Indradhanush Satranga - 5 by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories PDF

इंद्रधनुष सतरंगा - 5

by Mohd Arshad Khan in Hindi Motivational Stories

आधी रात का वक़्त था। सारा मुहल्ला नींद में खोया हुआ था। चारों तरफ सन्नाटा था। अचानक कर्तार जी के दरवाजे़ पर किसी ने दस्तक दी। कर्तार जी चौंक उठे। उठकर दरवाज़ा खोला तो सामने घोष बाबू खड़े थे। ...Read More