janjeevan - 5 by Rajesh Maheshwari in Hindi Poems PDF

जनजीवन - 5

by Rajesh Maheshwari Matrubharti Verified in Hindi Poems

चिन्ता, चिता और चैतन्य चिन्ता, चिता और चैतन्य जीवन के तीन रंग। चिन्ता जब होगी खत्म तब होगा जीवन में आनन्द का शुभारम्भ। चिन्ता देती है विषाद, दुख और परेशानियां और देती है सकारात्मकता मे अवरोध का अहसास ...Read More