“तुम मेरा सर्वनाम” “अपने बिच अजनबी” व् “बजूद के बावजूद” कहानी संग्रह है | * दो बोल कथा संग्रह * सेंकडो रचनाए प्रकाशित | “दरमियाना” पर देश-भर के विश्वविद्यालयों में एम.फिल तथा पी.एच.डी. के शोध कार्य हो रहे है | अनेक पुरस्कार व् सम्मान पाने का अवसर मिला | * मेरी रचनाए उन पात्रो के मुकदमो की पैरवी है, जिनके मामलोकी सुनवाई दुनियाकी किसी अदालत में नहीं होती | ये बयान है उनके हक़ में, जो अक्सर गुनाहगार नजर आते है |