Gavaksh - 10 by Pranava Bharti in Hindi Social Stories PDF

गवाक्ष - 10

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

गवाक्ष 10 प्रतिदिन की भाँति उस दिन भी चांडाल-चौकड़ी अपनी मस्ती में थी कि एक हादसे ने सत्यव्रत को झकझोर दिया, उसे जीवन की गति ने पाठ पढ़ा दिया। एक रात्रि जब वह मित्रों के साथ खा-पीकर अपनी ...Read More