Best Children Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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બાળ બોધકથાઓ - 4 - ચિન્ટુ By Yuvrajsinh jadeja

" ચિન્ટુ.. હવે જો તે તોફાન કર્યા છે ને તો તારો વારો કાઢી નાખીશ.." ચિન્ટુ તોફાન કરે એટલે એના મમ્મી એના પર આમ જ બરાડે અને ચિન્ટુ જાય સીધો દાદીમાના ખોળામાં . એને વિશ્વાસ હોય આ...

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तीन अनचाहे दोस्त By SAMIR GANGULY

काफी देर से अन्नू चूहे के पीछे पड़ा हुआ था. उसकी आंखें चूहे की आंखों से मिली तो उसने सोचा-अगर उसे हिप्नोटाइज करना आता तो वह इस पाजी चूहे को आदेश देता कि चुपचाप चूहेदानी में चले आओ...

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SKARS : Monster in the School - 6 By Kiaan Sethi

Chapter 6 The Silver It was a pleasant morning.We had got the first material.There were 3 more to go.I scheduled a SKAARS meeting again.They all had to come at sharp 11:00 A.M.I op...

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छिपी हुई मदद By Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दिन सुबह होते ही एक आदमी और एक छोटी बच्चे प्रवेश करे | दोनों इधर उधर कुछ खोज रहे थे | दोनों कुछ परेशान लग रहे थे | रघुवन में किसी बाहरी का प्रवेश ज्यादा देर तक छिपता न...

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राजकुमार ध्रुवल - भाग 3 - अंतिम भाग By vidya,s world

राजकुमार ध्रुवल ला पोट दुखी चा त्रास सुरू होतो..आर्य वीर वैद्यांना बोलावून त्याच्या वर उपचार करतो परंतु काहीच फरक पडत नाही..रात्री राजकुमार झोपला असताना सेनापती पुन्हा त्याच्या दा...

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दोस्ती मिलन By Vishnu Dabhi

ऊंचे पहाड़ और वहां से निकल हुई नदिया, बड़े बड़े पेड़ , पौधे से भरा एक जंगल था| पक्षी ओ की मधुर संगीत से भरा वातावरण था| वहा आदिवासी समाज रहती थी| पर सृष्टि का एक...

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दो कहानियाँ- एक मीठा सफ़र और स्कूल भाग गया By SAMIR GANGULY

चींटीटोला की सतरंगी चींटी के उस दिन की शुरूआत गन्ने की फांक से मीठा रस चूसते हुए हुई.यह देख टांयटांय तोता आम के पेड़ को दिखाता हुआ बोला,‘‘ मीठे में आम का जवाब नहीं.’’सतरंगी चींटी बो...

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तोता और आम By Abhinav Bajpai

आंख खुली तो मैं चारपाई पर लेटा हुआ था। और मेरे चारों तरफ परिवार वाले मुझे घेर कर बैठे हुए थे, बाई तरफ चारपाई पर दादी बैठी सिर पर हाथ फेर रही थी, चारपाई के पास ही बाई तरफ कुर्सी पर...

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भूतभूलैय्या By SAMIR GANGULY

वीर के लिए सबसे अच्छा समय होता है शाम का. जब सूरज डूबने और हल्का अंधेरा छाने लगता है. तब वह बाल्कनी में आकर खड़ा हो जाता है. वहां से गली का मोड़ तक दिखाई देता है. वह इंतजार करता है...

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સિઝનની પહેલી કેરી By Keval Makvana

કેરી ની ઋતુ છે. કેરી તો ખાઈ જ લીધી હશે. તો હવે કેરીની આ વાર્તા પણ વાંચી લો. કેરીની જેમ આ વાર્તા પણ ખાટી મીઠી છે, તો વાંચો વાર્તા... સિઝનની પહેલી કેરી

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चॉकलेट By SAMIR GANGULY

चॉकलेट की मांग पूरी न होने पर नन्हें गोपू को बड़ा गुस्सा आता और वह अपना पेट फुलाकर गर्दन झटककर कहता-देखना एक दिन चुपके से जंगल में चला जाऊंगा.उसकी बात सुनकर लीना दीदी पूछती, ‘‘ अच्छ...

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અલૌકિક દુનિયા By Isha Kantharia

ડોલી આજે મમ્મી સાથે બજારમાં ખરીદી કરવા જાય છે ત્યારે તે એક મોટી પુસ્તકોની દુકાન હોય છે ત્યાં જાય છે. ત્યાં રહેલા પુસ્તકો જોવા લાગે છે. ત્યારે અચાનક તેનું ધ્યાન...

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બસ્સો ગ્રામ ચીઝ By સંદિપ જોષી સહજ

બસ્સો ગ્રામ ચીઝ રીના આજે તેની દીકરી કવિતા માટે ભાવતી વાનગી બનાવી રહી છે ખાસ કવિતા ની ફરમાઈશ પર. રસોઈ માં વ્યસ્ત રીના ને અચાનક યાદ આવ્યું...

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एक शेर चाहिए By SAMIR GANGULY

जब पापा की लाडली शिशु का जन्मदिन नजदीक आने लगा तो पापा ने एक दिन उससे पूछा, ‘‘बेटे, जन्मदिन पर तुम्हें क्या चीज चाहिए.’’नटखट शिशु ने आंखें गोल-गोल करके कहा, ‘‘एक शेर चाहिए’’अब पापा...

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पोस्टर पेस्टर By SAMIR GANGULY

एक थर्राती आवाज गूंजी थी, ‘‘ अबे नीचे उतर.’’ अकबर ने पीछे मुड़ कर देखा. एकाएक यकीन न हुआ. पोस्टर का राक्षस सामनेसाक्षात खड़ा था.अकबर के थर-थर कांपने से सीढ़ी डगमगाने लगी थी और हथे...

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कर्मफल By Asha Saraswat

खेत में गेहूं काटने का समय था ।प्रतिदिन खेतों में किसान गेहूं काटते और इकट्ठे करके खेत में ही रख दिया करते ।जब खेत में गेहूं पड़े होते तो चूहे बहुत ही आनंद से खाते और बिलों...

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शुभि (10) अंतिम भाग By Asha Saraswat

शुभि अंतिम भाग प्रार्थना में प्रधानाध्यापक जी ने बताया कि आज से तीन दिन का स्काउट शिविर लगेगा, जिन बच्चों के नाम बोले जा रहे हैं वह बच्चे मैदान में ही क़तार में खड़े रह...

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સત્યની જીત By DIPAK CHITNIS. DMC

​ -સત્યની જીત- એક ગામમાં મંગલ નામનો એક સરળ અને ગરીબ છોકરો રહેતો હતો. તે દિવસભર જંગલમાં સુકા લાકડા કાપતો, અને સાંજે તેનો ભારો બાંધી બજારમાં જતો હતો. લાકડા વેચતાં તેને મળેલા પૈસામાં...

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अन्तरिक्ष में पाखी By RACHNA ROY

पाखी एक बड़ी ही प्यारी सी चंचल लड़की थी। अपने मम्मी पापा की सबसे प्यारी बेटी। इकलौती संतान थी पर कभी कोई नखरे नहीं थे पाखी के। अपने ही दुनिया में मस्त रहती थी।पाखी को तरह-तरह के चि...

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मटियाली बकरी के दढ़ियल चाचा By SAMIR GANGULY

झाड़-जंगल में रहने वाली मटियाली बकरी को पत्थर-पहाड़ पर रहने वाले उसके दढ़ियल चाचा ने एक बार एक शीशी शैम्पू भिजवाई और भिजवाई एक चिट्‍ठी. चिट्‍ठी में लिखा था-खुश रहना और खास मौकों पर शै...

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सोहबत By padma sharma

सोहबत पिताजी की आवाज नीरवता को भंग करती चली गई। वे जोर से चिल्ला रहे थे-"क्या कहा, तू आगे नहीं पढ़ेगा ? पढ़ेगा नहीं तो और क्या करेगा? तू चोरी करेगा? या हराम की खाएगा?" रात गहराने ल...

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खास हलवा By SAMIR GANGULY

एक थी लड़की, नाम था सोना. एक दिन जब उसका जन्मदिन आया तो वह मां के पास आकर बोली, ‘‘ मां-मां मैं हलवा खाऊंगी.’’वैसे तो वे गरीब लोग थे और हलवा-पूरी या पुलाव-बिरयानी के बारे में कभी नह...

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दानी की कहानी - 16 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी(मूल से प्यारा ब्याज़ ) -------------------------------- समय के गुजरने के साथ दानी हमें तो और भी सचेत लगती हैं | मम्मी कहती हैं ; "हमने अपनी दादी-नानी को देखा ,इतनी...

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जुर्रत By padma sharma

जुर्रत कोठी कैम्पस का सन्नाटा बच्चों के शोरगुल से टूट गया। सारे बच्चे मजे करने के लिए कोठी की चहारदीवारी फांद के भीतर जा पहुँचे थेबच्चों की छुट्टियों के दिन थे। परीक्षा की चिन्ता क...

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तहजीब By padma sharma

तहजीब शहर के प्रसिद्ध सिनेमा हॉल के सामने भीड़ जमा थी। सम्पूर्ण देशवासियों के प्रतीक के रूप में हर वर्ग, हर पेशे तथा हर धर्म के लोग यहाँ उपस्थित थे। इतना अधिक जनसमुदाय तो शायद किसी...

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भ्रम का भूत By Asha Saraswat

भ्रम का भूत सीमा का घर गली के अंत में था। जब कभी भी बिजली गुल हो जाती तो घर में बहुत गर्मी लगती ।गर्मियों में घर में बैठना मुश्किल हो जाता ।गली में रास्ता बहुत छोटा ह...

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जीवन का मूलमंत्र By padma sharma

जीवन का मूलमंत्र "ट्यूशन की फीस तो इतनी लेते हैं लेकिन स्कूल की तरह यहाँ भी न तो पूरा कोर्स कराते, न हरेक को ठीक से समझाते हैं।" गुंजन ने कहा और बादलों की गड़गड़ाहट से भरे आसमान की त...

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હિંમતવાન બાળકો By DIPAK CHITNIS. DMC

હિંમતવાન બાળકોDIPAK CHITNIS (dchitnis3@gmail.com) …………………………………………………………………………………………………….. ઘણાં સમય પહેલાની વાત છે. એક મોટું અને ગીચતા ધરાવતું જંગલ હતું. ગીચતા એટલી હતી કે, તેમાંથી...

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બાળ બોધકથાઓ - 4 - ચિન્ટુ By Yuvrajsinh jadeja

" ચિન્ટુ.. હવે જો તે તોફાન કર્યા છે ને તો તારો વારો કાઢી નાખીશ.." ચિન્ટુ તોફાન કરે એટલે એના મમ્મી એના પર આમ જ બરાડે અને ચિન્ટુ જાય સીધો દાદીમાના ખોળામાં . એને વિશ્વાસ હોય આ...

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तीन अनचाहे दोस्त By SAMIR GANGULY

काफी देर से अन्नू चूहे के पीछे पड़ा हुआ था. उसकी आंखें चूहे की आंखों से मिली तो उसने सोचा-अगर उसे हिप्नोटाइज करना आता तो वह इस पाजी चूहे को आदेश देता कि चुपचाप चूहेदानी में चले आओ...

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SKARS : Monster in the School - 6 By Kiaan Sethi

Chapter 6 The Silver It was a pleasant morning.We had got the first material.There were 3 more to go.I scheduled a SKAARS meeting again.They all had to come at sharp 11:00 A.M.I op...

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छिपी हुई मदद By Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दिन सुबह होते ही एक आदमी और एक छोटी बच्चे प्रवेश करे | दोनों इधर उधर कुछ खोज रहे थे | दोनों कुछ परेशान लग रहे थे | रघुवन में किसी बाहरी का प्रवेश ज्यादा देर तक छिपता न...

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राजकुमार ध्रुवल - भाग 3 - अंतिम भाग By vidya,s world

राजकुमार ध्रुवल ला पोट दुखी चा त्रास सुरू होतो..आर्य वीर वैद्यांना बोलावून त्याच्या वर उपचार करतो परंतु काहीच फरक पडत नाही..रात्री राजकुमार झोपला असताना सेनापती पुन्हा त्याच्या दा...

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दोस्ती मिलन By Vishnu Dabhi

ऊंचे पहाड़ और वहां से निकल हुई नदिया, बड़े बड़े पेड़ , पौधे से भरा एक जंगल था| पक्षी ओ की मधुर संगीत से भरा वातावरण था| वहा आदिवासी समाज रहती थी| पर सृष्टि का एक...

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दो कहानियाँ- एक मीठा सफ़र और स्कूल भाग गया By SAMIR GANGULY

चींटीटोला की सतरंगी चींटी के उस दिन की शुरूआत गन्ने की फांक से मीठा रस चूसते हुए हुई.यह देख टांयटांय तोता आम के पेड़ को दिखाता हुआ बोला,‘‘ मीठे में आम का जवाब नहीं.’’सतरंगी चींटी बो...

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तोता और आम By Abhinav Bajpai

आंख खुली तो मैं चारपाई पर लेटा हुआ था। और मेरे चारों तरफ परिवार वाले मुझे घेर कर बैठे हुए थे, बाई तरफ चारपाई पर दादी बैठी सिर पर हाथ फेर रही थी, चारपाई के पास ही बाई तरफ कुर्सी पर...

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भूतभूलैय्या By SAMIR GANGULY

वीर के लिए सबसे अच्छा समय होता है शाम का. जब सूरज डूबने और हल्का अंधेरा छाने लगता है. तब वह बाल्कनी में आकर खड़ा हो जाता है. वहां से गली का मोड़ तक दिखाई देता है. वह इंतजार करता है...

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સિઝનની પહેલી કેરી By Keval Makvana

કેરી ની ઋતુ છે. કેરી તો ખાઈ જ લીધી હશે. તો હવે કેરીની આ વાર્તા પણ વાંચી લો. કેરીની જેમ આ વાર્તા પણ ખાટી મીઠી છે, તો વાંચો વાર્તા... સિઝનની પહેલી કેરી

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चॉकलेट By SAMIR GANGULY

चॉकलेट की मांग पूरी न होने पर नन्हें गोपू को बड़ा गुस्सा आता और वह अपना पेट फुलाकर गर्दन झटककर कहता-देखना एक दिन चुपके से जंगल में चला जाऊंगा.उसकी बात सुनकर लीना दीदी पूछती, ‘‘ अच्छ...

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અલૌકિક દુનિયા By Isha Kantharia

ડોલી આજે મમ્મી સાથે બજારમાં ખરીદી કરવા જાય છે ત્યારે તે એક મોટી પુસ્તકોની દુકાન હોય છે ત્યાં જાય છે. ત્યાં રહેલા પુસ્તકો જોવા લાગે છે. ત્યારે અચાનક તેનું ધ્યાન...

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બસ્સો ગ્રામ ચીઝ By સંદિપ જોષી સહજ

બસ્સો ગ્રામ ચીઝ રીના આજે તેની દીકરી કવિતા માટે ભાવતી વાનગી બનાવી રહી છે ખાસ કવિતા ની ફરમાઈશ પર. રસોઈ માં વ્યસ્ત રીના ને અચાનક યાદ આવ્યું...

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एक शेर चाहिए By SAMIR GANGULY

जब पापा की लाडली शिशु का जन्मदिन नजदीक आने लगा तो पापा ने एक दिन उससे पूछा, ‘‘बेटे, जन्मदिन पर तुम्हें क्या चीज चाहिए.’’नटखट शिशु ने आंखें गोल-गोल करके कहा, ‘‘एक शेर चाहिए’’अब पापा...

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पोस्टर पेस्टर By SAMIR GANGULY

एक थर्राती आवाज गूंजी थी, ‘‘ अबे नीचे उतर.’’ अकबर ने पीछे मुड़ कर देखा. एकाएक यकीन न हुआ. पोस्टर का राक्षस सामनेसाक्षात खड़ा था.अकबर के थर-थर कांपने से सीढ़ी डगमगाने लगी थी और हथे...

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कर्मफल By Asha Saraswat

खेत में गेहूं काटने का समय था ।प्रतिदिन खेतों में किसान गेहूं काटते और इकट्ठे करके खेत में ही रख दिया करते ।जब खेत में गेहूं पड़े होते तो चूहे बहुत ही आनंद से खाते और बिलों...

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शुभि (10) अंतिम भाग By Asha Saraswat

शुभि अंतिम भाग प्रार्थना में प्रधानाध्यापक जी ने बताया कि आज से तीन दिन का स्काउट शिविर लगेगा, जिन बच्चों के नाम बोले जा रहे हैं वह बच्चे मैदान में ही क़तार में खड़े रह...

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સત્યની જીત By DIPAK CHITNIS. DMC

​ -સત્યની જીત- એક ગામમાં મંગલ નામનો એક સરળ અને ગરીબ છોકરો રહેતો હતો. તે દિવસભર જંગલમાં સુકા લાકડા કાપતો, અને સાંજે તેનો ભારો બાંધી બજારમાં જતો હતો. લાકડા વેચતાં તેને મળેલા પૈસામાં...

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अन्तरिक्ष में पाखी By RACHNA ROY

पाखी एक बड़ी ही प्यारी सी चंचल लड़की थी। अपने मम्मी पापा की सबसे प्यारी बेटी। इकलौती संतान थी पर कभी कोई नखरे नहीं थे पाखी के। अपने ही दुनिया में मस्त रहती थी।पाखी को तरह-तरह के चि...

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मटियाली बकरी के दढ़ियल चाचा By SAMIR GANGULY

झाड़-जंगल में रहने वाली मटियाली बकरी को पत्थर-पहाड़ पर रहने वाले उसके दढ़ियल चाचा ने एक बार एक शीशी शैम्पू भिजवाई और भिजवाई एक चिट्‍ठी. चिट्‍ठी में लिखा था-खुश रहना और खास मौकों पर शै...

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सोहबत By padma sharma

सोहबत पिताजी की आवाज नीरवता को भंग करती चली गई। वे जोर से चिल्ला रहे थे-"क्या कहा, तू आगे नहीं पढ़ेगा ? पढ़ेगा नहीं तो और क्या करेगा? तू चोरी करेगा? या हराम की खाएगा?" रात गहराने ल...

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खास हलवा By SAMIR GANGULY

एक थी लड़की, नाम था सोना. एक दिन जब उसका जन्मदिन आया तो वह मां के पास आकर बोली, ‘‘ मां-मां मैं हलवा खाऊंगी.’’वैसे तो वे गरीब लोग थे और हलवा-पूरी या पुलाव-बिरयानी के बारे में कभी नह...

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दानी की कहानी - 16 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी(मूल से प्यारा ब्याज़ ) -------------------------------- समय के गुजरने के साथ दानी हमें तो और भी सचेत लगती हैं | मम्मी कहती हैं ; "हमने अपनी दादी-नानी को देखा ,इतनी...

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जुर्रत By padma sharma

जुर्रत कोठी कैम्पस का सन्नाटा बच्चों के शोरगुल से टूट गया। सारे बच्चे मजे करने के लिए कोठी की चहारदीवारी फांद के भीतर जा पहुँचे थेबच्चों की छुट्टियों के दिन थे। परीक्षा की चिन्ता क...

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तहजीब By padma sharma

तहजीब शहर के प्रसिद्ध सिनेमा हॉल के सामने भीड़ जमा थी। सम्पूर्ण देशवासियों के प्रतीक के रूप में हर वर्ग, हर पेशे तथा हर धर्म के लोग यहाँ उपस्थित थे। इतना अधिक जनसमुदाय तो शायद किसी...

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भ्रम का भूत By Asha Saraswat

भ्रम का भूत सीमा का घर गली के अंत में था। जब कभी भी बिजली गुल हो जाती तो घर में बहुत गर्मी लगती ।गर्मियों में घर में बैठना मुश्किल हो जाता ।गली में रास्ता बहुत छोटा ह...

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जीवन का मूलमंत्र By padma sharma

जीवन का मूलमंत्र "ट्यूशन की फीस तो इतनी लेते हैं लेकिन स्कूल की तरह यहाँ भी न तो पूरा कोर्स कराते, न हरेक को ठीक से समझाते हैं।" गुंजन ने कहा और बादलों की गड़गड़ाहट से भरे आसमान की त...

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હિંમતવાન બાળકો By DIPAK CHITNIS. DMC

હિંમતવાન બાળકોDIPAK CHITNIS (dchitnis3@gmail.com) …………………………………………………………………………………………………….. ઘણાં સમય પહેલાની વાત છે. એક મોટું અને ગીચતા ધરાવતું જંગલ હતું. ગીચતા એટલી હતી કે, તેમાંથી...

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