Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


Languages
Categories
Featured Books

હું તારી યાદમાં 2 By Anand Gajjar

રાત્રે 1 વાગતા મારી આંખ ખુલી ગઈ અને હું બેડ પરથી ઉભો થયો. મેં મારી આજુબાજુ નજર ફેરવી અને જોયું તો આજુબાજુના બેડ પર વિકી અને અવી સુતા હતા. એ બંન્ને ભર ઊંઘમાં ઘસઘસાટ નસકોરા બોલાવતા હ...

Read Free

अधुरी खिताब By kajal jha

एक भयानक खोज
दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...

Read Free

ಮಹಿ By S Pr

ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 7 ಗಂಟೆ ಸಮಯ ಅಲಾರಾಂ ಜೋರಾಗಿ ಸೌಂಡ್ ಮಾಡ್ತಾ ಇದ್ರೂ ಕೇಳಿಸಿ ಕೇಳಿಸದ ಹಾಗೆ ಆರಾಮಾಗಿ ನಿದ್ದೆ ಮಾಡ್ತಾ ಇದ್ದ .. ಅಲಾರಾಂ ಸೌಂಡ್ 4 5 ಬಾರಿ ಬಡ್ಕೊಂಡು ಕೊನೆಗೆ ಸೈಲೆಂಟ್ ಆಗಿ ಬಿಡ್ತು..  ಅಡುಗೆ ಮನೇಲಿ ತಿಂಡಿ...

Read Free

यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

Read Free

মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

Read Free

એકાંત By Mayuri Dadal

"ગુજરાત તેત્રીસ જીલ્લાઓ ધરાવતો એક એવુ રાજ્ય છે કે જ્યાં બાર ગાઉએ બોલી બદલાતી રહે છે.પોતાની માતૃભાષાના તહેવારોની સાથે બીજા રાજ્યોને પોતાનો પવિત્ર તહેવાર માનીને ઊજવતો આવતો વિકસિત...

Read Free

श्रापित एक प्रेम कहानी By CHIRANJIT TEWARY

अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...

Read Free

उभरा इश्क By Sonali Rawat

कुकर की दूसरी सीटी बज रही है और मेरे हाथों की रफ़्तार तेज हो गयी है ब्रश करते करते। आनन फानन में मुँह पर पानी के कुछ छींटे मारकर अपने ही दुपट्टे से पोंछकर किचन की ओर भागती मैं, अभी...

Read Free

सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. By Abantika

​(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे)

​अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी प...

Read Free

Ashvdhaama: एक युग पुरुष By bhagwat singh naruka

इस रचना के सभी पात्र ओर घटनाएं काल्पनिक है इनका किसी धर्म ओर जाति ,मानव ,पशु से कोई लेना देना नहीं है । ये मात्र मेरे दिमाग ओर मेरी लेखनी की उपज है इस कहानी के सारे राइट्स मेरे अधी...

Read Free

હું તારી યાદમાં 2 By Anand Gajjar

રાત્રે 1 વાગતા મારી આંખ ખુલી ગઈ અને હું બેડ પરથી ઉભો થયો. મેં મારી આજુબાજુ નજર ફેરવી અને જોયું તો આજુબાજુના બેડ પર વિકી અને અવી સુતા હતા. એ બંન્ને ભર ઊંઘમાં ઘસઘસાટ નસકોરા બોલાવતા હ...

Read Free

अधुरी खिताब By kajal jha

एक भयानक खोज
दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...

Read Free

ಮಹಿ By S Pr

ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 7 ಗಂಟೆ ಸಮಯ ಅಲಾರಾಂ ಜೋರಾಗಿ ಸೌಂಡ್ ಮಾಡ್ತಾ ಇದ್ರೂ ಕೇಳಿಸಿ ಕೇಳಿಸದ ಹಾಗೆ ಆರಾಮಾಗಿ ನಿದ್ದೆ ಮಾಡ್ತಾ ಇದ್ದ .. ಅಲಾರಾಂ ಸೌಂಡ್ 4 5 ಬಾರಿ ಬಡ್ಕೊಂಡು ಕೊನೆಗೆ ಸೈಲೆಂಟ್ ಆಗಿ ಬಿಡ್ತು..  ಅಡುಗೆ ಮನೇಲಿ ತಿಂಡಿ...

Read Free

यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

Read Free

মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

Read Free

એકાંત By Mayuri Dadal

"ગુજરાત તેત્રીસ જીલ્લાઓ ધરાવતો એક એવુ રાજ્ય છે કે જ્યાં બાર ગાઉએ બોલી બદલાતી રહે છે.પોતાની માતૃભાષાના તહેવારોની સાથે બીજા રાજ્યોને પોતાનો પવિત્ર તહેવાર માનીને ઊજવતો આવતો વિકસિત...

Read Free

श्रापित एक प्रेम कहानी By CHIRANJIT TEWARY

अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...

Read Free

उभरा इश्क By Sonali Rawat

कुकर की दूसरी सीटी बज रही है और मेरे हाथों की रफ़्तार तेज हो गयी है ब्रश करते करते। आनन फानन में मुँह पर पानी के कुछ छींटे मारकर अपने ही दुपट्टे से पोंछकर किचन की ओर भागती मैं, अभी...

Read Free

सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. By Abantika

​(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे)

​अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी प...

Read Free

Ashvdhaama: एक युग पुरुष By bhagwat singh naruka

इस रचना के सभी पात्र ओर घटनाएं काल्पनिक है इनका किसी धर्म ओर जाति ,मानव ,पशु से कोई लेना देना नहीं है । ये मात्र मेरे दिमाग ओर मेरी लेखनी की उपज है इस कहानी के सारे राइट्स मेरे अधी...

Read Free