Free Best trending stories in gujarati, hindi, marathi and english language

    कभी अलविदा न कहना - 4
    by Dr. Vandana Gupta Verified icon
    • 410

    कभी अलविदा न कहना डॉ वन्दना गुप्ता 4 "अरे वैशाली! तुम यहाँ कैसे...?" उस स्मार्ट बंदे के पीछे से राजेश नमूदार हुआ और मैं सपनों की दुनिया से बाहर आ गयी। ...

    इस दश्‍त में एक शहर था - 6
    by Amitabh Mishra
    • 172

    इस दश्‍त में एक शहर था अमिताभ मिश्र (6) हम वापस अपने कथा सूत्र को पकड़ते हैं। और विनायक भैया के कुछ पहलू जानने की कोशिश करते हैं। विनायक ...

    इच्छा - 3
    by Ruchi Dixit

    इन बिजलियों ने तो सब उजाड़ ही कर दिया . घर से कम्पनी तक की दूरी ने मानो इच्छा का सारा सामार्थ्य खींच लिया हो आज तक उसने जितने ...

    क्या है जिंदगी - 1
    by Rohit Shabd
    • 14

    क्या है जिंदगी? (1) मुश्किले आसान होती अगर तेरा नाम जिंदगी होता जिंदगी क्या हैै ? बस ये जानने की एक कोशिश है समझने की एक इच्छा है उस ...

    दास्ताँ ए दर्द ! - 1
    by Pranava Bharti Verified icon

    दास्ताँ ए दर्द ! 1    रिश्तों के बंधन, कुछ चाहे, कुछ अनचाहे ! कुछ गठरी में बंधे स्मृतियों के बोझ से तो कुछ खुलकर बिखर जाने से महकी सुगंध से ! ...

    इश्क़ 92 दा वार (पार्ट -4)
    by Deepak Bundela AryMoulik

    कंटीन्यू पार्ट -4किसी की फिदाई भी किसी के लिए खता होती हैं... !ये इश्क़ का मंज़र हैं दोस्त कम ही लोगों में वफ़ा होती हैं.. !!रोज़ की तरह आज ...

    कभी अलविदा न कहना - 7
    by Dr. Vandana Gupta Verified icon

    कभी अलविदा न कहना डॉ वन्दना गुप्ता 7 आज की भोर बहुत सुहानी लग रही थी। आज मुझे न तो साड़ी पहनने का डर, न यात्रा की मुश्किल और न ही ...

    मेरी डायमंड ग्रह की अनोखी यात्रा - 5
    by Hareesh Kumar Sharma

    जब वो सभी आदिवासी लोग मुझे अकेला छोड़कर बाहर चले गए, तो मैंने वहां से पलटकर नीचे गिर गया और मेरी कांच की रस्सी टूट गई। मैं तुरंत खड़ा ...

    मैं तेरी चाँदनी - 4
    by Kavita Verma

                                     भाग-4 सुबह हो चुकी है । चाँदनी रेडी होकर किचन में जाती है। ...

    इज़्तिरार
    by Prabodh Kumar Govil Verified icon
    • 230

    (1)यदि कल्पना या सुनी सुनाई बातों का सहारा न लेना हो तो मुझे केवल पैंसठ साल पहले की बात ही याद है। अपने देखे हुए से दृश्य लगते हैं ...

    पहेली - 2
    by Sohail Saifi

    पास मे पड़ा बालक  हरीश के लिए  एक ऐसी बड़ी समस्या थी  जिसको होना नहीं चाहिए था इसके होने से कही ना कही बहुत बड़ा बदलाव हो सकता था उपर से ...

    एहसास_ए_जिंदगी - 1
    by Sohail

          एहसास ए जिंदगी ...एक एहसास जिसने किसी के सपनो को पूरा किया तो किसी को उसके प्यार तक पहुंचाया , जिस रिश्ते में प्यार होता है उसमे उस ...

    ढीठ मुस्कुराहटें... - 2 - अंतिम भाग
    by Zakia Zubairi
    • 24

    ढीठ मुस्कुराहटें... ज़किया ज़ुबैरी (2) “अरे भाभी जी, आप!.. नमस्ते।” रानी को बैठक की ओर आते हुए देख कर इन्सपेक्टर खड़ा हो गया। “अच्छा सर जी मैं चला; रिपोर्ट ...

    विवेक
    by Sunilkumar Shah
    • 106

    जिंदगी का वह पल जिसे हम देख चुके हैं, महसूस कर चुके हैं, हमारे मन स्मृति में हमेशा जिंदा रहता है। ऐसे ही बात मैं आपको बताना चाहता हूं।आज ...

    फिर से - 5
    by Ambalika Sharma
    • 74

    5 आसुओं ने डायरी के पन्नो को भिगो दिया था| रिया ने डायरी बंद की और सिसक सिसक कर रोने लगी| मन का वो बाँध जैसे टूट गया हो| ...

    इच्छा - 2
    by Ruchi Dixit
    • 410

    कई दिनो तक चलता रहा इच्छा का सुबह स्नान के बाद सबसे पहला कार्य  ईश्वर का ध्यान था यह संस्कार उसे बचपन मे ही विरासत मे मिला था दिन ...

    बंधन प्यार का..
    by જીગર _અનામી રાઇટર
    • 471

    बंधन प्यार का...... कुछ अलग ही फीलींग्स प्यार की...

    खौफ - 25
    by SABIRKHAN Verified icon
    • 132

    किक और तेजी से बारिश हो रही थी। पहाड़ियों पर  पेड़ पौधे सहित पत्थर भी बहकर नीचे आ रहे थे।सफेद दूध जैसे बादलों ने अड्डा जमाया था। बहुत सारे ...

    अस्वत्थामा ( हो सकता है ) 11
    by Vipul Patel
    • 74

                    “ ये पूरी कहानी की शुरुआत तब हुई जब हम अर्कियोलोजि डीपार्टमेंण्ट में लखनऊ सर्कल मे अपनी ड्यूटी कर रहे थे । उस वक्त एक दिन चावडा सर ...

    साँझ का साथी
    by Chaya Agarwal
    • 58

    कहानी -   साँझ का साथी-पापा, यह क्या किया आपने ? इतना बड़ा धोखा, वह भी अपने बच्चों के साथ क्यों किया आपने ऐसा? आख़िर क्या कमी थी हमारे प्यार ...

    कशिश - 22
    by Seema Saxena Verified icon
    • 82

    कशिश सीमा असीम (22) लंच ब्रेक में खाने की मेज पर खाना लग गया था, खाने में दाल, चावल और आलू की मसाले वाली सब्जी व सलाद, रोटियाँ अभी ...

    राय साहब की चौथी बेटी - 19 - अंतिम भाग
    by Prabodh Kumar Govil Verified icon
    • 256

    राय साहब की चौथी बेटी प्रबोध कुमार गोविल 19 चाहे अम्मा अब किसी को पहचानें या नहीं पहचानें लेकिन कुछ दिन दोनों बेटियों के साथ रहने पर उनके चेहरे ...

    निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 27
    by Anandvardhan Ojha
    • 72

    'बस, मैं तेरा अन्वेषक था, जनम-जनम का… 'दिन हांफते-दौड़ते थककर शाम की छाया में जा बैठा। हम दफ़्तर से लौटे--निःशब्द, अपने-अपने पैर घसीटते हुए। शाही ने चाय बनायी, हम ...

    जी-मेल एक्सप्रेस - 13
    by Alka Sinha
    • 48

    जी-मेल एक्सप्रेस अलका सिन्हा 13. चुंबकीय आकर्षण कमाल है, इतनी सारी मस्ती के बाद भी क्वीना का रिजल्ट प्रभावित नहीं हुआ था। निकिता ने भी अपनी पुरानी परसेंटेज बनाए ...

    कुबेर - 7
    by Hansa Deep
    • 60

    कुबेर डॉ. हंसा दीप 7 दिन निकलते रहे। किशोर था वह। उसे अपनी सही उम्र पता नहीं थी, न ही अपना जन्म दिन पता था। पता भी कैसे होता ...

    वी आर ईडियट्स
    by Rochika Sharma
    • 66

    वी आर ईडियट्स “पापा आप मुझे बस स्टॉप पर छोड़ दीजिये न प्लीज़” रोहन ने अपने शू लेस बांधे और लिफ्ट के बाहर खड़ा हो गया । “अरे ! ...

    लॉकडाउन
    by Siraj Ansari
    • 370

    आज इंटों के मकान में कैद हुआ तो ख्याल आया,क्यों चहकना भूल जाते हैं परिंदे पिंजरे की कैद में!!दोस्तों! आज कोरोना महामारी के तहत मुल्क के यह हालात हैं ...

    मेरा डोरेमोन
    by Chandresh Kumar Chhatlani
    • 140

    निक्की इस बार फिर फेल हो गया।   स्कूल में टीचर मैम ने सब बच्चों के सामने उसकी हंसी उड़ाई और घर पर भी पापा और मम्मी की बहुत डांट ...

    बहीखाता - 22
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 74

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 22 साहित्य का अखाड़ा जिस बात से मैं बहुत डरती थी, उससे बचाव हो गया। मुझे लगता था कि चंदन ...

    गौ-पशु
    by Satish Sardana Kumar
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    गौ-पशु(कहानी )            दिल्ली में जवान लड़के को कहीं भी मिल जाती हैं लड़कियाँ, इस तरह जिस तरह 99परसेंट मार्क्स वाले प्लस टू पास को ...