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नौकरानी की बेटी - 33
by RACHNA ROY
  • 1.5k

आनंदी ने गाड़ी में बैठ कर फोन पर सब कुछ कन्फर्म कर लिया था। फिर आनंदी बोली अनिकेत जी आप ने सब कुछ ठीक से देख लिया है कि ...

You and Me#Lets Begin# - 1
by Dr Anita
  • 1.4k

Pooja_Hey ,I feel attracted and want to connect with in Toto.Just you and me nothing in between.Prashant an Orthodox boy thinking of her all time but was afraid to ...

कलाकारों की दुनिया
by Anand M Mishra
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  कलाकारों की अपनी ही दुनिया होती है। वे आम जनों की तरह पाना जीवन नहीं जीते हैं। मन में जो आ गया – सो आ गया। उसे बदलना ...

नौकरानी की बेटी - 32
by RACHNA ROY
  • 1.4k

सबने तारीफ किया और अब आगे।।फिर इसी तरह हर साल अन्वेशा का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता था।आनंदी के घर सब लोग बहुत ही अच्छे से रहने ...

मैकाले का दोष
by Anand M Mishra
  • 687

एक ज़माने में हमारा देश जगद्गुरु था। देश-विदेश से लोग शिक्षा पाने के लिए भारत आते थे। एक से बढ़कर एक शिक्षा संस्थानों से हमारा देश जगमग करता था। ...

नौकरानी की बेटी - 31
by RACHNA ROY
  • 1.3k

सुबह होते ही जल्दी जल्दी सब काम होने लगा।कृष्णा ने पुजा की तैयारी कर ली थी और फिर पंडित जी भी आ गए।आनंदी खुद तैयार हो कर शना और ...

जीवन सँध्या
by Kamal Bhansali
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मानव दुनिया में शक्तिशाली और अति बुद्धिमान प्राणी माना जाता है,  परन्तु जब बात उम्र की आती, तो यह भी स्वीकार किया गया कि हर दिन क्षीण होती शक्ति, ...

नौकरानी की बेटी - 30
by RACHNA ROY
  • 1.5k

आज अन्वेशा का स्कूल में पहला दिन है।आनंदी ने बहुत ही अच्छे से उसको तैयार किया था। आनंदी बोली वाह मेरी गुड़िया।अन्वेशा बैग लेकर आनंदी के साथ नीचे पहुंच ...

चित और तन यानी चिंतन
by Kamal Bhansali
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शीर्षक : चित और तन= चिंतनशरीर और आत्मा जीवन के प्रारम्भिक से अंतिम अवस्था के मुख्य तत्व है, दोनों के बिना जीवन का अस्तित्व दुर्लभ होता है। स्वभाविक अवस्था ...

પરોઢ નો પોઝીટીવ વિચાર
by Dhinal Ganvit
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"પરોઢ નો પોઝીટીવ વિચાર". શીર્ષક માં આવતો પરોઢ શબ્દ એટલે સવાર અને પોઝિટિવ એટલે સકારાત્મક. સવાર નો સકારાત્મક વિચાર. જીવનમાં દરેક સવારની શુરુઆત સકારાત્મક વિચારો રાખી ને કરીએ તો ...

नौकरानी की बेटी - 29
by RACHNA ROY
  • 1.7k

कृष्णा ने कहा हां बेटा तुम जरूर कामयाब होगी एक अच्छे काम के लिए जा रही हो।आनंदी ने कहा मां अपना ख्याल रखना।आनंदी गाड़ी से निकल गई।इन्दौर से 5.55 ...

હું તમને ગમું છું?
by वात्त्सल्य
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મનનો વહેમ કાઢી નાખો કે પરણેલા બહુ ખુશ હોય છે. "લાકડાના લાડૂ ખાય તે પસ્તાય અને ના ખાય તેય પસ્તાય."હું અપરણિત હતો ત્યારે થતું કે હું પરણીશ તો હવામાં ...

The story of an girl
by akshu
  • 909

One day a girl was writing a story in a book. You and all ask what she is writing??  She has writing her life what is going on in ...

स्वयं का मूल्यांकन आत्मा के संदर्भ में - भाग 1
by Kamal Bhansali
  • 849

पंकेविर्ना सरो भाति सभा खलजनै विर्ना ।कटुवणैविर्ना काव्यं मानसं विशयैविर्ना "।।"यानी सरोवर कीचड़ रहित हो तो शोभा देता है, दुष्ट मानव न हो तो सभा, कटु वर्ण न हो ...

Daily Yoga For Everyone
by SUNIL ANJARIA
  • 357

Daily yoga for everyoneWith an intention to bring before the readers modern day yoga asanas which will benefit everyone and anyone can do them, I present here a brief ...

ધ્યાન પદ્ધતિઓનું વૈવિધ્ય - 1 - મૂલાધારચક્ર ધ્યાન.
by Jitendra Patwari
  • 666

  'ઘ્યાનવિશ્વમાં વિહાર' શીર્ષક અંતર્ગત ધ્યાન સંબંધિત વિવિધ મુદ્દાઓ ચર્ચી રહ્યા છીએ જેમ કે, 1) આ વિષયમાં પ્રવર્તતી ભ્રામક માન્યતાઓ, તેની સામે હકીકત 2) ધ્યાનના ફાયદાઓ, સાંપ્રત વિજ્ઞાનની દ્રષ્ટિએ ...

जंगल मेरा मायका-गौरा देवी
by राज बोहरे
  • 966

                                                                      जंगल मेरा मायका, पेड़ मेरे नातेदार                  बात छब्बीस मार्च सन उन्नीस सौ चौहततर की है। उत्तराखण्ड प्रांत के जिला चमोली के पहाड़ पर बसे ...

नौकरानी की बेटी - 28
by RACHNA ROY
  • 1.7k

आनंदी ने दिल्ली में फिर से अपनी पोस्ट जोय्न कर लिया।आनंदी के पीएचडी स्कॉलर और गोल्ड मेडलिस्ट होने की खुशी में उसके आफिस में एक शानदार पार्टी रखी गई ...

परिवार, सुख का आकार - (भाग 4) - संयुक्त परिवार- फिर वक्त की जरुरत
by Kamal Bhansali
  • 1.2k

आज का युग, साधारण आदमी के लिए कोई मायना नहीं रखता। शिष्टता की जगह विशिष्टता का महत्व बढ़ गया है। समय अपनी गति के साथ रंग बदलता रहता है, ...

महामारी का प्रकोप
by Anand M Mishra
  • 1.2k

जम्बू द्वीप में कोरोना फैला था। उसी द्वीप में एक शांत गाँव है। इस गाँव में बाहर के गांवों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तो यह शांत ...

नौकरानी की बेटी - 27
by RACHNA ROY
  • 2k

आनंदी ने कहा मां अब पैकिंग कर लो।कृष्णा ने कहा हां बेटा मैंने थोड़ी बहुत पैकिंग कर लिया है।आनंदी ने भी अपनी सारी किताबें सब ठीक से एक बैग ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 3) - उन्नत्ति की सीढ़ी
by Kamal Bhansali
  • 1k

परिवार भाग 3 ( उन्नत्ति की सीढ़ी )आज जो सँसार का स्वरुप है, उसकी उन्नति में परिवार की भूमिका को नकारना सहज नहीं है। यह विडम्बना आज के स्वरुप ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 2) - बिखराव रिश्तों का
by Kamal Bhansali
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परिवार, व्यक्तित्व निर्माण में एक अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस तथ्य पर वैसे तो कोई शंका का कारण नजर नहीं आता फिर भी निवारण के लिए इतना कहना ...

नौकरानी की बेटी - 26
by RACHNA ROY
  • 1.8k

एक अच्छी शोध कर्ता की विशेषता जो कि आनंदी में थी वो उसको युनिवर्सिटी से मिला उसका विवरण रीतू ने पढ़ा।75000 बड्स की थीसिस राइटिंग प्रोडक्टिव मैनर से एनालाइजिग ...

परिवार, सुख का आकार (भाग 1)
by Kamal Bhansali
  • 1.2k

रिश्तों की दुनिया की अनेक विविधताएं है, रिश्तों के बिना न परिवार, न समाज, न देश की कल्पना की जा सकती है, कहने को तो यहां तक भी कहा ...