Who was she? - 3 in Hindi Horror Stories by sapna books and stories PDF | वो कौन थी? - 3

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वो कौन थी? - 3

Chapter 3 — यादों का कब्रिस्तान

आर्यन के हाथों से मोबाइल छूटकर बिस्तर पर गिर गया। वीडियो में दिख रहा चेहरा उसका ही था, लेकिन वह यादें उसके दिमाग से पूरी तरह मिट चुकी थीं। उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उसके अतीत का कोई हिस्सा जानबूझकर उससे छीना गया हो।

शीशे पर लिखे शब्द "तुमने वादा किया था" अब धीरे-धीरे ओझल हो रहे थे, जैसे पानी की बूंदें उन्हें बहा ले जा रही हों।

पुराने रजिस्टर का रहस्य
नींद अब आर्यन की आँखों से कोसों दूर थी। उसे समझ आ गया था कि इस होटल और उस लड़की का उससे कोई गहरा नाता है। वह दबे पाँव कमरे से बाहर निकला और रिसेप्शन की ओर गया। रात के सन्नाटे में उसके जूतों की आवाज़ पूरे कॉरिडोर में गूंज रही थी।


रिसेप्शन पर कोई नहीं था। आर्यन ने फुर्ती से काउंटर के पीछे जाकर पुराना रिकॉर्ड रजिस्टर ढूँढना शुरू किया। धूल से भरी एक भारी डायरी उसके हाथ लगी— 'साल 2016'।

पन्ने पलटते ही उसकी धड़कनें रुक सी गईं। 14 जून 2016 की एंट्री में दो नाम साथ लिखे थे:

आर्यन खन्ना
अनन्या शर्मा

"मैं यहाँ दस साल पहले आ चुका हूँ?" आर्यन के माथे पर पसीना आ गया। "लेकिन मुझे कुछ याद क्यों नहीं?"

वो अनसुनी चीख

डायरी के उसी पन्ने पर खून का एक सूखा हुआ धब्बा था। जैसे ही आर्यन ने उस धब्बे को छुआ, उसे एक ज़ोरदार झटका लगा। उसके दिमाग में फ्लैशबैक्स चलने लगे—

अंधेरी रात... तेज़ बारिश... कार की हेडलाइट्स... और पहाड़ी मोड़ पर एक ज़ोरदार धमाका!

उसे अपनी ही आवाज़ सुनाई दी— "अनन्या, हाथ पकड़ो मेरा!"
और फिर एक गहरी खाई में गिरती हुई एक चीख... जो आज भी उस धुंध में दबी हुई थी।

जंगल की ओर बुलावा
अचानक होटल का मुख्य दरवाज़ा अपने आप खुल गया। बाहर की धुंध अब कमरे के अंदर रेंगने लगी थी। दूर पहाड़ों की चोटी से एक मंद रोशनी चमक रही थी, जैसे कोई टॉर्च से उसे इशारा कर रहा हो।

आर्यन बिना सोचे-समझे होटल से बाहर निकल आया। वह उसी रास्ते पर चलने लगा जहाँ उसे वह लड़की मिली थी। चलते-चलते वह सड़क छोड़कर घने जंगलों की ओर मुड़ गया।

पेड़ों के बीच से फिर वही आवाज़ आई— "आर्यन... यहाँ आओ..."
खाई का किनारा

वह चलते-चलते एक ढलान के किनारे पहुँच गया। नीचे गहरी खाई थी जहाँ से सिर्फ सन्नाटा आ रहा था। वहीं किनारे पर वह लड़की—अनन्या—खड़ी थी। इस बार उसका चेहरा साफ़ था। वह रो रही थी, पर उसकी आँखों में आँसू नहीं, बल्कि खून था।

उसने अपनी उंगली से खाई की गहराई की ओर इशारा किया। आर्यन ने नीचे झाँका, तो उसे झाड़ियों के बीच कुछ चमकता हुआ दिखा। वह एक कार का ढांचा था, जो पूरी तरह गल चुका था।

अनन्या ने धीरे से कहा— "तुम तो बच गए थे आर्यन... पर मुझे वहीं छोड़ गए।"

आर्यन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। उसे याद आया—एक्सीडेंट के बाद वह बेहोश हो गया था और जब उसे होश आया, तो वह अस्पताल में था और उसे बताया गया था कि वह अकेला सफर कर रहा था।

जैसे ही वह कुछ बोलने के लिए मुड़ा, अनन्या उसके बिल्कुल करीब थी। उसके ठंडे हाथ आर्यन के गले तक पहुँच गए थे।

"अब वादा निभाने का वक्त आ गया है।"

अनन्या के ठंडे स्पर्श ने आर्यन के पूरे शरीर को सुन्न कर दिया था। उसकी आँखों में एक अजीब सी तड़प थी—जैसे वह सालों से इसी पल का इंतज़ार कर रही हो।

आर्यन ने घबराकर पीछे हटने की कोशिश की, लेकिन उसका पैर खाई के बिल्कुल किनारे पर था। नीचे से वही सड़ी हुई धातु और पुरानी यादों की गंध आ रही थी। उसे महसूस हुआ कि हवा में अब सिर्फ ठंडक नहीं, बल्कि एक भारी दबाव है जो उसे नीचे की ओर धकेल रहा है।

अनन्या का चेहरा अब उसके चेहरे के बिल्कुल करीब था। उसने कानाफूसी करते हुए कहा—

"अकेले बहुत डर लगता है वहाँ नीचे... क्या तुम मेरे साथ चलोगे?"
इससे पहले कि आर्यन कुछ समझ पाता, उसके मोबाइल की स्क्रीन एक बार फिर चमक उठी। उस पर एक पुरानी कॉल रिकॉर्डिंग बजने लगी, जिसकी आवाज़ उस सन्नाटे को चीरती हुई गूंजी—

"आर्यन, भागो यहाँ से! यह वो नहीं है जो तुम समझ रहे हो!"
आर्यन की आँखें फटी की फटी रह गईं। वह आवाज़... अनन्या की थी। अगर अनन्या की आवाज़ फोन में थी, तो उसके सामने खड़ी यह परछाईं कौन थी?

जैसे ही उसने सामने देखा, लड़की का चेहरा अचानक बदलने लगा। उसका साया धुंध में घुलने लगा और उसकी पकड़ और भी मजबूत हो गई। आर्यन का संतुलन बिगड़ा और वह खाई की ओर गिरने लगा...

क्या आर्यन उस पुरानी कार का रहस्य सुलझा पाएगा? या यह साया उसे हमेशा के लिए अपना बना लेगा?
जानने के लिए देखिए — Chapter 4: आखिरी सच