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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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Obsession By Bharti 007

शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग कहानी कहता था—संघर्ष, उम्मीद और अधूरे सपनों की।
उसी बस्ती के एक कोने में था काव्या का घर...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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सात_फेरो_का_इंतजार By Bella

*"सात फेरों का इंतज़ार, सौ सवालों की बरसात"*          _ प्रेम कहानी - किरण और मधुकर_---किरण गाँव की सबसे भोली और सीधी-साधी लड़की थी। उसका स्वभाव इतना विनम्र था कि पूरा गाँव...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी By Jyoti Prajapati

सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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Trikon - एक्शन सीरीज़ By Varun Vilom

दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है।

नदी के किनारे-किनारे।

रेत पैरों में चुभ रही है, मगर वह हँस रही है।

बालों में दो चोटियाँ हैं, हरी फ्रॉक हवा में लहरा रही है।

पैरों में...

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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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Obsession By Bharti 007

शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग कहानी कहता था—संघर्ष, उम्मीद और अधूरे सपनों की।
उसी बस्ती के एक कोने में था काव्या का घर...

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वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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*"सात फेरों का इंतज़ार, सौ सवालों की बरसात"*          _ प्रेम कहानी - किरण और मधुकर_---किरण गाँव की सबसे भोली और सीधी-साधी लड़की थी। उसका स्वभाव इतना विनम्र था कि पूरा गाँव...

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सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...

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दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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Trikon - एक्शन सीरीज़ By Varun Vilom

दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है।

नदी के किनारे-किनारे।

रेत पैरों में चुभ रही है, मगर वह हँस रही है।

बालों में दो चोटियाँ हैं, हरी फ्रॉक हवा में लहरा रही है।

पैरों में...

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अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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