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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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સેકન્ડ ચાન્સ By Komal Mehta

સેકંડ ચાન્સ !!!!! બધાં સબંધો બહુંજ સારી રીતે નભિ જતા હોય છે. પણ એક સબંધ એવો છે, જ્યાં છૂટા છેડા લઈ શકાય છે.જ્યાં બે માણસો અલગ થઈ શકે છે. આપણાં સમાજ માં કે પછી લોકો ની નજર માં છૂટા...

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दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड By devil

शिवपुर।
एक ऐसा शहर…
जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।
यहाँ लोग नाम से नहीं, गिरोह से पहचाने जाते थे।
कानून सिर्फ दीवारों पर टंगे पोस्टरों में जिंदा...

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क्या सब ठीक है By Narayan Menariya

यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं।
हर कहानी हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी एक सच्चाई को सामने लाती है - रिश्तो...

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Ishq ka Ittefaq By Alok

शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....

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ઘોસ્ટ ઓફ કારગિલ By Virrajsinh jadeja

પોસ્ટિંગ મે 2025. દિલ્હીનું કેન્ટોનમેન્ટ રેલવે સ્ટેશન. લેફ્ટનન્ટ અર્જુન રાઠોડે પોતાની બેગ ખભે નાખી. 23 વર્ષનો યુવાન, IMA માંથી હમણાં જ કમિશન મળ્યું. છાતી પર પહેલીવાર ચમકતા સ્ટાર. મ...

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நிழல் தரும் வசந்தம் By kattupaya s

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ By Firdous kaSak

આર્ટ એન્ડ આર્કિટેક્ચર કંપનીમાં આજે સવારથી બધા એમ્પ્લોયની ભાગદોડ ચાલુ હતી, કારણ કે જે ક્લાયન્ટ ૧૪ દિવસ બાદ આવવાના હતા, તે અચાનક સોમવારે આવી જવાથી બધા એમ્પ્લોય પોત પોતાના કામ પર લાગી...

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हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर By Shaziya Khan

एक अनकहा पन्ना..."सदियों से इतिहास ने हीर-रांझा को सिर्फ तड़पते और बिछड़ते देखा है... लेकिन क्या होता अगर हीर लाचार होने के बजाय निडर होती? आइए देखते हैं आज के दौर के हीर-रांझा...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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સેકન્ડ ચાન્સ By Komal Mehta

સેકંડ ચાન્સ !!!!! બધાં સબંધો બહુંજ સારી રીતે નભિ જતા હોય છે. પણ એક સબંધ એવો છે, જ્યાં છૂટા છેડા લઈ શકાય છે.જ્યાં બે માણસો અલગ થઈ શકે છે. આપણાં સમાજ માં કે પછી લોકો ની નજર માં છૂટા...

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एक ऐसा शहर…
जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।
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क्या सब ठीक है By Narayan Menariya

यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं।
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Ishq ka Ittefaq By Alok

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ઘોસ્ટ ઓફ કારગિલ By Virrajsinh jadeja

પોસ્ટિંગ મે 2025. દિલ્હીનું કેન્ટોનમેન્ટ રેલવે સ્ટેશન. લેફ્ટનન્ટ અર્જુન રાઠોડે પોતાની બેગ ખભે નાખી. 23 વર્ષનો યુવાન, IMA માંથી હમણાં જ કમિશન મળ્યું. છાતી પર પહેલીવાર ચમકતા સ્ટાર. મ...

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अकथ By silent script

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ By Firdous kaSak

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हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर By Shaziya Khan

एक अनकहा पन्ना..."सदियों से इतिहास ने हीर-रांझा को सिर्फ तड़पते और बिछड़ते देखा है... लेकिन क्या होता अगर हीर लाचार होने के बजाय निडर होती? आइए देखते हैं आज के दौर के हीर-रांझा...

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