतजार - 3

    सात_फेरो_का_इंतजार---किरण की जिंदगी अब मानो मुरझाये फूल सी हो गई थी। वो घंटों तक...

  • રૉય - ધ પ્રિન્સ ઓફ હિઝ ઑવ્ન ફૅટ - 52

    ૫૨. વિશ્વાસઘાતીની ઓળખ"પપ્પા એ ડાયરીમાં એક જગ્યાએ લખ્યું હતું,'મારા દિકરા, યા...

  • अधुरा प्यार

    उत्तर प्रदेश की वो सर्द रात और दिल में सुलगती नफरत... इकबाल राज के लिए अब अपना क...

  • पहली नज़र का जांदू - 11

    एपिसोड 11: स्कूल की शुरुआत और समाज में बदलाव शादी के बाद की जिम्मेदारियों और रिश...

  • The Emotional Chameleon

    Title: The Emotional ChameleonNico didn't choose to be this way. It chose hi...

  • वो कौन थी? - 6

    Chapter 6 — अंतिम हिसाबबेसमेंट की दीवारें किसी कागज़ की तरह फटने लगी थीं। काला स...

  • સંબંધો ના ડિપ્લોમેટ કિશન કાકા - 3

    To be continue. કિશન કાકા એટલે મોટા ગજા ના ઉદ્યોગપતિ ૪૦ માણશ ની ટીમ તો એ એકલા હા...

  • நிழல் தரும் வசந்தம் - 15

    தீபாவும்,ரஞ்சனியும் எப்பவும் போல காலேஜ் போய் வந்தாலும் பிரேமை நினைக்காமல் இல்லை....

  • Hero

    यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 स...

  • આવો ભજવીએ - 8

    ખૂની વકીલનું ખૂનપાત્રો: ન્યાયમૂર્તિમિસિસ પલક દવે: આરોપી સ્ત્રી અને વકીલમિ. બારોટ...

बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

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सपनों की डोली। By softrebel

बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना नहीं चाहते थे।
इस लिए मुंह मांगा दान दक्षिणा देकर, विवाह की सारी रस्में अदा की गईं।
नारायणी औ...

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સનાતન ધર્મની વાતો By Siddharth Maniyar

આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...

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ममता ...एक अनुभूति... By kalpita

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच भरा हुआ था—
किसी की आँखों में बिछड़ने का दर्द था, तो किसी के चे...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ಪರದೆ ಸರಿಯುವ ಕ್ಷಣ. ಆಕಾಶದಿಂದ ಬೀಳುತ್ತಿದ್ದ ಮಳೆಯ ಹನಿಗಳು...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी By Jyoti Prajapati

सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...

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ఎవరు....? By Suresh Josyabhatla

ఆంధ్రరాష్ట్రానికి ఆర్ధిక కేంద్రంలాంటిది విజయవాడ నగరం.
ఆ నగరంలొ పెద్ద పెద్ద రాజకీయనాయకులు మరియు ప్రముఖ వ్యాపారవేత్తలు నివసించె ప్రాంతాలలొ ఒకటి "గురునానక్ కాలని"

ఈ కాలనిల...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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इस लिए मुंह मांगा दान दक्षिणा देकर, विवाह की सारी रस्में अदा की गईं।
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वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
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