Ek Duniya Ajnabi - 28 by Pranava Bharti in Hindi Social Stories PDF

एक दुनिया अजनबी - 28

by Pranava Bharti Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

एक दुनिया अजनबी 28- मृदुला सुरीली थी, अक्सर उसे ही गाते देखा है उसने |वह गा रही थी ; ठाढ़े रहियो ओ बाँके यार रे ---- दो किन्नर उस पर नाच रहे थे | गज़ब का लचीलापन था उसकी ...Read More