Free Best trending stories in gujarati, hindi, marathi and english language Home Stories Trending Now Filter: Best Stories Filter: Gujarati Hindi Marathi અધૂરી ઓળખ, અનમોલ સબંધ - 2 by Authority 564 ### વાર્તાનો આ રોમાંચક ભાગ:> એક દિવસ વાત વધી ગઈ અને ઓફિસમાં બધાને આરવની લાગણીઓ વિશે ખબર પડી ગઈ. વાતો-વાતોમાં માહોલ બગડ્યો અને દેવાંશ ગુસ્સામાં આપાત ખોઈ બેઠો. બંને ... છેલ્લી મુલાકાત! by Ashoksinh jadeja (33) 824 શ્રાવણ મહિનો એટલે પ્રકૃતિનો સોળે કળાએ ખીલવાનો સમય. આકાશમાં કાળા ડિબાંગ વાદળો છવાયેલા હતા અને બહાર સરસ મજાનો ઝરમર વરસાદ વરસી રહ્યો હતો અને થોડો થોડો પવન વાતાવરણ ને ... Best Of AP ( Part-1) by Shivraj Bhokare डर – आचार्य प्रशांत समीक्षा: समझें, और बढ़ें निडरता की ओर..आचार्य प्रशांत की पुस्तक डर आधुनिक आध्यात्मिक साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह पुस्तक केवल भय के सतही ... कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी - भाग 2 by Shivraj Bhokare (230) 2.7k कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी️ प्रकरण २: त्यांचे प्रारंभिक जीवन आणि पार्श्वभूमी उत्तर भारताची भूमी आणि कान्यकुब्ज घराणेकवी कलश यांचा जन्म उत्तर भारतातील अंतर्वेदी (गंगा आणि यमुना नद्यांमधील ... दो पतियों की लाडली पत्नी - 54 by Sonam Brijwasi 294 कमरे में हल्की-सी रोशनी थी। श्रेया बिस्तर पर अकेली पड़ी थी। उसने नज़र उठाकर सामने देखा। सोफ़े पर करण सो रहा था। उसका शरीर सिकुड़ा हुआ था,जैसे नींद में ... RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 3 by Aarushi Singh Rajput 186 कुछ देर बाद, नदी के पास जो पड़ाव डाला हुआ था, उससे थोड़ी दूरी पर युवराज और दूसरे बालक का पड़ाव डाला गया।युवराज अपने पड़ाव के एक ओर लगे ... ખામોશીનો પડઘો - ભાગ 1 by shakera (165) 5.2k પ્રસ્તાવનાદરેક સ્ત્રીના જીવનમાં એક એવો ખૂણો હોય છે જ્યાં તે પોતાની બધી જ પીડા અને સપનાઓને સંઘરીને રાખે છે. મારા માટે એ ખૂણો એટલે મારી આ ડાયરી. આ ૨૮ ... સ્નેહ ની ઝલક - 31 by Sanjay Sheth 80 પ્રેમ જ્યારે આત્માને સ્પર્શે છેસાંજના સૂર્યના છેલ્લાં કિરણો આકાશને કેસરી રંગથી રંગી રહ્યા હતા. મંદિરમાં વાગતી ઘંટડીઓનો મધુર નાદ વાતાવરણને પવિત્ર બનાવી રહ્યો હતો. અગ્નિની સાક્ષીએ આર્યન અને નિશાએ ... મિત્રતા by Sanjay Sheth 354 મિત્રતા: જીવનને સમૃદ્ધ બનાવતો સૌથી અમૂલ્ય સંબંધજીવનમાં માણસ અનેક સંબંધો સાથે જન્મે છે. માતા-પિતા, ભાઈ-બહેન, દાદા-દાદી જેવા સંબંધો તેને કુદરત તરફથી ભેટ સ્વરૂપે મળે છે. ત્યારબાદ જીવન આગળ વધે ... બાળપણની એ રફનોટ - 10 by I AM ER U.D.SUTHAR 430 પ્રકરણ ૧૦: સાયકલનું બેલેન્સ અને જાદુઈ બોક્સ વેકેશનના બીજા દિવસની સવાર સોસાયટીમાં એક નવો રોમાંચ લઈને આવી હતી. ગઈકાલે સાંજે તળાવ સુધીની સાયકલ ટૂરનો પ્લાન રદ થવાનું મુખ્ય કારણ ... અધૂરો અધ્યાય : પ્રકરણ ૧ by Rupen Patel 1.1k જેને સમય અધૂરો મૂકી ગયો, તેને પ્રેમે પૂર્ણ કર્યો.પ્રકરણ ૧: કેફે મોકા અને અધૂરી સ્ક્રીનપ્લેઅમદાવાદના સી.જી. રોડ પર આવેલી ‘કેફે મોકા’ની કાચની બારી બહાર આસોપાલવના પાંદડાં ચોમાસાના પહેલા વરસાદથી ... आज्जी by Reshma 702 *जुन्या घराचा दरवाजा* लहानपणापासून आजी सांगायची, "आपल्या वाड्याच्या शेवटच्या खोलीचा दरवाजा कधीच उघडू नकोस."मी हसायचो "आजी, भूत असतात का खरंच?" आजी फक्त माळ्याकडे बोट दाखवायची आणि म्हणायची "रात्री 12 नंतर त्या ... REBIRTH IN NOVEL by Arya Sharma 5.4k एक कमरा है जहां सलीके से सामान रखा था वहां दो बेड रखे थे उसमें से एक में दो लोग सोए थे एक औरत और एक बच्ची थी। और ... नारीशक्ती - 2 by Shivraj Bhokare (908) 7.5k (टीप :ही कथा वाचण्यापूर्वी कृपया “नारीशक्ती” या पुस्तकाचा पहिला भाग वाचा. कारण या कथेतल्या अनेक घटना, पात्रं आणि त्यांच्या भावनिक प्रवासाचा धागा त्या भागाशी जोडलेला आहे. पहिला भाग वाचल्यास ... नारीशक्ती - 1 by Shivraj Bhokare (1.3k) 17.1k अंधाराच्या गर्तेत हरवलेली एक छोटीशी मुलगी, जिचं नाव होतं आरती. आरती ही एक सामान्य गावातील मुलगी होती. तिचं वय अवघं अठरा वर्षांचं. ती खूप भित्री आणि शांत स्वभावाची होती. ... Top 5 Pilgrimages in India by Annesha Banerjee 1.2k India is the admired sacred land in the world. The land is situated with a diversity of pilgrimage sites. The majority of the pilgrimage locations are situated in North ... The Jungle Book - review by shrish sharma 129 The Jungle Book (2016) - Movie ReviewRudyard Kipling ki amar kriti "The Jungle Book" par ab tak kai filmein ban chuki hain, lekin 2016 mein director Jon Favreau ne ... यूँ ही निकले थे… यादें बन गईं by Madhavi Tripathi 129 “हर खूबसूरत याद किसी योजना से नहीं बनती। कुछ यादें बस एक छोटे-से वाक्य से शुरू होती हैं—‘चलो, कहीं घूम आते हैं।’”कल का दिन बिल्कुल साधारण होने वाला था।मैं ... इश्क की पहली बारिश - 1 by Pooja 294 रात के ठीक 11:47 बजे...पूरा शहर बारिश में भीग रहा था। सड़क पर दौड़ती गाड़ियों की हेडलाइट्स पानी में टूटकर ऐसे चमक रही थीं, जैसे किसी ने हज़ारों सितारे ... नियती पुन्हा हाक देईपर्यंत.. - 3 by Bhuma Shende 423 Chapter 3 – नव्या दिवसाची सुरुवातरात्रभर त्या फोटोचा विचार मनातून जात नव्हता.सकाळी गजर वाजला तेव्हा डोळे उघडले, पण मन अजूनही कालच्या आठवणीत अडकून पडलं होतं. मी मोबाईल हातात घेतला ... अधूरा सफ़र by tanu (68) 1.3k वो आखिरी मुलाकातट्रेन को प्लेटफॉर्म पर आने में अभी थोड़ा समय था। हम दोनों साथ बैठे थे, लेकिन उस खामोशी में भी बहुत कुछ कहा जा रहा था। मैं ... जंगल का खजाना - 1 by Sandeep Bind (33) 1.6k *अध्याय 1: पुराना नक्शा*गर्मियों की छुट्टियां थीं। *विक्रम* लखनऊ से नानी के गांव बस्ती गया था। गांव के पीछे घना जंगल था। बड़े बोलते थे - "उस जंगल में मत ... કેપ્ટન આરવ - ધ RAW એજન્ટ - ભાગ 28 by Dr. Nilesh Thakor 302 ભાગ ૨૮: ડૉ. વ્યાસની કેબિનમાં મધરાતે ઘૂસણખોરી રાતના અઢી વાગ્યા હતા. વરસાદ રોકાઈ ગયો હતો, પણ આખા સ્વામી વિવેકાનંદ મેડિકલ કોલેજ કેમ્પસ પર ભેજવાળો, શ્વાસ રૂંધી નાખે એવો એક ... अमृत वाणी - संत वाणी - 17 by Nitya Oswal 604 हम अक्सर सोचते हैं कि पवित्रता केवल सुबह नहा-धोकर मंदिर जाने, ग्रंथों को छूने या ऊंचे सामाजिक बंधनों को मानने में है। हम बाहर से तो बहुत साफ-सुथरे और ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी परदेस और पराई माटी by sukhvinder Singh Rai 516 पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज सुबह ही तहसील में कांपते हाथों से अंगूठा लगाकर आए ... जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा by Vedanta Life Agyat Agyani 516 जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा अस्तित्व की मूल प्रकृति तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—से समझी जा सकती है। उसी प्रकार मानव जीवन भी मुख्यतः तीन स्तरों पर ... आप भी दूसरों के व्यवहार से दुखी हैं? by Nitya Oswal 264 दुःख सामने वाला देता है या हमारे अपने कर्म? एक नई समझ।“अक्सर हम दूसरों को अपनी तकलीफों का जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन जब नज़रिया बदलता है, तो जीवन बदल ... ग्रहों का सहज स्वभाव। और आपकी FREE WILL. by yeash shah 399 ग्रहों का बाह्य प्रभाव संपूर्ण पृथ्वी पर होता है, परन्तु उनका आंतरिक प्रभाव मनुष्य के मस्तिष्क से लेकर उसकी नाभि ... काल्पनिक उपन्यास पर मुकदमा - 4 by Fictional world 334 Sixty-Four Squares:बारिश का मौसम बीत चुका था।लेकिन उसके कमरे की खामोशी वैसी ही थी।फर्क सिर्फ इतना था...अब रात को लैपटॉप नहीं खुलता था।उसकी जगह मेज़ पर एक पुराना शतरंज ... खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 5 by Fictional world 528 ईथन के घर की उस टूटी हुई चौखट से दुत्कारे जाने के बाद, बेला का दिल बैठा जा रहा था। वह पूरे रास्ते रोल्स-रॉयस के मखमली बैक-सीट पर सिसकती ...