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नशा By Dr. Suryapal Singh

(चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।)

डुग्गीवाला- कल से इस पूरे षहर में कोई नशा नहीं करेगा.....कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा न...

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उन्हें नींद नहीं आती By Dr. Suryapal Singh

सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।)
बातुल- समय तो हो...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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इश्क़ का इलाका By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।

सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।
आँगन में दादी...

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गीत गाने दो मुझे By Dr. Suryapal Singh

पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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एक अधूरी मां By Anjali kumari Sharma

राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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नशा By Dr. Suryapal Singh

(चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।)

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

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इश्क़ का इलाका By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।

सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।
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पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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एक अधूरी मां By Anjali kumari Sharma

राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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