Free Best trending stories in gujarati, hindi, marathi and english language

    नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 10
    by Dr. Suryapal Singh
    • Matrubharti Just Launched

    ब्रीफकेस मैंने मेज के नीचे रख दिया। मैंने पराठा खा कर भुगतान दिया और चलने को हुआ तो देखा कि ब्रीफकेस गायब है। मेरे लिए यह अप्रत्याशित घटना थी। ...

    नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 9
    by Dr. Suryapal Singh
    • 366

    थाइलैंड में चाय को ‘चा’ कहते हैं जिसमें दूध नहीं डाला जाता। दूध मिलाकर चाय प्रायः होटलों में ही मिलती है। संगामी सत्रों में ही हम लोगों को अपने ...

    नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 8
    by Dr. Suryapal Singh
    • 435

      ‘कलमजीवी निराला’ बाद में ‘गीत गाने दो मुझे’ नाम से प्रकाशित हुआ। जो बच्चे नाटक से जुड़े उन्होंने निःस्वार्थ भाव से काम किया। शास्त्री कालेज में अध्यापन करते ...

    नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 7
    by Dr. Suryapal Singh
    • 462

           जुलाई 1973 में कालेज में ही परिवार के साथ रहने की व्यवस्था कर ली थी। पत्नी मेरे बच्चे और बहिन जावित्री कौड़िया में रहने के लिए ...

    नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 5
    by Dr. Suryapal Singh
    • (42)
    • 1.2k

              1957 में ही प्रयाग में साहित्यकारों का एक सम्मेलन हुआ था। उस सम्मेलन में श्रोता के रूप में मैं उपस्थित था। वहीं मैने महादेवी ...

    नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1
    by Dr. Suryapal Singh
    • 2.6k

    नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई                डॉ0 सूर्यपाल सिंह साक्षात्कार                साक्षात्कर्ता : जीतेश कान्त पाण्डेय   ...

    तुमसे मिलने की छुट्टी - 11
    by soni
    • 579

    “पहला प्रोजेक्ट… और दिल से दिया गया सरप्राइज़”  का सुबह सूरज आज कुछ ज़्यादा ही चमकदार था।जिया जल्दी उठ गई थी—आज “हमारा जहाँ” का पहला आधिकारिक प्रोजेक्ट शुरू होना था।किचन ...

    खामोशियाँ: एक अकेलापन की कहानी
    by InkImagination
    • (222)
    • 1.7k

    नमस्ते दोस्तों! ये कहानी उन सबके लिए है जो रात के तीन बजे छत पर खड़े होकर सोचते हैं – “क्या मैं सच में अकेला हूँ या सिर्फ़ ऐसा ...

    अंश, कार्तिक, आर्यन - 8
    by Renu Chaurasiya
    • 135

    अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और लड़के।हवा ठंडी थी,माहौल अजीब-सी बेचैनी से भरा।सबके चेहरों पर तनाव ...

    ಶಿಲಾಬಾಲಿಕೆ
    by Sandeep Joshi
    • 756

    ಹಾಸನ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಹಳೇಬೀಡಿನ ಹೊಯ್ಸಳೇಶ್ವರ ದೇವಾಲಯವು ಹಗಲಿನಲ್ಲಿ ಪ್ರವಾಸಿಗರ ಸ್ವರ್ಗ. ಆದರೆ ಸೂರ್ಯ ಮುಳುಗಿ ಕತ್ತಲೆ ಆವರಿಸುತ್ತಿದ್ದಂತೆ, ಅಲ್ಲಿನ ಕಲ್ಲುಗಳು ಬೇರೆಯದೇ ಕಥೆ ಹೇಳುತ್ತವೆ. ಇತಿಹಾಸ ಸಂಶೋಧಕ ಆದಿತ್ಯನಿಗೆ ಈ ದೇವಾಲಯದ ಬಗ್ಗೆ ಒಂದು ವಿಚಿತ್ರ ಆಕರ್ಷಣೆ. ಅವನು ಕೇವಲ ...

    ಉತ್ಕಟ ಪ್ರೇಮ
    by Sandeep Joshi
    • 873

    ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಗದ್ದಲದ ಬದುಕಿನಿಂದ ಬೇಸತ್ತಿದ್ದ ಆರ್ಯನ್, ಹಂಪಿಯ ವಿಜಯನಗರ ಸಾಮ್ರಾಜ್ಯದ ಅವಶೇಷಗಳ  ಸಂಶೋಧನೆ ನಡೆಸಲು ಬಂದಿದ್ದ. ಆರ್ಯನ್ ಒಬ್ಬ ಶ್ರೇಷ್ಠ ಇತಿಹಾಸಕಾರ ಮಾತ್ರವಲ್ಲ, ಅವನಿಗೆ ಅತೀಂದ್ರಿಯ ಲೋಕದ  ಬಗ್ಗೆ ಅಪಾರ ಆಸಕ್ತಿ ಇತ್ತು. ಅವನಿಗೆ ಕಳೆದ ಒಂದು ತಿಂಗಳಿನಿಂದ ಒಂದು ...

    ಬದುಕು ಕಾದಂಬರಿಯ ಸುಂದರ ಅಧ್ಯಾಯ
    by Sandeep Joshi
    • 636

    ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಯಾವುದೋ ಮೂಲೆಯಲ್ಲಿರುವ ಬಾಡಿಗೆ ಕೊಠಡಿ. ಕಿಟಕಿಯ ಹೊರಗೆ ಮಳೆ ಸುರಿಯುತ್ತಿತ್ತು. ಒಳಗೆ ವಿಶ್ವಾಸ್ ತನ್ನ ಹಳೆಯ ಟೈಪ್‌ರೈಟರ್ ಮುಂದೆ ಕುಳಿತಿದ್ದ. ಅವನ ಕಣ್ಣುಗಳಲ್ಲಿ ನಿದ್ರೆಯಿಲ್ಲದೆ ಹಲವು ರಾತ್ರಿಗಳು ಕಳೆದಿದ್ದವು. ಅವನ ಮುಂದೆ ಬಿದ್ದಿದ್ದ ಕಾಗದದ ಮೇಲೆ ಕೇವಲ ಒಂದು ...

    ಅತಿಯಾದ ಕಾಳಜಿ ಬಂಧನವಾದಾಗ
    by Sandeep Joshi
    • 234

    ಹಳ್ಳಿಯ ಹಸಿರು ಹೊಲಗಳ ಮಧ್ಯೆ ಸುಂದರವಾದ ಮನೆಯೊಂದಿತ್ತು. ಅಲ್ಲಿ ಮಾಧವಿ ಮತ್ತು ಆಕೆಯ ಪುಟ್ಟ ಮಗಳು ರೇವತಿ ವಾಸವಾಗಿದ್ದರು. ಮಾಧವಿಗೆ ರೇವತಿ ತನ್ನ ಇಡೀ ಪ್ರಪಂಚ. ಮಗುವಾಗಿದ್ದಾಗ ರೇವತಿಗೆ ಒಂದು ಗಂಭೀರ ಕಾಯಿಲೆ ಬಂದಿತ್ತು, ಸಾವಿನ ಅಂಚಿನಿಂದಪವಾಡಸದೃಶವಾಗಿ ಗುಣಮುಖಳಾಗಿದ್ದಳು. ಅಂದಿನಿಂದ ...

    ತೀರ ಸೇರುವ ತನಕ
    by Sandeep Joshi
    • 405

    ಸಮುದ್ರ ಎಂದರೆ ವಿಕ್ರಮ್‌ಗೆ ಪ್ರಾಣ. ಮಂಗಳೂರಿನ ಕಡಲತೀರದಲ್ಲಿ ಬೆಳೆದ ಅವನಿಗೆ ಅಲೆಗಳ ಸದ್ದಿಲ್ಲದೆ ನಿದ್ದೆಯೇ ಬರುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ. ಆದರೆ ಅಂದು ಅವನು ಏರಿದ್ದ ಜಲದೂತ ಎಂಬ ಮೀನುಗಾರಿಕೆ ಬೋಟ್, ಬರೀ ಮೀನು ಹಿಡಿಯಲು ಹೊರಟಿರಲಿಲ್ಲ. ವಿಕ್ರಮ್ ತನ್ನ ತಂಗಿಯ ವೈದ್ಯಕೀಯ ಶಿಕ್ಷಣದ ...

    ভাগ্যের লেখন ??✨
    by Sujata Mondal
    • 858

    আমাদের পাড়ারই এক ছেলের কথা নাম রিয়ান আমি হলাম পাখি আমি রিয়ানকে খুব ভালোবাসি। ও আমাকে ভালোবাসে, সেটাও আমি জানি। আমি যে ওকে কতটা পছন্দ করি তা ও জানে ...

    बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 5
    by kajal jha
    • 297

    आर्यन और राधिका: वह 'गलती' से हुआ हादसाआर्यन अपने कमरे में अपनी कीमती गिटार साफ़ कर रहा था, तभी राधिका गुस्से में पैर पटकती हुई अंदर आई। उसके हाथ ...

    बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 4
    by kajal jha
    • 648

    तकरार से तकरार तकखन्ना मेंशन में सुरक्षा के घेरे और कड़े कर दिए गए थे। देब ने राधिका के कॉलेज का ट्रांसफर मुंबई के सबसे सुरक्षित और महंगे कॉलेज ...

    बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 3
    by kajal jha
    • 558

    सुबह के ठीक 5:00 बजे थे। खन्ना मेंशन के उस विशाल बेडरूम में हल्की-सी नीली रोशनी फैली हुई थी। देब की नींद अचानक खुल गई। वह कुछ पल यूँ ...

    पहली नज़र का इश्क - 3
    by Bikash parajuli
    • 543

    स्कूल का माहौल हमेशा की तरह हल्का-फुल्का और हँसी-मज़ाक से भरा हुआ था। लेकिन बिकाश और माया के लिए यह साल कुछ खास बन रहा था। उनकी दोस्ती अब ...

    अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1
    by Annu Kumari
    • 771

    “मैं ये शादी नहीं कर सकती, माँ… प्लीज़ समझने की कोशिश करो!”आराध्या की आवाज़ काँप रही थी। आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें डर से ज़्यादा बेबसी झलक रही ...

    వేద - 3
    by Eshwarchandra Rathnapalli
    • 648

    రుద్రకోటలో జరిగిన ప్రమాదంతో, ధూళి మేఘాలు ఆ గదిని కమ్మేశాయి. పైకప్పు నుండి రాలిపడుతున్న సున్నం, మట్టి అనన్య కళ్ళను పూర్తిగా కప్పేస్తున్నాయి. పైన మృత్యువులా వేలాడుతున్న ఆ భారీ ఇనుప స్తంభం ఒక్కసారిగా ఊడి కిందకు దూసుకొచ్చింది. ఆ క్షణం ...

    వేద - 2
    by Eshwarchandra Rathnapalli
    • 670

    ప్రొద్దున ఎండ కాస్త ప్రశాంతంగా ఉన్నా, రుద్రకోట శివార్లలోకి అడుగుపెట్టగానే వాతావరణం ఒక్కసారిగా చల్లబడింది. ఆ కోట ప్రవేశ ద్వారం దగ్గర పడి ఉన్న శిథిలాలు, శతాబ్దాల నాటి గాథలను మోస్తున్నట్టుగా నిశ్శబ్దంగా ఉన్నాయి. గాలిలో ఒక రకమైన పాత వాసన.. ...

    వేద - 1
    by Eshwarchandra Rathnapalli
    • 1.6k

    ఆ అమావాస్య రాత్రి గాలిలో ఏదో తెలియని నిశ్శబ్దం. నల్లమల అడవి గుండెల్లో మంటలు పుడుతున్నట్టుగా వేడి. చెట్ల ఆకులు కూడా గాలికి కదలడం లేదు, భయంతో వణికిపోతున్నాయి. ఆ దట్టమైన చీకటిని చీల్చుకుంటూ ఒక గర్జన వినిపించింది. అది మనిషిది ...

    इंतेक़ाम - भाग 33
    by Mamta Meena
    • 354

    वही रोमी वहीं अस्पताल में रही उसने अपने पिता को भी फोन कर सारा हाल सुना दिया,,,,,उसके पिता भी विजय के एक्सीडेंट की खबर सुनकर अस्पताल पहुंच गए और ...

    घर से वापिसी
    by swati
    • 114

    पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते ...

    એકાંત - 89
    by Mayuri Dadal
    • 206

    નિસર્ગે હિમજા અને નીલ સાથે રાતનાં નવ વાગ્યાનાં શો પર મુવી જોવાનો પ્લાન બનાવી લીધો હતો. શો શરૂ થવાને બે મિનિટની જ વાર હતી. તેઓ સિનેમાગૃહમાં સારી સીટ શોધીને ...

    સાત સમંદર પાર - ભાગ 4
    by Jasmina Shah
    • 408

    પ્રિયાંશીના ક્લાસમાં મિલાપ નામનો એક છોકરો ભણતો હતો. પોણા છ ફૂટ ઉંચો અને દેખાવમાં એકદમ રૂપાળો, બોડીમાં પણ હેલ્ધી એવો હેન્ડસમ હતો. તેને પ્રિયાંશી ખૂબ ગમતી હતી. ઘણી બધી ...

    डिग्री, लेकिन भविष्य नहीं [Indian Education System]
    by Om Prakash
    • (41)
    • 1k

                   डिग्री के बाद भी बेरोज़गारी(भारतीय शिक्षा व्यवस्था की एक सच्ची कहानी)रमेश एक छोटे से गाँव में पैदा हुआ, जहाँ सपने बड़े थे ...

    उस शाम की चाय
    by InkImagination
    • 264

    उस शाम की चाय (जो मैं खुद से कह नहीं पाई)वाराणसी की शामें कभी पूरी तरह शाम नहीं होतीं।सूरज ढलते ही गंगा पर एक सुनहरा-सा पर्दा पड़ जाता है, ...

    One Night Stand or 01:00 A.M. Talk
    by Ansh Sisodia
    • 7.6k

    साल 2021 शुरू तो बहुत बेकार तरीके से हुआ पर बहुत कुछ सिखाया इस साल ने।नही! नही! मैं कोई ज्ञान की बात नही करने आया हूँ, मैं तो बस ...