Best Drama Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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  • अजनबी - 3

    अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछा...

  • मौत से भागती दुल्हन - 12

    मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड...

  • पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 6

    रात अब भी गहरी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी थी, और बाहर हवा अब शांत हो चुकी थी। सि...

अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 13 By Priya Chaudhary

(सुरंग के अंदर टपकते पानी की आवाज़, गूँजते हुए कदमों की आहट और एक भारी, ठंडी हवा का झोंका जो आर्यन के चेहरे को छूता है। आर्यन की सांसें भारी हैं, लेकिन उसके मन में अब एक अजीब सी शा...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 17 By Firdous kaSak

   બે કોડીની એમ્પ્લોય, તે મારી પર હાથ ઉઠાવ્યો. તારી એટલી હિંમત. અવિનાશ મીરાના તમાચાથી ઉશ્કેરાઈ ગયો તેણે મીરાના બેય હાથ પકડીને ડેસ્ક પર સુવરાવી દીધી અને તેની સાથે જબરજસ્તી કરવા લાગ્...

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MTNL की घंटी - 18 By kalpita

महक जैसे ही हॉल में दाखिल हुई, हल्की-सी हलचल हुई। कई लोगों ने उसकी ओर देखा — उसकी सादगी, उसकी मुस्कुराहट और उसके चेहरे की वो शांत चमक जैसे सबको कुछ पल ठहरने पर मजबूर कर रही थी।हाल...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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अनकहा जुनूँ - 3 By Priya Chaudhary

(साउंड: घड़ी की टिक-टिक की आवाज़, जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन में बदल जाती है। बाहर बारिश की धीमी फुहारें)नरेटर: रात के चार बज रहे थे। बियर अपनी खिड़की के पास बैठा, बाहर उस साये को घूर...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 6 By Sonam Brijwasi

रात अब भी गहरी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी थी, और बाहर हवा अब शांत हो चुकी थी। सिद्धिका धीरे-धीरे आगे बढ़ी…और बिना कुछ बोले…उसने अपना सिर कृष्णा के सीने पर रख दिया।कुछ पल के लिए सब...

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धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

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Honted Jobplace - 11 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

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ಹೆಲ್ಮೆಟ್ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಕ್ಲಾಕ್ ಟವರ್ ಜಂಕ್ಷನ್ ಎಂದರೆ ಅದು ವಾಹನಗಳ ಸಾಗರ. ಸುಡುವ ಬಿಸಿಲಿಗೆ ರಸ್ತೆಯೇ ಕರಗಿ ಹೋಗುವ ಹದದಲ್ಲಿತ್ತು. ಕರ್ಕಶ ಹಾರ್ನ್ ಶಬ್ದಗಳ ನಡುವೆ ಟ್ರಾಫಿಕ್ ಪೊಲೀಸ್ ವಿಕ್ರಮ್ ಸಿಂಹ ತನ್ನ HF Deluxe ನಿಲ್ಲಿಸಿ, ಹ...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 1 By RAAHULL SHARMA

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...

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ಅನ್ನದ ಋಣ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಆ ಸುಡುವ ಏಪ್ರಿಲ್ ತಿಂಗಳ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ. ರಸ್ತೆಗಳು ಬಿಸಿಯಿಂದ ಕಾದ ಹೆಂಚಿನಂತಾಗಿದ್ದವು. ಶರತ್ ತನ್ನ HF Deluxe ಬೈಕ್ ಮೇಲೆ ಕುಳಿತು ಕುತ್ತಿಗೆಗೆ ಸುತ್ತಿಕೊಂಡಿದ್ದ ಟವೆಲ್‌ನಿಂದ ಬೆವರಿನ ಹನಿಗಳನ್ನು ಒರೆಸಿಕೊಳ...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 5 By Praveen Kumrawat

घर वापसी : जब इंसान बदल जाए, लेकिन माहौल न बदलेउपचार के बाद वह लड़का पहले जैसा नहीं रहा था। वर्षों तक जिस अंधेरे ने उसके जीवन को घेर रखा था, उसमें अब कुछ रोशनी दिखाई देने लगी थी। व...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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Safar e Raigah - 8 By Naheed Anis

 منظر ۔ہسپتال کی اس تھکا دینے والی شفٹ اور دوستوں کے ساتھ ہلکے پھلکے مذاق کے بعد، شاہمیر کا اگلا پڑاؤ اس کا اپنا جِم (Gym) تھا۔ یہ جِم صرف اس کا بزنس نہیں تھا، بلکہ یہاں کی خاموشی...

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લોહી તરસ્યા લોક - પ્રકરણ 4 By Ashoksinh jadeja

*પ્રકરણ ૪: વૃદ્ધાશ્રમની ખામોશી અને અંતિમ સત્ય**     ગાડી જ્યારે વૃદ્ધાશ્રમના લોખંડી અને ઠંડા ગેટ પાસે આવીને ઉભી રહી, ત્યારે જાણે સમય થંભી ગયો હતો. રઘુભાઈએ શાંતિબાનો ધ્રૂજતો હાથ પોત...

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नशा - 2 By Dr. Suryapal Singh

नागरिक- पंडित जी मैं लोटा तो नहीं खरीदता मगर आप मार नहीं सकते । लोटा आपको ले जाना चाहिए। इसके छू लेने से लोटा नापाक नहीं हो गया। दर्शक बन्धु ठीक कह रहा हूँ।त्रिवेणीनाथ- दर्शकों से...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 28 By Sonam Brijwasi

रात के 2 बजे। बाहर तेज़ हवा चल रही है। घर में गहरा सन्नाटा है।श्रेया अचानक घबरा कर उठ बैठती है। चेहरे पर पसीना… साँस तेज़-तेज़ चल रही है।श्रेया (रोते हुए, काँपती आवाज़ में) बोली - ...

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उन्हें नींद नहीं आती-3 By Dr. Suryapal Singh

अंक- 3 (स्थान वही, कटियार एक कुर्सी पर ऊँघ रहा है। मटरू दौड़ता हुआ आता है।)मटरू- सरकार? (मटरू थर-थर काँपता है। एक बार दौड़कर अन्दर झाँककर) सरकार? (कटियार के चारो ओर चक्कर लगाकर) सरका...

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પ્રીત ના કરીઓ કોઈ, - પ્રકરણ 3.2 By Niyati Kapadia Nirjhar

આત્મજા મૃત્યું પામી હતી. કેદારે જ એની હત્યા કરી હતી અને હું આ બધી બાબતે સાવ નિર્દોષ હતો. હકીકત જે હતી એ હતી પણ હવે દુનિયા આગળ મારે આ જ કહેવાનું હતું અને મેં એ જ કહ્યું. મારી અને આત...

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इस घर में प्यार मना है - 37 By Sonam Brijwasi

घर का लिविंग रूम…संशिका और अंशिका अब थोड़ी बड़ी हो गई थीं…दोनों भाग-दौड़ मचा रही थीं कार्तिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहा था —कार्तिक बोला - अरे मेरी परियों… इधर आओ!दोनों एक साथ...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 13 By Priya Chaudhary

(सुरंग के अंदर टपकते पानी की आवाज़, गूँजते हुए कदमों की आहट और एक भारी, ठंडी हवा का झोंका जो आर्यन के चेहरे को छूता है। आर्यन की सांसें भारी हैं, लेकिन उसके मन में अब एक अजीब सी शा...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 17 By Firdous kaSak

   બે કોડીની એમ્પ્લોય, તે મારી પર હાથ ઉઠાવ્યો. તારી એટલી હિંમત. અવિનાશ મીરાના તમાચાથી ઉશ્કેરાઈ ગયો તેણે મીરાના બેય હાથ પકડીને ડેસ્ક પર સુવરાવી દીધી અને તેની સાથે જબરજસ્તી કરવા લાગ્...

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MTNL की घंटी - 18 By kalpita

महक जैसे ही हॉल में दाखिल हुई, हल्की-सी हलचल हुई। कई लोगों ने उसकी ओर देखा — उसकी सादगी, उसकी मुस्कुराहट और उसके चेहरे की वो शांत चमक जैसे सबको कुछ पल ठहरने पर मजबूर कर रही थी।हाल...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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अनकहा जुनूँ - 3 By Priya Chaudhary

(साउंड: घड़ी की टिक-टिक की आवाज़, जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन में बदल जाती है। बाहर बारिश की धीमी फुहारें)नरेटर: रात के चार बज रहे थे। बियर अपनी खिड़की के पास बैठा, बाहर उस साये को घूर...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 6 By Sonam Brijwasi

रात अब भी गहरी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी थी, और बाहर हवा अब शांत हो चुकी थी। सिद्धिका धीरे-धीरे आगे बढ़ी…और बिना कुछ बोले…उसने अपना सिर कृष्णा के सीने पर रख दिया।कुछ पल के लिए सब...

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धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

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ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

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ಮಂಗಳೂರಿನ ಕ್ಲಾಕ್ ಟವರ್ ಜಂಕ್ಷನ್ ಎಂದರೆ ಅದು ವಾಹನಗಳ ಸಾಗರ. ಸುಡುವ ಬಿಸಿಲಿಗೆ ರಸ್ತೆಯೇ ಕರಗಿ ಹೋಗುವ ಹದದಲ್ಲಿತ್ತು. ಕರ್ಕಶ ಹಾರ್ನ್ ಶಬ್ದಗಳ ನಡುವೆ ಟ್ರಾಫಿಕ್ ಪೊಲೀಸ್ ವಿಕ್ರಮ್ ಸಿಂಹ ತನ್ನ HF Deluxe ನಿಲ್ಲಿಸಿ, ಹ...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 1 By RAAHULL SHARMA

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...

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ಮಂಗಳೂರಿನ ಆ ಸುಡುವ ಏಪ್ರಿಲ್ ತಿಂಗಳ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ. ರಸ್ತೆಗಳು ಬಿಸಿಯಿಂದ ಕಾದ ಹೆಂಚಿನಂತಾಗಿದ್ದವು. ಶರತ್ ತನ್ನ HF Deluxe ಬೈಕ್ ಮೇಲೆ ಕುಳಿತು ಕುತ್ತಿಗೆಗೆ ಸುತ್ತಿಕೊಂಡಿದ್ದ ಟವೆಲ್‌ನಿಂದ ಬೆವರಿನ ಹನಿಗಳನ್ನು ಒರೆಸಿಕೊಳ...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 5 By Praveen Kumrawat

घर वापसी : जब इंसान बदल जाए, लेकिन माहौल न बदलेउपचार के बाद वह लड़का पहले जैसा नहीं रहा था। वर्षों तक जिस अंधेरे ने उसके जीवन को घेर रखा था, उसमें अब कुछ रोशनी दिखाई देने लगी थी। व...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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 منظر ۔ہسپتال کی اس تھکا دینے والی شفٹ اور دوستوں کے ساتھ ہلکے پھلکے مذاق کے بعد، شاہمیر کا اگلا پڑاؤ اس کا اپنا جِم (Gym) تھا۔ یہ جِم صرف اس کا بزنس نہیں تھا، بلکہ یہاں کی خاموشی...

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*પ્રકરણ ૪: વૃદ્ધાશ્રમની ખામોશી અને અંતિમ સત્ય**     ગાડી જ્યારે વૃદ્ધાશ્રમના લોખંડી અને ઠંડા ગેટ પાસે આવીને ઉભી રહી, ત્યારે જાણે સમય થંભી ગયો હતો. રઘુભાઈએ શાંતિબાનો ધ્રૂજતો હાથ પોત...

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नशा - 2 By Dr. Suryapal Singh

नागरिक- पंडित जी मैं लोटा तो नहीं खरीदता मगर आप मार नहीं सकते । लोटा आपको ले जाना चाहिए। इसके छू लेने से लोटा नापाक नहीं हो गया। दर्शक बन्धु ठीक कह रहा हूँ।त्रिवेणीनाथ- दर्शकों से...

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रात के 2 बजे। बाहर तेज़ हवा चल रही है। घर में गहरा सन्नाटा है।श्रेया अचानक घबरा कर उठ बैठती है। चेहरे पर पसीना… साँस तेज़-तेज़ चल रही है।श्रेया (रोते हुए, काँपती आवाज़ में) बोली - ...

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उन्हें नींद नहीं आती-3 By Dr. Suryapal Singh

अंक- 3 (स्थान वही, कटियार एक कुर्सी पर ऊँघ रहा है। मटरू दौड़ता हुआ आता है।)मटरू- सरकार? (मटरू थर-थर काँपता है। एक बार दौड़कर अन्दर झाँककर) सरकार? (कटियार के चारो ओर चक्कर लगाकर) सरका...

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આત્મજા મૃત્યું પામી હતી. કેદારે જ એની હત્યા કરી હતી અને હું આ બધી બાબતે સાવ નિર્દોષ હતો. હકીકત જે હતી એ હતી પણ હવે દુનિયા આગળ મારે આ જ કહેવાનું હતું અને મેં એ જ કહ્યું. મારી અને આત...

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इस घर में प्यार मना है - 37 By Sonam Brijwasi

घर का लिविंग रूम…संशिका और अंशिका अब थोड़ी बड़ी हो गई थीं…दोनों भाग-दौड़ मचा रही थीं कार्तिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहा था —कार्तिक बोला - अरे मेरी परियों… इधर आओ!दोनों एक साथ...

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