Free Best trending stories in gujarati, hindi, marathi and english language Home Stories Trending Now Filter: Best Hindi Stories Filter: Gujarati Hindi Marathi मिड-डे मील by Rinki Singh 215 प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही ... पन्नों में छिपा प्यार by kajal jha लाइब्रेरी की आखिरी किताबपुरानी दिल्ली की गलियों में छिपी एक प्राचीन लाइब्रेरी थी – हज़रत निज़ामुद्दीन लाइब्रेरी। सदियों पुरानी यह इमारत, जहाँ हवा में किताबों की स्याही और धूल ... इश्क के साये में - एपिसोड 12 by kajal jha 554 अंतिम एपिसोडजहाँ रूह आज़ाद हुईशाम गहराने लगी थी।वर्कशॉप की खिड़की से आती रौशनी अब हल्की और सुनहरी हो चुकी थी,जैसे दिन भी किसी विदाई की तैयारी कर रहा हो।आरव ... इश्क के साये में - एपिसोड 5 by kajal jha 1.1k एपिसोड 5: जब साया करीब आयाउस रात के बाद आरव का घर पहले जैसा नहीं रहा।पेंटिंग में पड़ी दरार अब भी साफ़ दिखती थी—छोटी-सी, लेकिन डरावनी।जैसे किसी ने अंदर ... इश्क के साये में - एपिसोड 4 by kajal jha 960 एपिसोड 4: मुक्ति की पहली दरारउस सुबह आरव देर तक पेंटिंग के सामने खड़ा रहा।रात की बातें अब भी उसके भीतर गूँज रही थीं—अनाया का दर्द, उसकी क़ैद, और ... इश्क के साये में - एपिसोड 3 by kajal jha 1.4k एपिसोड 3: रंगों में छुपा अतीतउस रात के बाद आरव की नींद जैसे उससे रूठ गई थी।हर बार आँखें बंद करता, उसे अनाया का चेहरा दिखता—वही उदास आँखें, वही ... बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 6 by kajal jha 537 साज़िश का साया और सुबह की हलचलअगली सुबह जब सूरज की पहली किरण खन्ना मेंशन की खिड़कियों से टकराई, तो माहौल कल की तुलना में कुछ बदला-बदला सा था। ... इश्क के साये में - एपिसोड 2 by kajal jha 1.8k एपिसोड 2: डर से भरोसे तककमरे में अब भी वही अजीब-सी ठंड थी, जैसे दीवारों के भीतर कोई अनकही साँसें घूम रही हों।आरव अपनी जगह जड़ बना खड़ा था—आँखें ... मासूम चेहरा - गीता - 4 by Black Demon 210 सगाई के बाद शादी की बात निर्धारित की जाती है। गीता यह सोचते- सोचते मंत्र मुग्ध हो रही थी। की अब उसकी भी शादी होगी। हर किसी की तरह उसकी ... युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद by Prithvi Nokwal 390 पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार ... THE PIANO MEN - 1 by rajan 102 भाग 1 : खामोशी के बीच शरारतरात का वक्त था।नादवात यूनिवर्सिटी देहरादून का कैम्पस पूरी तरह खामोश डूबा हुआ था। पुरानी ... बीते समय की रेखा - 5 by Prabodh Kumar Govil (1.2k) 3.2k 5.मित्तल साहब के पुत्र ने यहां रहते हुए बहुत तरक्की की और अब पिता के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद परिसर में वो मित्तल साहब कहलाने लगे। कुछ समय ... बीते समय की रेखा - 4 by Prabodh Kumar Govil (1.2k) 3.2k 4.नारी शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विद्यापीठ की प्रसिद्धि दिनोंदिन बढ़ती गई। यहां नए नए पाठ्यक्रम खोले गए और देश भर ही नहीं बल्कि विदेशों तक ... बीते समय की रेखा - 3 by Prabodh Kumar Govil (1.2k) 4k 3.समय अपनी रफ़्तार से चला जा रहा था। उधर देश के माहौल में भी स्वतंत्रता पाने की आस तेज़ी दिखा रही थी। लोग एक नए ज़माने का स्वागत करने ... बीते समय की रेखा - 1 by Prabodh Kumar Govil (1.2k) 7.4k 1.राजस्थान के टोंक जिले में लड़कियों का एक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय है। ये पिछली सदी के तीसरे दशक के बीतते- बीतते एक छोटे से विद्यालय के रूप में शुरू हुआ ... Pain In Business by IMTB by Ashish 501 “किसी का PAIN कैसे पूछें और उसे कैसे दूर करें?” BUSINESS में PAIN कैसे पूछें और कैसे दूर करें?(The Art of Asking Pain & Removing Pain)1️⃣ BUSINESS में “PAIN” ... इश्क. - 16 by om prakash Jain 2.4k सिम्मी के दिमाग बहुत बोझिल है।रात को ठीक से सोई नहीं है ।रात भर चपरासी के बेटे और वेदांत की ताना बुना से आंखे सुजी हुई। सुबह अलसाई हुई ... इश्क. - 17 by om prakash Jain 315 सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में है ,रविवार के ... अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक by Vivek Ranjan Shrivastava 315 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक, (मानस का धोबी के कहने से मां सीता के त्याग का प्रसंग)विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से रामायण के उत्तरकांड में धोबी द्वारा सीता माता ... नंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेज by Vivek Ranjan Shrivastava 456 व्यंग्यनंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेजविवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की 'नंबर वन' की ... Mujh se Miliye by fiza saifi 555 कहानी मेरी है… मैं एक पेन हूँ… जी हाँ, आपने सही पढ़ा है… इंग्लिश में कहें तो पेन, उर्दू में कहें तो क़लम, और भी भाषाओं में ... बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 1 by kajal jha 1.6k एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर ... दो पतियों की लाडली पत्नी by Sonam Brijwasi 507 Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर।Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर।Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI ... अधुरी खिताब - 28 by kajal jha 1.6k ️ एपिसोड 27 — “भूला हुआ लेखक”(कहानी: अधूरी किताब)---1. रात की ख़ामोशीदिल्ली की वो ठंडी, धुँध से भरी रात थी।घड़ी की सुई जैसे ठहर गई थी — बस टिक-टिक ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी उज्जैन एक्सप्रेस - 6 by Lakhan Nagar 408 एक महीना बीत चुका था... उज्जैन स्टेशन की वही चिरपरिचित चुप्पी अब भी बरकरार थी। ट्रेनों की आवाज़ें, यात्रियों की भीड़, और उस एकांत बेंच की खामोशी — ... घर से वापिसी - 2 by swati 270 अभीर शहर में एक छोटे से कमरे में किराए पर रहता है। कमरे में पहुंचते हुए अभीर ने अवनी के हाथ से बनाया हुआ टिफिन बॉक्स खोला। टिफिन बॉक्स ... आ अब लौट चलें by Rakesh Kaul 1.1k आ अब लौट चलें आज सुबह से मेरी तबियत कुछ अनमनी सी हो रही है | सिर में भी कुछ भारीपन सा बना हुआ है | किसी काम में ... पिता का सुनापन by Deepak Bundela Arymoulik 192 पिता का सुनापनपिता… जो घर में होते हुए भी अकेले रह जाते हैं, घर में सब कुछ था, छत थी, दीवारें थीं, रसोई की खुशबू थी, हँसी-मज़ाक की आवाज़ें ... अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 by Annu Kumari (16) 1.2k “मैं ये शादी नहीं कर सकती, माँ… प्लीज़ समझने की कोशिश करो!”आराध्या की आवाज़ काँप रही थी। आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें डर से ज़्यादा बेबसी झलक रही ... यह जिंदगी - 2 by anime lover (18) 528 अंकित एक टाइम के लिए मान ली कि तुम्हें एक अच्छी सी जॉब मिल गई है। तुम्हारी शादी हो गई है और अच्छी __खासी जिंदगी चल रही है। अभी ...