Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

લેખ:- સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ.લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.તાજેતરમાં જ મેડીકલ ક્ષેત્રે લેવાતી NEET પરીક્ષાનું પેપર લીક થવાની માહિતિ મળી. એનાં પુરાવાઓ પણ મળ્ય...

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4500નું પેન્ટ અને 1500ની શીખ By Munavvar Ali

આજે સાંજે નોકરીએથી ઘરે પરત ફરતી વખતે ટ્રેનમાં રજા સાહેબ સાથે મુલાકાત થઈ. અમારી સામેની સીટ પર સૈયદ કાકા બેઠા હતા. રજા સાહેબ આવીને બેઠા કે તરત જ પેશાબ કરવા ઊભા થઈ ગયા. મેં તક ઝડપીને...

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जया देव तारी - भाग 5 By Prof Shriram V Kale

जया देव तारी - भाग ५प्रतिवार्षिक  रिवाजा प्रमाणे पुराण संपले आणि  ‘पार्वतीपते हर हर महादेव’ असा उद्घोष करीत जोशीबुवानी  मानकरी दात्यांकडे कटाक्ष टाकला. दात्यानी शंभू  देसायांकडे  म...

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मुक्त - भाग 13 By Neeraj Sharma

एक लकीर...... उपन्यास लिखने की कोशिश, इसमें है हम लोग कैसे कैसे काम कर के भी यही कहते है, हाँ परमात्मा, खुदा, अल्लाह को यही मंजूर था.....इसका धारावाहिक नहीं है ये लगातार चलती एक जो...

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जिंदगी एक परीक्षा है By Vijay Erry

---जिंदगी एक परीक्षा है लेखक: विजय शर्मा एरी  ---पहला अध्याय: कस्बे की गलियाँ और बचपनअमित का बचपन पंजाब के एक छोटे कस्बे में बीता। गलियाँ संकरी थीं, लेकिन उनमें जीवन की चहल-पहल थी।...

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मांई के मांई By Anant Dhish Aman

मनुष्य के जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनका महत्व शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता। वे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध नहीं होते, बल्कि जीवन की भावनात्मक जड़ों से जुड...

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कागज़ के सामने हारता इंसान - बोधार्थी रौनक़ । By Raunak

कागज़ के सामने हारता इंसान गाँव की पगडंडी पर धूल वैसे ही उड़ती है जैसे वर्षों से उड़ती आई है। फर्क इतना भर आया है कि अब आदमी के हाथ में हल कम और कागज़ ज़्यादा दिखते हैं। कागज़-जिन प...

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डबल स्टैंडर्ड By Shree Kriti

शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं अपनी ब्याहता बेटी, चित्रा, से फोन पर बात कर रही थीं। किचन से मसालों की बड़ी ही अच्छी खु...

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कलम की स्याही और समाज का सच By Vijay Erry

इसलिए मैं अब आपको एक पूर्ण, विस्तृत, साहित्यिक शैली की हिंदी कहानी दूँगा, जो 500 शब्दों में होगी। इसमें गहराई, पात्रों का विकास, संवाद, घटनाओं का विस्तार और समाज की परतों का चित्रण...

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हंटर - 2 By Ram Make

छाया झील के पश्चिमी तट पर बने अग्रज हवेली के प्रशिक्षण मैदान में, निधी अपने तीरंदाजी कौशल कि प्रैक्टिस कर रही थी, जबकि वरुण एक कोने में अपनी सेबर आर्ट की प्रैक्टिस कर रहा था ।उसका...

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जीवन के मौसम By PRINCE PREMKUMAR

मैं आशा करती हूँ कि आपका जीवन शांति और आनंद से भरा हो, ऐसा आनंद जो आपको जीवन के हर मोड़ पर स्थिरता का एहसास दिलाए।मैं आशा करती हूँ कि आप हर सुबह उठें और याद रखें कि दुनिया में अभी...

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डिजिटल सन्नाटा: एक अनकही कहानी !! By Anjali kumari Sharma

शहर की ऊंची इमारतों के बीच, एक छोटे से कमरे में बैठी मैं अक्सर सोचती हूँ कि हम कितना आगे निकल आए हैं। मेरे सामने रखा लैपटॉप और बगल में रखा फोन—ये दोनों मेरी दुनिया के सबसे बड़े दरव...

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पवित्र बहु - 13 By archana

शादी का माहौल और भी रंगीन हो चुका था।डीजे की तेज़ धुन…लाइट्स की चमक…और बीच में लोगों का डांस।दिव्यम ने धीरे से चित्र का हाथ थामा—“चलो… थोड़ा डांस कर लेते हैं।”चित्र घबरा गई—“नहीं…...

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हेल्पलाइन नंबर By Trupti Deo

आज एक बातमी वाचली… आणि मन शांत बसलंच नाही.एक तीस वर्षांचा तरुण—न्यायाधीश. समाजात उच्च पदावर असलेला, जबाबदारी असलेला, बुद्धिमान व्यक्ती. बाहेरून पाहिलं तर त्याचं आयुष्य स्थिर, यशस्व...

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जीवंत देवता By prem chand hembram

जीवंत देवता अदालत खचाखच भरी थी…पर एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था—जैसे दीवारें भी आज कुछ अलग सुनने को तैयार हों।कटघरे में पंडित रामदीन खड़े थे…सूरज की तपिश से झुलसा चेहरा…पर आँखों म...

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अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 By Kaushik dave

Chapter 1: डर की शुरुआतरतनपुर…एक छोटा सा गाँव… गुजरात के किनारे बसा हुआ।दिन में ये गाँव बिल्कुल साधारण लगता था —मिट्टी के घर, कच्ची सड़कें, खेतों में काम करते लोग,और बच्चों की हँसी...

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कैद बा-मशक्कत By कमल चोपड़ा

​कैद बा-मशक्कतकमल चोपड़ा​प्रहार से बचने के लिए पीछे हटी थी, मुक्का उसे न लगकर दीवार में जा लगा था। दर्द से बिलबिलाता और गुस्से में फनफनाता हुआ पति लगभग पागल-सा हो आया था। पत्नी का...

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पुरस्कार By कमल चोपड़ा

पुरस्कारकमल चोपड़ा​सदानंद एक सीधा-सादा आदमी था। वह मेहनत-मजदूरी कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालता। रोजाना की तरह आज भी वह काम पर जा रहा था कि किसी ने पीछे से आवाज देकर उसे रोका,...

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झूठ-सच By कमल चोपड़ा

झूठ-सच कमल चोपड़ा​   राजकुमार श्वेतांक की उम्र पंद्रह वर्ष थी। एक दिन घूमते-घूमते वह वन की ओर निकल गया। अचानक उस पर एक शेर ने हमला कर दिया। राजकुमार के हाथों से हथियार छूट गए। वह ल...

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खोया हुआ विश्वास By कमल चोपड़ा

खोया हुआ विश्वास​  कमल चोपड़ाबंटी को खाली हाथ घर लौटा देखकर माँ ने हैरानी से पूछा— "नमक की थैली कहाँ है? मैंने तुझे दस रुपए देकर नमक की थैली लेने भेजा था ना?"​जवाब में बंटी ने सुबक...

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બે રસ્તા એક ઓટલો By Munavvar Ali

સાંજના પટાણે પિતાજી અને હું ચા પીવા બેસ્યા હતા.તેવામાં મૂર્તિ કાકા ઘરે આવ્યા.પિતાજીએ સૌથી પહેલા મને પાણી લેવા મોકલ્યો અને તેમને ચા પાણીની ઓફર કરી. થોડીવાર તેઓ બેસ્યા પછી પિતાજી આઈસ...

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मानवता की जीत By prem chand hembram

मानवता की जीत (अंतिम संस्करण)धनबाद जिले की छाती पर बसा रहिमनगर…एक छोटा सा कस्बा—जहाँ जिंदगी सरल थी, पर समाज दीवारों में बँटा हुआ।कुएँ अलग थे…रास्ते अलग थे…और दिल—अपने-अपने डर और दा...

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Back to Those Days By Insha noor

No matter what you are what's your age you still miss your old days sometimes you become too much nostalgic and you can't find an escape from that nostalgiaLike I'm the...

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स्वाभिमान By कमल चोपड़ा

स्वाभिमान​  कमल चोपड़ास्कूल से आते ही विशू ने मां से कहा—'मां! मुझे आज ही नए कपड़े लेकर दो।'​'क्यों?' माँ ने पूछा।​'कल मेरे सबसे अच्छे दोस्त निखिल का जन्मदिन है...

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વરસાદ પડે… ત્યારે ઘર દિલમાં પાછું આવી જાય છે By Daily life Stories

Missing Home વરસાદ આવ્યો... અને સાથે આવી ઘર ની યાદ વરસાદ આજે અહીં પણ પડતો હતો, પણ કંઈક અલગ લાગતું હતું. બારી પાસે ઊભી રહીને હું શહેરને જોઈ રહી હતી. ઉંચી ઈમારતો, ચમકતી લાઈટ્સ, દોડતી...

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तक़लीफ़ By राज बोहरे

 तक़लीफ़ दोपहर की धूप अपनी पूरी तल्खी के साथ शहर की पुरानी सिविल लाइन की मंत्री निवास की बिल्डिंग पर झुकी हुई थी। बाहर खड़े नीम के पेड़ की छाया भी जैसे सिमटकर खुद में सिमट गई थी। भी...

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સંબંધો ના ડિપ્લોમેટ કિશન કાકા - 3 By AKHIL KUMAR

To be continue. કિશન કાકા એટલે મોટા ગજા ના ઉદ્યોગપતિ ૪૦ માણશ ની ટીમ તો એ એકલા હાથે હૅન્ડલ કરી દે. ટીમ મેનેજમેંટ.  HR મેનેજમેન્ટ.એમ્પ્લોયી ના ઇગો મેનેજમેન્ટ. બધા કર્મચારીઓ વચ્ચે ગજબ...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 1 By Ashoksinh jadeja

**પ્રકરણ ૧: સીમમાં સંભળાયેલો કાળજું ચીરતો અવાજ**          સૌરાષ્ટ્રની ખમીરવંતી ધરતી પર જાણે કુદરતે સોનાની મહોરો વેરવી હોય એવું એ રળિયામણું ગામડું. ગામની રક્ષા કરવા કુદરતે જાણે ચારે...

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एक छोटी सी भूल By prem chand hembram

एक छोटी सी भूल“आप पुरानी सोच के हैं…”अपनी ही बेटी के मुँह से निकले ये शब्द,शहर के प्रतिष्ठित वकील रामगोपाल वर्मा के हृदय को चीर गए।उन्होंने जीवन में अनेक कठिनाइयाँ देखी थीं,परंतु क...

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हर कदम परीक्षा By कमल चोपड़ा

हर कदम परीक्षा​ कमल चोपड़ाकाम की तलाश में इधर-उधर धक्के खाने के बाद निराश होकर मधुकांत घर लौटने लगा तो पीछे से आवाज आई, 'ऐ भाई, यहाँ कोई मजदूर मिलेगा क्या?'​मधुकांत ने मुड़...

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મેચ્યુરિટિ ના સર્ટિફિકેટ આપતા હસમુખ કાકા By AKHIL KUMAR

પાપા ના ગયા પછી અચાનક જ  ઘર ની વાત બધી જવાબદારીઓ હતી મોટા મોટા ડીસીશન લેવાના હતા જે એક સમયે પાપા કરતા હતા એ બધા જ કામ આવી ગયા હતા.  ક્યારેક ઘર ના બીજા કાકા બાપા સાથે કામ કરવુ પડતુ....

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बेड़ियां By Reena

बेड़ियांरात के 2:37 बज रहे थे।पूरा शहर नींद में डूबा था, लेकिन आरव के कमरे की लाइट अब भी जल रही थी।कमरे में किताबें खुली पड़ी थीं, लैपटॉप चालू था, टेबल पर कॉफी का कप आधा भरा था......

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स्वर आले जुळूनी - भाग 6 By Prof Shriram V Kale

 स्वर आले जुळूनी अंतीम भाग 6           जे.जे. मधून मला मास्टर्स डिप्लोमा मिळाला त्याच दरम्याने जे.जे. ची एक बँच गोव्यात पणजीला सुरु झाली. मी कान्व्होकेशन फॉर्म भरायला गेलो तेव्हा ए...

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हिम्मत न हार By कमल चोपड़ा

हिम्मत न हारकमल चोपड़ा​चलते-चलते अगम नदी तक आ पहुँचा था। कुछ देर तक वह पानी के तेज बहाव को देखता रहा फिर नदी के किनारे लगे एक पेड़ के तने से लिपट कर रोने लगा। आज विद्यालय में आठवीं...

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उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

स्नेहिल नमस्कार प्रिय मित्रों मधुशाला...??? ============      वैसे तो हम अब उम्र की जिस कगार पर खड़े हैं ,यह मस्तिष्क...

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इंसानियत का इनाम By कमल चोपड़ा

इंसानियत का इनाम  कमल चोपड़ा​एक गाँव के एक सेठ का किसी ने दरवाजा खटखटाया। रात का वक्त था। ‘इस वक्त कौन हो सकता है?’ यह सोचते हुए सेठ ने दरवाजा खोला। देखा सामने एक चालीस-बयालीस वर्ष...

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मैत्रीला लिंग नसतं By Trupti Deo

"मैत्रीला लिंग नसतं…"आयुष्यात कधीतरी असा क्षण येतो…जेव्हा आपल्याला फक्त कुणीतरी “ऐकणारं” हवं असतं.सल्ला देणारं नाही…उपदेश करणारा नाही…फक्त शांतपणे आपल्यासोबत बसणारं कुणीतरी…आणि त्य...

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માસ્ટર નો છોકરો મારો ભાઈબંધ હતો By AKHIL KUMAR

આજે ઘણો લાબો સમય થઈ ગયો પણ એ મિત્ર જે ૧૫ વર્ષ થી સાથે હતો.  મારો જૂનો ખાસ મિત્ર સૂરજ. સૂરજ મારો સ્કૂલ નો બેસ્ટ ફ્રેન્ડ. સાથે રમતા રેહતા.  પારિવારિક સંબધ થઈ ગયો હતો.આજે સૂરજ ૩ વર્ષ...

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भट्ठी में पौधा By कमल चोपड़ा

​भट्ठी में पौधाकमल चोपड़ा​घर तक आते-आते रास्ते में राशनवाले, किरोसिनवाले और दवाईवाले का उधार चुकता करते-करते उसकी तनखा निपट गयी थी। तनखाह के हाथ में आने की गर्मी, उत्साह और खुशी कु...

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अपने यहॉं By कमल चोपड़ा

​अपने यहाँकमल चोपड़ा​बीच में उसका वह डर लगभग खत्म हो गया था, जो उसे शुरू-शुरू में लगता था और जिसने इन दिनों फिर से उसे घेर लिया था। यहाँ रहते हुए उसे दस साल हो गये थे, उसे यह लगता...

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जब लाइक्स खत्म हो गए By Anshika Naithani

मेरा नाम साक्षी है, और अगर आप मेरे सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखेंगे तो आपको लगेगा कि मेरी जिंदगी बिल्कुल परफेक्ट है। हर फोटो में मुस्कान, हर स्टोरी में खुशी और हर पोस्ट में एक ऐसा प...

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भूतों की बारात में झूमर By prem chand hembram

भूतों की बारात में झूमर“जब तान, थाप और नृत्य ने अदृश्य जगत को भी बाँध लिया…”डोमन के सिर से माँ-बाप का साया बचपन में ही उठ गया था।गाँव में भयंकर हैजे का प्रकोप हुआ था। उन दिनों न दव...

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સંસ્કારોનું સેલ (Sale) અને પશ્ચિમી આંધળી દોટ By Urmit

આજના અત્યાધુનિક યુગમાં આપણે એક એવી વિચિત્ર સ્પર્ધામાં ઉતર્યા છીએ જ્યાં ‘કૂલ’ દેખાવું એ જીવનનું અંતિમ લક્ષ્ય બની ગયું છે. આ ‘કૂલ’ દેખાવાની હોડમાં આપણે ક્યારે આપણા વર્ષો જૂના મૂળિયાં...

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સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

લેખ:- સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ.લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.તાજેતરમાં જ મેડીકલ ક્ષેત્રે લેવાતી NEET પરીક્ષાનું પેપર લીક થવાની માહિતિ મળી. એનાં પુરાવાઓ પણ મળ્ય...

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4500નું પેન્ટ અને 1500ની શીખ By Munavvar Ali

આજે સાંજે નોકરીએથી ઘરે પરત ફરતી વખતે ટ્રેનમાં રજા સાહેબ સાથે મુલાકાત થઈ. અમારી સામેની સીટ પર સૈયદ કાકા બેઠા હતા. રજા સાહેબ આવીને બેઠા કે તરત જ પેશાબ કરવા ઊભા થઈ ગયા. મેં તક ઝડપીને...

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जया देव तारी - भाग 5 By Prof Shriram V Kale

जया देव तारी - भाग ५प्रतिवार्षिक  रिवाजा प्रमाणे पुराण संपले आणि  ‘पार्वतीपते हर हर महादेव’ असा उद्घोष करीत जोशीबुवानी  मानकरी दात्यांकडे कटाक्ष टाकला. दात्यानी शंभू  देसायांकडे  म...

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मुक्त - भाग 13 By Neeraj Sharma

एक लकीर...... उपन्यास लिखने की कोशिश, इसमें है हम लोग कैसे कैसे काम कर के भी यही कहते है, हाँ परमात्मा, खुदा, अल्लाह को यही मंजूर था.....इसका धारावाहिक नहीं है ये लगातार चलती एक जो...

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जिंदगी एक परीक्षा है By Vijay Erry

---जिंदगी एक परीक्षा है लेखक: विजय शर्मा एरी  ---पहला अध्याय: कस्बे की गलियाँ और बचपनअमित का बचपन पंजाब के एक छोटे कस्बे में बीता। गलियाँ संकरी थीं, लेकिन उनमें जीवन की चहल-पहल थी।...

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मांई के मांई By Anant Dhish Aman

मनुष्य के जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनका महत्व शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता। वे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध नहीं होते, बल्कि जीवन की भावनात्मक जड़ों से जुड...

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कागज़ के सामने हारता इंसान - बोधार्थी रौनक़ । By Raunak

कागज़ के सामने हारता इंसान गाँव की पगडंडी पर धूल वैसे ही उड़ती है जैसे वर्षों से उड़ती आई है। फर्क इतना भर आया है कि अब आदमी के हाथ में हल कम और कागज़ ज़्यादा दिखते हैं। कागज़-जिन प...

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डबल स्टैंडर्ड By Shree Kriti

शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं अपनी ब्याहता बेटी, चित्रा, से फोन पर बात कर रही थीं। किचन से मसालों की बड़ी ही अच्छी खु...

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कलम की स्याही और समाज का सच By Vijay Erry

इसलिए मैं अब आपको एक पूर्ण, विस्तृत, साहित्यिक शैली की हिंदी कहानी दूँगा, जो 500 शब्दों में होगी। इसमें गहराई, पात्रों का विकास, संवाद, घटनाओं का विस्तार और समाज की परतों का चित्रण...

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हंटर - 2 By Ram Make

छाया झील के पश्चिमी तट पर बने अग्रज हवेली के प्रशिक्षण मैदान में, निधी अपने तीरंदाजी कौशल कि प्रैक्टिस कर रही थी, जबकि वरुण एक कोने में अपनी सेबर आर्ट की प्रैक्टिस कर रहा था ।उसका...

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जीवन के मौसम By PRINCE PREMKUMAR

मैं आशा करती हूँ कि आपका जीवन शांति और आनंद से भरा हो, ऐसा आनंद जो आपको जीवन के हर मोड़ पर स्थिरता का एहसास दिलाए।मैं आशा करती हूँ कि आप हर सुबह उठें और याद रखें कि दुनिया में अभी...

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डिजिटल सन्नाटा: एक अनकही कहानी !! By Anjali kumari Sharma

शहर की ऊंची इमारतों के बीच, एक छोटे से कमरे में बैठी मैं अक्सर सोचती हूँ कि हम कितना आगे निकल आए हैं। मेरे सामने रखा लैपटॉप और बगल में रखा फोन—ये दोनों मेरी दुनिया के सबसे बड़े दरव...

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पवित्र बहु - 13 By archana

शादी का माहौल और भी रंगीन हो चुका था।डीजे की तेज़ धुन…लाइट्स की चमक…और बीच में लोगों का डांस।दिव्यम ने धीरे से चित्र का हाथ थामा—“चलो… थोड़ा डांस कर लेते हैं।”चित्र घबरा गई—“नहीं…...

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हेल्पलाइन नंबर By Trupti Deo

आज एक बातमी वाचली… आणि मन शांत बसलंच नाही.एक तीस वर्षांचा तरुण—न्यायाधीश. समाजात उच्च पदावर असलेला, जबाबदारी असलेला, बुद्धिमान व्यक्ती. बाहेरून पाहिलं तर त्याचं आयुष्य स्थिर, यशस्व...

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जीवंत देवता By prem chand hembram

जीवंत देवता अदालत खचाखच भरी थी…पर एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था—जैसे दीवारें भी आज कुछ अलग सुनने को तैयार हों।कटघरे में पंडित रामदीन खड़े थे…सूरज की तपिश से झुलसा चेहरा…पर आँखों म...

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अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 By Kaushik dave

Chapter 1: डर की शुरुआतरतनपुर…एक छोटा सा गाँव… गुजरात के किनारे बसा हुआ।दिन में ये गाँव बिल्कुल साधारण लगता था —मिट्टी के घर, कच्ची सड़कें, खेतों में काम करते लोग,और बच्चों की हँसी...

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कैद बा-मशक्कत By कमल चोपड़ा

​कैद बा-मशक्कतकमल चोपड़ा​प्रहार से बचने के लिए पीछे हटी थी, मुक्का उसे न लगकर दीवार में जा लगा था। दर्द से बिलबिलाता और गुस्से में फनफनाता हुआ पति लगभग पागल-सा हो आया था। पत्नी का...

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पुरस्कार By कमल चोपड़ा

पुरस्कारकमल चोपड़ा​सदानंद एक सीधा-सादा आदमी था। वह मेहनत-मजदूरी कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालता। रोजाना की तरह आज भी वह काम पर जा रहा था कि किसी ने पीछे से आवाज देकर उसे रोका,...

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झूठ-सच By कमल चोपड़ा

झूठ-सच कमल चोपड़ा​   राजकुमार श्वेतांक की उम्र पंद्रह वर्ष थी। एक दिन घूमते-घूमते वह वन की ओर निकल गया। अचानक उस पर एक शेर ने हमला कर दिया। राजकुमार के हाथों से हथियार छूट गए। वह ल...

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खोया हुआ विश्वास By कमल चोपड़ा

खोया हुआ विश्वास​  कमल चोपड़ाबंटी को खाली हाथ घर लौटा देखकर माँ ने हैरानी से पूछा— "नमक की थैली कहाँ है? मैंने तुझे दस रुपए देकर नमक की थैली लेने भेजा था ना?"​जवाब में बंटी ने सुबक...

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બે રસ્તા એક ઓટલો By Munavvar Ali

સાંજના પટાણે પિતાજી અને હું ચા પીવા બેસ્યા હતા.તેવામાં મૂર્તિ કાકા ઘરે આવ્યા.પિતાજીએ સૌથી પહેલા મને પાણી લેવા મોકલ્યો અને તેમને ચા પાણીની ઓફર કરી. થોડીવાર તેઓ બેસ્યા પછી પિતાજી આઈસ...

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मानवता की जीत By prem chand hembram

मानवता की जीत (अंतिम संस्करण)धनबाद जिले की छाती पर बसा रहिमनगर…एक छोटा सा कस्बा—जहाँ जिंदगी सरल थी, पर समाज दीवारों में बँटा हुआ।कुएँ अलग थे…रास्ते अलग थे…और दिल—अपने-अपने डर और दा...

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Back to Those Days By Insha noor

No matter what you are what's your age you still miss your old days sometimes you become too much nostalgic and you can't find an escape from that nostalgiaLike I'm the...

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स्वाभिमान By कमल चोपड़ा

स्वाभिमान​  कमल चोपड़ास्कूल से आते ही विशू ने मां से कहा—'मां! मुझे आज ही नए कपड़े लेकर दो।'​'क्यों?' माँ ने पूछा।​'कल मेरे सबसे अच्छे दोस्त निखिल का जन्मदिन है...

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વરસાદ પડે… ત્યારે ઘર દિલમાં પાછું આવી જાય છે By Daily life Stories

Missing Home વરસાદ આવ્યો... અને સાથે આવી ઘર ની યાદ વરસાદ આજે અહીં પણ પડતો હતો, પણ કંઈક અલગ લાગતું હતું. બારી પાસે ઊભી રહીને હું શહેરને જોઈ રહી હતી. ઉંચી ઈમારતો, ચમકતી લાઈટ્સ, દોડતી...

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तक़लीफ़ By राज बोहरे

 तक़लीफ़ दोपहर की धूप अपनी पूरी तल्खी के साथ शहर की पुरानी सिविल लाइन की मंत्री निवास की बिल्डिंग पर झुकी हुई थी। बाहर खड़े नीम के पेड़ की छाया भी जैसे सिमटकर खुद में सिमट गई थी। भी...

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સંબંધો ના ડિપ્લોમેટ કિશન કાકા - 3 By AKHIL KUMAR

To be continue. કિશન કાકા એટલે મોટા ગજા ના ઉદ્યોગપતિ ૪૦ માણશ ની ટીમ તો એ એકલા હાથે હૅન્ડલ કરી દે. ટીમ મેનેજમેંટ.  HR મેનેજમેન્ટ.એમ્પ્લોયી ના ઇગો મેનેજમેન્ટ. બધા કર્મચારીઓ વચ્ચે ગજબ...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 1 By Ashoksinh jadeja

**પ્રકરણ ૧: સીમમાં સંભળાયેલો કાળજું ચીરતો અવાજ**          સૌરાષ્ટ્રની ખમીરવંતી ધરતી પર જાણે કુદરતે સોનાની મહોરો વેરવી હોય એવું એ રળિયામણું ગામડું. ગામની રક્ષા કરવા કુદરતે જાણે ચારે...

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एक छोटी सी भूल By prem chand hembram

एक छोटी सी भूल“आप पुरानी सोच के हैं…”अपनी ही बेटी के मुँह से निकले ये शब्द,शहर के प्रतिष्ठित वकील रामगोपाल वर्मा के हृदय को चीर गए।उन्होंने जीवन में अनेक कठिनाइयाँ देखी थीं,परंतु क...

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हर कदम परीक्षा By कमल चोपड़ा

हर कदम परीक्षा​ कमल चोपड़ाकाम की तलाश में इधर-उधर धक्के खाने के बाद निराश होकर मधुकांत घर लौटने लगा तो पीछे से आवाज आई, 'ऐ भाई, यहाँ कोई मजदूर मिलेगा क्या?'​मधुकांत ने मुड़...

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મેચ્યુરિટિ ના સર્ટિફિકેટ આપતા હસમુખ કાકા By AKHIL KUMAR

પાપા ના ગયા પછી અચાનક જ  ઘર ની વાત બધી જવાબદારીઓ હતી મોટા મોટા ડીસીશન લેવાના હતા જે એક સમયે પાપા કરતા હતા એ બધા જ કામ આવી ગયા હતા.  ક્યારેક ઘર ના બીજા કાકા બાપા સાથે કામ કરવુ પડતુ....

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बेड़ियां By Reena

बेड़ियांरात के 2:37 बज रहे थे।पूरा शहर नींद में डूबा था, लेकिन आरव के कमरे की लाइट अब भी जल रही थी।कमरे में किताबें खुली पड़ी थीं, लैपटॉप चालू था, टेबल पर कॉफी का कप आधा भरा था......

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स्वर आले जुळूनी - भाग 6 By Prof Shriram V Kale

 स्वर आले जुळूनी अंतीम भाग 6           जे.जे. मधून मला मास्टर्स डिप्लोमा मिळाला त्याच दरम्याने जे.जे. ची एक बँच गोव्यात पणजीला सुरु झाली. मी कान्व्होकेशन फॉर्म भरायला गेलो तेव्हा ए...

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हिम्मत न हार By कमल चोपड़ा

हिम्मत न हारकमल चोपड़ा​चलते-चलते अगम नदी तक आ पहुँचा था। कुछ देर तक वह पानी के तेज बहाव को देखता रहा फिर नदी के किनारे लगे एक पेड़ के तने से लिपट कर रोने लगा। आज विद्यालय में आठवीं...

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उजाले की ओर –संस्मरण By DrPranava Bharti

स्नेहिल नमस्कार प्रिय मित्रों मधुशाला...??? ============      वैसे तो हम अब उम्र की जिस कगार पर खड़े हैं ,यह मस्तिष्क...

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इंसानियत का इनाम By कमल चोपड़ा

इंसानियत का इनाम  कमल चोपड़ा​एक गाँव के एक सेठ का किसी ने दरवाजा खटखटाया। रात का वक्त था। ‘इस वक्त कौन हो सकता है?’ यह सोचते हुए सेठ ने दरवाजा खोला। देखा सामने एक चालीस-बयालीस वर्ष...

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मैत्रीला लिंग नसतं By Trupti Deo

"मैत्रीला लिंग नसतं…"आयुष्यात कधीतरी असा क्षण येतो…जेव्हा आपल्याला फक्त कुणीतरी “ऐकणारं” हवं असतं.सल्ला देणारं नाही…उपदेश करणारा नाही…फक्त शांतपणे आपल्यासोबत बसणारं कुणीतरी…आणि त्य...

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માસ્ટર નો છોકરો મારો ભાઈબંધ હતો By AKHIL KUMAR

આજે ઘણો લાબો સમય થઈ ગયો પણ એ મિત્ર જે ૧૫ વર્ષ થી સાથે હતો.  મારો જૂનો ખાસ મિત્ર સૂરજ. સૂરજ મારો સ્કૂલ નો બેસ્ટ ફ્રેન્ડ. સાથે રમતા રેહતા.  પારિવારિક સંબધ થઈ ગયો હતો.આજે સૂરજ ૩ વર્ષ...

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भट्ठी में पौधा By कमल चोपड़ा

​भट्ठी में पौधाकमल चोपड़ा​घर तक आते-आते रास्ते में राशनवाले, किरोसिनवाले और दवाईवाले का उधार चुकता करते-करते उसकी तनखा निपट गयी थी। तनखाह के हाथ में आने की गर्मी, उत्साह और खुशी कु...

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अपने यहॉं By कमल चोपड़ा

​अपने यहाँकमल चोपड़ा​बीच में उसका वह डर लगभग खत्म हो गया था, जो उसे शुरू-शुरू में लगता था और जिसने इन दिनों फिर से उसे घेर लिया था। यहाँ रहते हुए उसे दस साल हो गये थे, उसे यह लगता...

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जब लाइक्स खत्म हो गए By Anshika Naithani

मेरा नाम साक्षी है, और अगर आप मेरे सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखेंगे तो आपको लगेगा कि मेरी जिंदगी बिल्कुल परफेक्ट है। हर फोटो में मुस्कान, हर स्टोरी में खुशी और हर पोस्ट में एक ऐसा प...

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भूतों की बारात में झूमर By prem chand hembram

भूतों की बारात में झूमर“जब तान, थाप और नृत्य ने अदृश्य जगत को भी बाँध लिया…”डोमन के सिर से माँ-बाप का साया बचपन में ही उठ गया था।गाँव में भयंकर हैजे का प्रकोप हुआ था। उन दिनों न दव...

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સંસ્કારોનું સેલ (Sale) અને પશ્ચિમી આંધળી દોટ By Urmit

આજના અત્યાધુનિક યુગમાં આપણે એક એવી વિચિત્ર સ્પર્ધામાં ઉતર્યા છીએ જ્યાં ‘કૂલ’ દેખાવું એ જીવનનું અંતિમ લક્ષ્ય બની ગયું છે. આ ‘કૂલ’ દેખાવાની હોડમાં આપણે ક્યારે આપણા વર્ષો જૂના મૂળિયાં...

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