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Unforgettable Voyage - Ranjan Desai By Ramesh Desai

At that time, I was three years old, my elder brother Sukhesh was five, and my younger sister Bhavika was only six months old. My mother had fallen victim to a terminal illness....

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The Morgue By fiza saifi

रात के ठीक 2:13 बजे थे।
शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का पिछला हिस्सा — जहाँ शायद ही कोई जाता हो — अँधेरे में डूबा हुआ था।

वहीं था… मॉर्ग।

दीवारों पर जमी सीलन, टिमटिमाती हुई...

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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एक निरोप असाही... By Ashish Devrukhkar

आपल्या एकुलत्या एक बहिणीच्या लग्नासाठी तो सुट्टी टाकून आला होता. बहिणीच्या साखरपुड्याला त्याला यायला जमले नव्हते म्हणून तो थोडा लवकरच म्हणजे फक्त ३ दिवस आधीच आला होता. कारणही तसेच...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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પહેલી By Parth yadav

એક બંધ ઓરડામાં સંવૈધાનિક પદો ધરાવતા લોકો ચર્ચા-વિચારણા કરી રહ્યા છે. ચર્ચા નો તીણો અવાજ ઓરડા ની મજબૂત દિવાલો ને વિંધી બહાર ઉભેલા વ્રૂઘ્ઘ વક્તી ના કાને પડ્યો. મી.પ્રેસ...

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સૂક્ષ્મવેધ By Mansi Desai Shastri

​અમદાવાદની રફ્તાર રાત્રે પણ થંભતી નથી, પણ પાલડી વિસ્તારમાં આવેલું એ જૂનું મ્યુઝિયમ 'ધરોહર' જાણે સમયના પ્રવાહથી અલગ પડી ગયું હતું. તેની પથ્થરની દીવાલોમાં સેંકડો વર્ષોનો ઇતિહ...

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Unforgettable Voyage - Ranjan Desai By Ramesh Desai

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रात के ठीक 2:13 बजे थे।
शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का पिछला हिस्सा — जहाँ शायद ही कोई जाता हो — अँधेरे में डूबा हुआ था।

वहीं था… मॉर्ग।

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अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

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અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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एक निरोप असाही... By Ashish Devrukhkar

आपल्या एकुलत्या एक बहिणीच्या लग्नासाठी तो सुट्टी टाकून आला होता. बहिणीच्या साखरपुड्याला त्याला यायला जमले नव्हते म्हणून तो थोडा लवकरच म्हणजे फक्त ३ दिवस आधीच आला होता. कारणही तसेच...

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त्रिशा... By vrinda

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इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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એક બંધ ઓરડામાં સંવૈધાનિક પદો ધરાવતા લોકો ચર્ચા-વિચારણા કરી રહ્યા છે. ચર્ચા નો તીણો અવાજ ઓરડા ની મજબૂત દિવાલો ને વિંધી બહાર ઉભેલા વ્રૂઘ્ઘ વક્તી ના કાને પડ્યો. મી.પ્રેસ...

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​અમદાવાદની રફ્તાર રાત્રે પણ થંભતી નથી, પણ પાલડી વિસ્તારમાં આવેલું એ જૂનું મ્યુઝિયમ 'ધરોહર' જાણે સમયના પ્રવાહથી અલગ પડી ગયું હતું. તેની પથ્થરની દીવાલોમાં સેંકડો વર્ષોનો ઇતિહ...

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