momentarily - part-2 by महेश रौतेला in Hindi Poems PDF

क्षणभर - भाग-२

by महेश रौतेला Matrubharti Verified in Hindi Poems

क्षणभर(भाग-२)२४.इस वर्षइस वर्षविचार उखड़ेआँधियां चलींप्यार की दो-चार बातेन हुयीं,दो-चार छूट गयीं।उनसे हुयी मुलाकातयाद आयी,बीते समय की चिट्ठीफिर पढ़ ली,ईश्वर निर्मित चाहहमारे साथ हो ली,लिखा गया हर शब्दमन में उभर आया,बीता जीवन झरनों सा बनशीतल बन गया,सुख की आभापूर्णतः इंद्रधनुषीय ...Read More