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    महामाया - 19
    by Sunil Chaturvedi

    महामाया सुनील चतुर्वेदी अध्याय – उन्नीस मंदिर में दिनभर तरह-तरह की बातें होती रही। शाम को चार बजे पत्रकार वार्ता हुई। बाबाजी की तरफ से विज्ञप्ति अखिल और अनुराधा ...

    बेस्ट फ्रेंड - 4 - अंतिम भाग
    by SURENDRA ARORA
    • 72

    बेस्ट फ्रेंड सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा (4) 25. आजादी पिता के ऑफिस में आजादी के अवसर पर एक पारिवारिक मिलन का आयोजन किया गया था । पत्नी स्कूल-टीचर होने के ...

    दलदल
    by SURENDRA ARORA
    • 160

    लघुकथा   दलदल                                                                                                                                                         " लगता है आज  हमारी जान  का मूड कुछ ठीक नहीं है !"     " मूड क्या यार , घर - गृहस्थी  में

    विचित्र प्रेम पत्र
    by Narendra Rajput
    • 318

    विचित्र प्रेम पत्र यह कहानी एक लड़के की है। जो अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश कर रहा था। नौकरी तो उसे बहोत मिली पर कही मन लगा ...

    कर्म पथ पर - 47
    by Ashish Kumar Trivedi
    • 72

                               कर्म पथ पर                        Chapter 47कमला ...

    एक बूँद इश्क - 7
    by Chaya Agarwal
    • 292

    एक बूँद इश्क (7) उसे चिन्ता है कल परेश आ जायेगा और वह वापस दिल्ली लौट जायेगी। इन नये रिश्तों का क्या जो अभी-अभी ही बने हैं? पनपने से ...

    आजादी - 7
    by राज कुमार कांदु
    • 62

    राहुल को प्याज छिलते हुए काफी समय हो गया था । उसके साथ ही प्याज छिल रहे लडके ने अब प्याज काटना शुरू कर दिया था । राहुल की ...

    तेरे शहर के मेरे लोग - 2
    by Prabodh Kumar Govil
    • 174

    ( दो )एक बात कुदरती हुई कि मैं जो उखड़ा- उखड़ा सा जीवन- अहसास लेकर मुंबई से रुख़सत हुआ था, वो आहिस्ता- आहिस्ता यहां जमने लगा।न जाने कैसे, मुझे ...

    झील गहरी
    by Sneh Goswami
    • 1.4k

      झील गहरी   बठिन्डा शहर के बीचोबीच दूर दूर तक फैली दो बङी बङी झीलें । उन झीलों में बत्तखों जैसी तैरती रंग बिरंगी किश्तियाँ ।  सङक के ...

    कहानी की कहानी की कहानी - 4 - समंदर के सौदे?
    by कलम नयन
    • 54

    मेरी आँखें खुलीं तो मेरे ठीक ऊपर एक नन्हा सा चेहरा मुझे निहार रहा था। मैं चौंक पड़ा। उसने सफेद रेशम का लंबा चोगा पहना था। मुझे बाद में ...

    गीता की मदद
    by Shweta Singh
    • 863

    कहानी एक लड़की की है, जो न जाने कितनी नज़रो से परे होकर घर से कदम बाहर निकालती है। न जाने कौन कहा किस उम्मीद को लिए बैठा होगा। ...

    मानव का खोखला जिवन
    by रनजीत कुमार तिवारी
    • 48

    जिवन अनमोल है, यूं व्यर्थ न गवाइए।अपने कुछ पल मानवता में भी लगाइए।।धरा है पाप से सहमी,आओ मिलकर उद्धार करें।मातृभूमि की रक्षा करें,ऐसा मन में सब बिचार करें।।हवा हो ...

    श्रीमद्भगवतगीता महात्त्म्य सहित (आठवा अध्याय)
    by Durgesh Tiwari
    • 140

    जय श्रीकृष्ण बन्धुजन!श्रीगीताजी और प्रभु श्रीकृष्ण के कृपा से आज मैं श्रीगीताजी का आठवां अध्याय और उसके माहात्म्य के साथ उपस्थित हूँ। आप सभी श्रेष्ठजन श्रीगीता जी के आठवें ...

    फिर मुलाकात होगी - 3
    by Lalit Raj
    • 150

    राज अपने सपने से हैरान था, अचानक अपने सपने में काजल को ऐसी हालत में देखकर वह उसके लिये और चिंतित होने लगा, जहां वो तीन वर्ष से उसे ...

    औरतें रोती नहीं - 16
    by Jayanti Ranganathan
    • 138

    औरतें रोती नहीं जयंती रंगनाथन Chapter 16 दगाबाज आईना वो दिन, वो शाम... मैं थरथराकर उठ गई। मेरा मोबाइल बज रहा था। थककर रुक गया। दो मिनट बाद मैसेज ...

    मॉरीशस किनारे....
    by Dr Jaya Anand
    • 218

    आज साँची गंगा तलाव मे पाँव डाले विचारों की लहरों में डूबती उतराती जा रही थी ।गंगा तलाव मॉरीशस की वो  जगह जहाँ पहुंच कर एक छोटा भारत दिखाई ...

    आधी दुनिया का पूरा सच - 8
    by Dr kavita Tyagi
    • 104

    आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 8. रानी अौर साँवली पर दिन-रात हर क्षण माई की कठोर दृष्टि का पहरा रहता था । माई की अनुपस्थिति में इस कार्यभार ...

    तीन औरतों का घर - 2
    by Rajni Gosain
    • 158

    तीन औरतों का घर - भाग 2 कही मैं बस सोचता ही रह जाऊं और हामिदा का डोला कोई और ही ले जाए!" साबिर को ये सोचते ही कंपकंपी ...

    धरती तुम बदल गईं
    by Mita Das
    • 22

    धरती तुम बदल गईं शाम का धुंधलका और गहरा हो चला था । स्ट्रीट लाइटें ऑन हो चुकी थीं । रविवार की शाम थी, दूरदर्शन पर शाम की फिल्म ...

    तानाबाना - 5
    by Sneh Goswami
    • 82

    तानाबाना 5   पास पङोस की हैरानी , चिंता , ईर्ष्या , निंदा चुगली चलती रही । इन सब से बेपरवाह दुरगी पहले की तरह घर के काम काज ...

    एक घूँट भंग
    by rajendra shrivastava
    • 134

    कहानी                               एक घूँट भंग   -राजेन्‍द्र कुमार श्रीवास्‍तव,                                जब कोई अपनी चाहत ...

    किस्से कोरोना के
    by Henna pathan
    • 82

    नमस्कार पाठक मित्रों हम आपको किस्से कोरोना में आपको कोरोना से जुड़े किस्से बताएगे ! मानवता के ऊपर सबसे बड़े संकट के रुप में मंडरा रहे कोरोना महामारी को ...

    सुहागिन या विधवा - 4
    by किशनलाल शर्मा
    • 296

    उसकी राधा के छोटे भाई की पत्नी बन जाने पर उसे गहरा सदमा लगा था।उसे एक ही बात  कचोटती रहती।राधा ने इस निर्णय का विरोध क्यो नही किया?राधा की ...

    चक्रव्यूह.
    by Neelima Tikku
    • 148

    चक्रव्यूह बाहर मूसलाधार बारिश होने लगी थी, इसी के साथ ही रोड़ लाइट्स बंद हो गईं थीं। वह काफी समय से एयरपोर्ट रोड़ पर कार में बैठी छोटी बहन ...

    केसरिया बालम - 1
    by Hansa Deep
    • 334

    केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 1 “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस” बचपन से ही गाते हुए, अंदर ही अंदर, गहरे तक यह गीत रच-बस गया था। इसके तार दिल ...

    भदूकड़ा - 47
    by vandana A dubey
    • 216

    कुंती ने जब छोटू से शादी बावत बात की तो वो एकदम बिफर गया। "अम्मा, हमें भैया न समझना। उनको तो घेरघार के तुमने शादी कर दी, पर हमारे ...

    मज़बूरी
    by Ajay Amitabh Suman
    • 116

    पैसे की तलाश में आदमी को क्या क्या न करना पड़ता है। मोहन एक छोटा सा व्यापारी था। घर में पत्नी के अलावा दो बच्चे थे। गाँव में उसकी कपड़ों की ...

    कहानी ‘शम्मा दुलदुल वाला
    by ramgopal bhavuk
    • 86

    कहानी ‘शम्मा दुलदुल वाला’ रामगोपाल भावुक शम्मा का पूरा नाम तो श्यामलाल धानुक है। लेकिन लोग उसे शम्मा बरार के नाम से पुकारते हैं। वह शादी-ब्याह में पैत्रिक सम्पति ...

    संतोष
    by Annada patni
    • 226

    संतोष अन्नदा पाटनी दरवाज़े की घंटी बजी, देखा एक नवयुवती खड़ी थी । माँग में सिंदूर, माथे पर बड़ी लाल बिंदी, होंठों पर लाली, कान में सोने के झुमके, ...

    बडी प्रतिमा - 5
    by Sudha Trivedi
    • 46

    बडी प्रतिमा (5.) एक सुहानी सुबह ! शनिवार का दिन था। पूर्णिमा का चांद अभी पश्चिम में चमक ही रहा था। आज नजदीक के कस्बों से छात्रावास में आई ...