Usaki rato me subah nahi thi by Jayanti Ranganathan in Gujarati Social Stories PDF

उसकी रातों में सुबह नहीं थी

by Jayanti Ranganathan Matrubharti Verified in Gujarati Social Stories

उसकी रातों में सुबह नहीं थी जयंती रंगनाथन उसने अपना नाम बताया—सौम्या। मां कहती थी कि मैं हमेशा अपने से अमीर घर की लड़कियों से दोस्ती करती हूं। हम हाल ही में एक किराए के घर में रहने आए ...Read More