Mayamrug - 18 - Last part by Pranava Bharti in Hindi Love Stories PDF

मायामृग - 18 - Last part

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

सच तो है ‘ज़िंदगी जीने के योग्य नहीं रह गई है’ आपके रिश्ते, आपके संबंध, आपकी किसीके प्रति वफादारी तब तक ही है जब तक आप उसके लिए कुछ करने में समर्थ हैं अन्यथा आप एक ऐसे मूर्ख व्यक्ति ...Read More