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नौकरानी की बेटी - 25
by RACHNA ROY
  • 279

आनंदी ने फ़ोन पर कहा रीतू दीदी शना के पहली जन्मदिन मनाने के लिए सबको अपने आलीशान बंगले में आने को बोली और कहा कि वो अपने तरफ से ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 6 - अंतिम भाग
by राजनारायण बोहरे
  • 207

स्कूली शिक्षा सम्बन्धी बैचेनियां, चिंताएं और उत्सुकताएं             शिक्षा सामाजिक विकास की सतत चलने वाली प्रक्रिया है। स्वाधीनता दविस 2004 की पूर्व संध्या पर दिए गए राष्ट्रपति के राष्ट्र ...

नौकरानी की बेटी - 24
by RACHNA ROY
  • 849

आनंदी के आई एस अफसर बनने से लेकर अब तक का सफर बहुत ही खूबसूरत रहा ।अब आनंदी को आगे पढ़ना है तो अवकाश लेने का समय आ गया ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 5
by राजनारायण बोहरे
  • 189

बाजार की शिक्षा या शिक्षा का बाजार             शिक्षा का स्वरूप समाज का निर्माण करता है और सामाजिक प्रयोजन शिक्षा के स्वरूप को बदलता है। शिक्षा का अस्तित्व समाज ...

उम्र का अंतराल
by Kamal Bhansali
  • 276

शीर्षक : उम्र का अंतराल ( Generation Gap )यह तय है, मानव जीवन, युग की चेतना के अनुसार अपने स्वरुप को बदलता है। किसी एक मानव के लिए यह ...

એલિયન્સનો હુમલો - પૃથ્વીનો વિનાશ - 3
by Arbaaz Mogal
  • 168

હાર્દિકને જાણવાની ઇરછા થાય છે કે આ દુર્ગંધ ક્યાંથી આવી રહી છે. એ જાણવા માટે ઘરની બહાર નીકળે છે. એનું ધ્યાન ધુમાડા ઉપર જાય છે. એ ધુમાડો ઘરના પાછળના ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 4
by राजनारायण बोहरे
  • 222

शिक्षा-संसार में हो रही 1998 में हो रही हलचल पर एक दृष्टि               भारतीय जनता पार्टी के सत्ताच्युत होने के कुछ दिनों बाद तक शिक्षा के सवाल पर ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 3
by राजनारायण बोहरे
  • 369

हम क्या करें ? -श्री राधारमण बैद्य                         आज निहित स्वार्थो से प्रेरित राष्ट्रीयता और आत्म गौरव उभारा जा रहा है, संस्कृति की दुहाई दी जा रही है या ...

नौकरानी की बेटी - 23
by RACHNA ROY
  • 816

आनंदी राजस्थान में आकर अपने काम को समझने लगीं और फिर वहां भी उसने बहुत सारे रुके हुए कार्य को पुरा करवाया।आनंदी ने पुराने सारे फाइल मंगवा लिया और ...

प्रेम और वासना - भाग 5 - प्रेम के रंग हजार, रिश्तों में
by Kamal Bhansali
  • 420

प्रेम" शब्द काफी मार्मक और भावुकता भरा होता है। नये, नये रुप में प्रयोग होने वाला शब्द इंसानी अहसास को इंद्रधनुषी रंगों से सजाता है,। प्रेम, प्यार, लव, जैसे ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 2
by राजनारायण बोहरे
  • 297

भूमण्डलीकरण का संदर्भ और शिक्षा               सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व जग जाहिर है। समाज में बेहतर बदलाव तब आता है, जब जन (सामान्यजन) उत्पीड़न चीन्हनें ...

એલિયન્સનો હુમલો - પૃથ્વીનો વિનાશ - 2
by Arbaaz Mogal
  • 242

સવારના છ વાગ્યા હતા. છાપાવાળો સાયકલ ચલાવતા ચલાવતા હાર્દિકના ઘરે છાપું આપવા જાતો હતો. એને શેનીક દુર્ગંધ આવે છે!, એની નજર હાર્દિકના ઘરની પાછળ ધુમાડો નીકળો હતો ત્યાં જાય ...

ધ્યાનવિશ્વમાં વિહાર - 3 (લેખાંક 3 - ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ)
by Jitendra Patwari
  • 136

ધ્યાન - ભ્રામક માન્યતાઓ (3)????????? ? લેખ 2/3માં નીચે દર્શાવેલ ભ્રામક માન્યતાઓ અને તેની સામેની હકીકત જાણી. 1) "ધ્યાન એ કોઈ વિશેષ ધર્મ સાથે જોડાયેલી વાત છે." 2) “ધ્યાન ...

राधारमण वैद्य-आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ - 1
by राजनारायण बोहरे
  • 420

आधुनिक भारतीय शिक्षा की चुनौतियाँ               जहाँ तक शिक्षा में आमूल परिवर्तन की बात है, वह बहुत कठिन कार्य है, क्योंकि इसमें पर्याप्त श्रम, समय, धन और अन्वेषणों ...

संग विज्ञान का - रंग अध्यात्म का - 3
by Jitendra Patwari
  • 303

  नाड़ीतंत्र   प्रथम दो लेखांक दौरान ओरा (Aura) और कुँडलिनी के बारे में चर्चा हुईl नाड़ि के बारे में प्राथमिक बात हुई कि जैसे बिजली, रेडियो या लेसर ...

नौकरानी की बेटी - 22
by RACHNA ROY
  • 1.3k

आज आनंदी केरल पहुंच गई थी एक नई उम्मीद नई मंजिल के साथ।आई एस टापर्स आनंदी को पहले जीवन का सबसे बड़ा दिन आज ही लग रहा था क्योंकि ...

સમગ્ર જીંદગી - ૭ ચક્રોમાં સમાવિષ્ટ યાત્રા - લેખાંક 8
by Jitendra Patwari
  • 214

 મૂલાધારચક્ર સંતુલનના ઉપાયો (ગતાંકથી ચાલુ)   મૂલાધારચક્ર સંતુલન માટેના વિવિધ ઉપાયોની ચર્ચા દરમ્યાન લેખાંક ૭માં ક્રોમોથેરાપી (કલર થેરાપી), આહાર, યોગાસન, મુદ્રા, સાઉન્ડ થેરાપી, મંત્ર, અરોમા થેરાપી અને ક્રિસ્ટલ/ રત્ન / સ્ટોન થેરાપી ...

એલિયન્સનો હુમલો - પૃથ્વીનો વિનાશ - 1
by Arbaaz Mogal
  • 288

રાતના બે વાગ્યા હતા. હાર્દિક સૂતો હતો. અચાનક એનો પલંગ હલવા લાગે છે. હાર્દિક ઉઠીને જોવે છે. આ વળી કોણ હશે! જેને આખો પલંગ હલાવી નાખ્યો? કોણ હશે? હાર્દિક ...

प्रेम और वासना - भाग 3
by Kamal Bhansali
  • 651

प्रेम और वासना इंसानी जीवन के वो दो पहलू है, जिनके बिना जिंदगी को लय मिलना मुश्किल होता है। प्रेम को अगर वासना से अलग कर दिया जाय, तो ...

नौकरानी की बेटी - 21
by RACHNA ROY
  • 948

आनंदी एक आई एस अफसर बना चुकी हैं और अब आनंदी की लाइफस्टाइल, लाखों की सैलरी के साथ मिलती है ये सुविधा।आईएएस यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस को सब से ...

प्रेम और वासना - भाग 2
by Kamal Bhansali
  • 660

वासना" शब्द कि विडम्बना यही है, एक जायज क्रिया के साथ नाजायज की तरह व्यवहार किया जाता है। अंदर से सबका इससे आंतरिक रिश्ता होते हुए भी, इस के ...

प्रेम और वासना - भाग 1
by Kamal Bhansali
  • 732

प्रेम की सबसे बड़ी विशेषता, अगर कोई है, तो यह कि यह भावनाओं के सभी रंगों से परिपूर्ण रहकर भी सदा सफेद और स्वच्छ सत्य के अंदर ही अपना ...

नौकरानी की बेटी - 20
by RACHNA ROY
  • 1.4k

शैलेश का भी हल्दी हो गया अब  आगे।। रात को रीतू दुल्हन बन कर मंडप में बैठी थी। अमर, राजू और बाकी जेंस लोगों ने सफ़ारी पहना था।लेडिस साड़ियां पहनी ...

ढलती उम्र में रहे बेखबर
by Kamal Bhansali
  • 441

Health is wealth" यानी स्वास्थ्य ही धन है। ये कथन जीवन का प्रमुख सत्य है। इस कथन का प्रयोग हम सभी कभी न कभी स्वास्थ्य के सन्दर्भ में जब-तब ...

अधिकार और कर्तव्य
by Kamal Bhansali
  • 363

अधिकार" और "कर्तव्य" ऐसे शब्द है, जो एक दूसरे के पूरक है, एक के बिना दूसरे का चिंतन करना व्यर्थ है। फिर भी विडम्बना ही कहिये एक सर्व पसन्द ...

दवा
by amit kumar mall
  • 750

        पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक पिछड़े क्षेत्र होने के बाद भी , मेरे गांव में बाजार थी - साप्ताहिक नही परमानेंट । सोमवार और शुक्रवार को , ...

नौकरानी की बेटी - 19
by RACHNA ROY
  • 1.5k

अब आनंदी को पोस्ट  ग्रेजुएट   के नतीजे का इंतजार था।  और फिर एक दिन आनंदी का पोस्ट ग्रेजुएऐट का नतीजा निकला और आनंदी का फर्स्ट रेंक आया ही साथ ...

रामायण, अमृत-तत्व- व्यक्तित्व निर्माण में
by Kamal Bhansali
  • 429

कभी अगर हमसे कोई कहे, इंसानों में "राम" की तलाश है, तो एकाएक ऐसे महापुरुष की काल्पनिक छवि हमारे नयनों में तैरने लगती है, जो अलौकिकता से भरपूर होती ...

लोक और संस्कृति
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 408

'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना  व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है  । लोक संस्कृति के स्वरूप को संकुचित ...

दहशत में वर्तमान
by Kamal Bhansali
  • 492

विषय : दहशत में वर्तमान ( एक अनुसंधान युक्त विश्लेषण )Truth is forever" सत्य सदा रहता, वक्त बोल कर कह नहीं सकता, पर अहसास तो करा देता। सवाल ये ...