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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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Tangled Hearts, Straight Faces By Usman Shaikh

The Coffee Catastrophe

One spilled coffee. Two inflated egos. And a love story that starts with a stain no detergent could wash away.

The café smelled of roasted beans and ba...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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जादुई दुनियां By Ram Make

एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को देखकर कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्...

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তোমার প্রেমে অন্ধ আমি By kalpoporir kalpojagat

সকাল 9:10 ,
মমতা দেবী : " সোনাই .... ,অ্যাই সোনাই । দেখতো মেয়ের কান্ড , তখন থেকে ডাকছি এখনও বিছানা ছাড়ার নাম নেই। আরে ওঠ ওঠ । "
মমতা দেবীর গলার শব্দে ঘরের শান্ত পরিব...

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પંચાયત. By Virrajsinh jadeja

રામપુરની સવાર સામાન્ય રીતે કોયલના ટહુકાથી જાગતી, પણ આજે રામપુર પંચાયત કચેરીની અંદરનો ગરમાવો ગામની શાંતિને ચીરી રહ્યો હતો. બંધ બારણાં ની પાછળ સરપંચ મનજીભાઈ અને તલાટી હસમુખલાલની ફૂસફ...

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कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
सू...

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Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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One spilled coffee. Two inflated egos. And a love story that starts with a stain no detergent could wash away.

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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जादुई दुनियां By Ram Make

एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को देखकर कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्...

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তোমার প্রেমে অন্ধ আমি By kalpoporir kalpojagat

সকাল 9:10 ,
মমতা দেবী : " সোনাই .... ,অ্যাই সোনাই । দেখতো মেয়ের কান্ড , তখন থেকে ডাকছি এখনও বিছানা ছাড়ার নাম নেই। আরে ওঠ ওঠ । "
মমতা দেবীর গলার শব্দে ঘরের শান্ত পরিব...

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પંચાયત. By Virrajsinh jadeja

રામપુરની સવાર સામાન્ય રીતે કોયલના ટહુકાથી જાગતી, પણ આજે રામપુર પંચાયત કચેરીની અંદરનો ગરમાવો ગામની શાંતિને ચીરી રહ્યો હતો. બંધ બારણાં ની પાછળ સરપંચ મનજીભાઈ અને તલાટી હસમુખલાલની ફૂસફ...

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एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
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पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
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बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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