"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि शायद कोई हमारा पीछा कर रहा है। कभी-कभी वह सिर्फ हमारा वहम होता है... और कभी-कभी वह 'साया' हकीकत। यह कहानी है आर्यन की, जो अपनी रोज़मर्रा की बोरियत से दूर सुकून की तलाश में पहाड़ों की वादियों में आया था। लेकिन उसे क्या पता था कि शिमला की उन सर्द रातों और धुंधली पहाड़ियों के बीच कोई उसका बरसों से इंतज़ार कर रहा है। एक ऐसी मुलाक़ात, जो मौत की सरहद के उस पार से बुलावा लेकर आई थी। क्या होता है जब एक वैज्ञानिक सोच रखने वाला इंसान ऐसी सच्चाई के सामने खड़ा हो जाए जिसका कोई तर्क न हो? क्या वह महज़ एक इत्तेफाक़ था या किसी पुरानी अधूरी दास्तां का आगाज़?
वो कौन थी? - 1
भूमिका (Introduction)"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि शायद कोई हमारा पीछा कर रहा है। कभी-कभी वह सिर्फ हमारा वहम होता है... और कभी-कभी वह 'साया' हकीकत।यह कहानी है आर्यन की, जो अपनी रोज़मर्रा की बोरियत से दूर सुकून की तलाश में पहाड़ों की वादियों में आया था। लेकिन उसे क्या पता था कि शिमला की उन सर्द रातों और धुंधली पहाड़ियों के बीच कोई उसका बरसों से इंतज़ार कर रहा है। एक ...Read More
वो कौन थी? - 2
Chapter 2 — अतीत का बुलावाआर्यन की धड़कनें उसके कान के पर्दे फाड़ने को बेताब थीं। उसने कांपते हाथों ज़मीन पर गिरा मोबाइल उठाया। स्क्रीन की रोशनी में उस लड़की का चेहरा साफ़ दिख रहा था—वही गहरी आँखें और वही रहस्यमयी मुस्कान। लेकिन सबसे डरावनी बात यह थी कि यह फोटो 'Recently Deleted' फोल्डर में नहीं, बल्कि '10 साल पुरानी' गैलरी की तारीख में दिख रही थी।उसने पीछे मुड़कर देखा, वहाँ कोई नहीं था। सिवाय उस घनी धुंध के, जो अब और भी काली पड़ती जा रही थी।होटल की वापसी और सन्नाटाआर्यन लगभग दौड़ते हुए अपने होटल 'द मिस्टी ...Read More
वो कौन थी? - 3
Chapter 3 — यादों का कब्रिस्तानआर्यन के हाथों से मोबाइल छूटकर बिस्तर पर गिर गया। वीडियो में दिख रहा उसका ही था, लेकिन वह यादें उसके दिमाग से पूरी तरह मिट चुकी थीं। उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उसके अतीत का कोई हिस्सा जानबूझकर उससे छीना गया हो।शीशे पर लिखे शब्द "तुमने वादा किया था" अब धीरे-धीरे ओझल हो रहे थे, जैसे पानी की बूंदें उन्हें बहा ले जा रही हों।पुराने रजिस्टर का रहस्यनींद अब आर्यन की आँखों से कोसों दूर थी। उसे समझ आ गया था कि इस होटल और उस लड़की का उससे कोई गहरा ...Read More
वो कौन थी? - 4
Chapter 4 — आखिरी सचआर्यन का शरीर हवा में लहराया, लेकिन तभी उसका हाथ एक मज़बूत जड़ से टकराया। अपनी पूरी ताकत झोंक दी और उस जड़ को पकड़ लिया। वह खाई के मुहाने पर हवा में लटक रहा था। नीचे का अंधेरा उसे निगलने को तैयार था, लेकिन ऊपर का नज़ारा और भी भयावह था।वह साया, जो अब तक अनन्या जैसा दिख रहा था, अब धुंध के एक काले गुबार में बदल चुका था। उसकी कोई शक्ल नहीं थी, बस दो जलती हुई लाल आँखें थीं जो आर्यन को घूर रही थीं।रिकॉर्डिंग का राजआर्यन का फोन, जो उसकी ...Read More
वो कौन थी? - 5
Chapter 5 — खंडहर का रहस्यआर्यन के हाथ-पाँव ठंडे पड़ चुके थे। वह जलता हुआ लालटेन ज़मीन पर पड़ा लेकिन उसे पकड़ने वाला बूढ़ा चौकीदार गायब हो चुका था। मोबाइल की वह फोटो चीख-चीख कर कह रही थी कि यहाँ कोई भी वैसा नहीं है जैसा दिख रहा है।उसने लड़खड़ाते कदमों से उस खंडहर की ओर कदम बढ़ाए, जिसे वह अब तक एक आलीशान होटल समझ रहा था।अतीत की राखजैसे ही आर्यन ने मुख्य दरवाज़े के जली हुई चौखट को पार किया, उसे सड़ने और धुएँ की गंध आई। दीवारें काली पड़ चुकी थीं। तभी उसे रिसेप्शन की वही ...Read More
वो कौन थी? - 6
Chapter 6 — अंतिम हिसाबबेसमेंट की दीवारें किसी कागज़ की तरह फटने लगी थीं। काला साया, जो अब अनन्या रूप ले चुका था, विक्रम को घसीटते हुए अंधेरे के उस कोने में ले गया जहाँ से लौटकर कोई नहीं आता। विक्रम की चीखें धीरे-धीरे धीमी होती गईं और फिर एक सन्नाटा छा गया—एक ऐसा सन्नाटा जो कान फाड़ने वाला था।आर्यन ज़मीन पर गिरा हुआ था, उसकी आँखों के सामने सब कुछ धुंधला हो रहा था। उसे लगा कि सब खत्म हो गया, लेकिन तभी वह काली धुंध वापस उसकी ओर बढ़ने लगी।एक पुरानी चाबी और हकीकतआर्यन का हाथ फर्श ...Read More