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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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Rebirth of a Bench By Amardeep Kumar

मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा
चारों तरफ घना अँधेरा।
मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा।
"...

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નિલક્રિષ્ના By કૃષ્ણપ્રિયા

'જય શ્રી કૃષ્ણ' વાંચક મિત્રો! આજ એક ન્યુ ધારાવાહિક નિલક્રિષ્નામાં પ્રવેશ કરવા જઇ રહી છું. વાંચક મિત્રો તમારો સાથ, સહકાર હંમેશા મળતો‌ રહ્યો છે, અને આગળ પણ મળતો રહે! એવી અપેક...

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ચીથરા By Mansi Desai Shastri

પ્રસ્તાવના: અસ્તિત્વના ઉંબરે...

​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે કોઈ સ્ત્રીના આત્મસન્માનના લીરેલીરા ઉડે છે...

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સરકારી પ્રેમ By Maulik Vasavada

૧૯૯૧સમગ્ર ભારતમાં અરાજકતાનો‌ માહોલ હતો. દેશ ભયંકર મંદી ના વિષચક્ર થી પસાર થઈ રહ્યો હતો. આખા વિશ્વમાં ભયંકર મંદી હતી. દેશમાં આંતરિક વિખવાદ અને પડોશી દેશથી પ્રેરિત આતંકવાદી પ્રવૃત્તિ...

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केंट रोड का कमरा नंबर 3 By sapna

** कुछ अधूरी कहानियाँ कभी पीछा नहीं छोड़तीं।

## **अध्याय 1: पुराना ठिकाना और नई शुरुआत**

अमित ने भारी सूटकेस को जमीन पर रखा और गहरी सांस ली। कमरा छोटा था, लेकिन उसकी खिड़की स...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। By vaishnavi Shukla

मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!!

वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...

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फुटपाथिया By Dr. Suryapal Singh

अंक एक
(मुंबई का फुटपाथ। आधीरात के बाद का समय। वाहनों का आना जाना बन्द हो गया है। तीन लोग सोए हुए हैं। तीनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। एक की नाक बजती है। फुटपाथ के किनार...

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पत्र सुमने..तुझी खास वाक्ये By Vrishali Gotkhindikar

प्रिय सोना

तुझा विनोदाचा सेन्स जबरदस्त होता काही काही वाक्य अशी बोलायचा की त्यात तुझी अशी खास लकब होतीजी माझ्याकडून कधीच विसरली जाणार नाहीतकधी कधी मी घरात घालायच्या चपला वरच्या...

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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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Rebirth of a Bench By Amardeep Kumar

मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा
चारों तरफ घना अँधेरा।
मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा।
"...

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નિલક્રિષ્ના By કૃષ્ણપ્રિયા

'જય શ્રી કૃષ્ણ' વાંચક મિત્રો! આજ એક ન્યુ ધારાવાહિક નિલક્રિષ્નામાં પ્રવેશ કરવા જઇ રહી છું. વાંચક મિત્રો તમારો સાથ, સહકાર હંમેશા મળતો‌ રહ્યો છે, અને આગળ પણ મળતો રહે! એવી અપેક...

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ચીથરા By Mansi Desai Shastri

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​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે કોઈ સ્ત્રીના આત્મસન્માનના લીરેલીરા ઉડે છે...

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સરકારી પ્રેમ By Maulik Vasavada

૧૯૯૧સમગ્ર ભારતમાં અરાજકતાનો‌ માહોલ હતો. દેશ ભયંકર મંદી ના વિષચક્ર થી પસાર થઈ રહ્યો હતો. આખા વિશ્વમાં ભયંકર મંદી હતી. દેશમાં આંતરિક વિખવાદ અને પડોશી દેશથી પ્રેરિત આતંકવાદી પ્રવૃત્તિ...

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केंट रोड का कमरा नंबर 3 By sapna

** कुछ अधूरी कहानियाँ कभी पीछा नहीं छोड़तीं।

## **अध्याय 1: पुराना ठिकाना और नई शुरुआत**

अमित ने भारी सूटकेस को जमीन पर रखा और गहरी सांस ली। कमरा छोटा था, लेकिन उसकी खिड़की स...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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अंक एक
(मुंबई का फुटपाथ। आधीरात के बाद का समय। वाहनों का आना जाना बन्द हो गया है। तीन लोग सोए हुए हैं। तीनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। एक की नाक बजती है। फुटपाथ के किनार...

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पत्र सुमने..तुझी खास वाक्ये By Vrishali Gotkhindikar

प्रिय सोना

तुझा विनोदाचा सेन्स जबरदस्त होता काही काही वाक्य अशी बोलायचा की त्यात तुझी अशी खास लकब होतीजी माझ्याकडून कधीच विसरली जाणार नाहीतकधी कधी मी घरात घालायच्या चपला वरच्या...

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