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ऋगुवेद सूक्ति-- (9) की व्याख्या "महे चन त्वामंद्रिव:परां शुल्काय देयाम्"ऋगुवेद -...
चैप्टर 0: मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ाचारों तरफ घना अँधेरा।मैं एक अज...
नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणे...
मुंबई की सुबह और लोकल ट्रेन की वो भागदौड़। कहने को तो यह शहर कभी सोता नहीं, पर इ...
रात 2 बजेकल्याणपुर पुलिस स्टेशन एक औरत जिसकी उम्र 55 साल हैं चेहरे पर घबराहट और...
कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, ब...
अध्याय 1: वीरान हवेली की पहली आहटपहाड़ों के बीच बसी वह जगह जितनी खूबसूरत थी, उतन...
शहर की रफ्तार हमेशा की तरह तेज थी, और उस रफ्तार के बीच सुमित की उंगलियां कीबोर्ड...
अयोध्या नगरी... एक ऐसी नगरी जिसके नाम का मतलब ही था, जिसे कोई युद्ध में जीत न सक...
कहते हैं कि किस्मत का लिखा और समय का बीता हुआ पल न कोई टाल सकता है, न वापस ला सक...
सूरज एक सफल बिजनेसमैन था। वह अपनी मेहनत और लगन से शहर के सबसे प्रमुख उद्योगपतियों में गिना जाता था। मगर दौलत और शोहरत के इस सफर में भी एक खालीपन था, जिसे सिर्फ वह महसूस कर सकता था।...
90 वर्ष की उम्र पार कर चुकी कावेरी अम्मा अब तक तो एकदम टनकी थीं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हृदय की धड़कनों में थोड़ी मंदी आ गई थी इसलिए उनका शरीर अब वैसा साथ नहीं निभा पा रहा था जैस...
"कभी-कभी ज़िंदगी से भागने वाले, सबसे ज़्यादा ज़िंदा महसूस करने वाले होते हैं..." यह उपन्यास एक प्रेम कथा नहीं है, न ही कोई रहस्यपूर्ण थ्रिलर। यह उन साँसों की कहानी है, ज...
बारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे से टकरा रही थीं। हवा में मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी, जैसे ज़मीन भी अपनी कहानी सुनाने को बेचैन हो। Prakhra ने अपनी किताब बंद की, खिड़की के पास...
यह कहानी एक लड़की रिया के बारे मे है जिसकी जिंदगी मे नवीन प्यार की बहार ले आता है उसे यकीन नही होता के कोई उसे इतना प्यार भी कर सकता है जब रिया नवीन से जीवन भर का साथ मांगती है त...
प्रिय पाठकों,यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है जिसका किसी भी व्यक्ति के जीवन अथवा किसी घटना विशेष से कोई सम्बन्ध नहीं है। कहानी का उद्देश्य मनोरंजन मात्र है,किसी की भावनाओं को ठेस पहुं...
किसी भी महान व्यक्ति के जीवन को समझने के लिए उसके बचपन और परिवेश को जानना बेहद आवश्यक है। क्योंकि वही उसकी सोच, आदतें और संघर्ष की नींव रखते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोद...
बागी आत्मा 1 रचना काल-1970-71 उपन्यास रामगोपाल भावुक सम्पर्क- कमलेश्वर कोलो...
गायब हैंडल का रहस्य सुबह के 10 बजे थे। बरेली के एक व्यस्त बैंक में लोगों की ऐसी भीड़ थी, मानो कुंभ का मेला लगा हो। सब अपने-अपने काम में ऐसे डूबे थे, जैसे चींटी शक्कर के दाने पर। कि...
माँ का सपना बस पूरा ही होने वाला था, दो दिन बाद अंजुम की शादी जो थी। माँ ने अंजुम की शादी के लिए न जाने कितने खुआब बुन रखे थे। सब शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। माँ सब कुछ अंजु...
यह उपन्यास डायरी विधा में लिखित एक स्त्री की दास्तान है। समाज ने स्त्रियों के लिए कुछ साँचे बना रखे हैं जैसे अच्छी माँ ....सुगढ़ गृहणी और फरमावदार बीबी, जो इन साँचों में फिट हो जाती...
मुझे बाइक चलाना बहुत पसंद है। बहुत ज़्यादा। जुनून की हद तक। जब मैं एट स्टैंडर्ड में पहुँची तो स्कूल जाने के लिए फ़ादर ने लेडी बर्ड साइकिल दी। उन्हें यक़ीन था कि नई साइकिल पाकर मैं ख़ु...
"इतनी जरूरी मीटिंग और ऊपर से लेट हो गया। आज तो मेरी खैर नहीं। पक्का आज तो मुझपर शामत आने वाली है और बॉस से गालियां खाने को मिलेंगी।" – अपनी अम्मी को बोलता हुआ रफ़ीक़ घर से बा...
यह लघु उपन्यास ग्रामीण भारत में स्वतंत्रता व गांधीजी के आन्दोलन के प्रति अलख जगाने की लोमहर्षक अनकही दस्तान है I २ स्वतत्रता सेनानी द्वारा हरिजन उत्थान का प्रयास करने पर जाति वा...
एक बार की बात है... राजस्थान के एक शांत, धूल से भरे गाँव "कुंभसर" में एक पुरानी हवेली थी, जिसे लोग “चौधरियों की कोठरी” कहते थे। ये हवेली अब वीरान थी, लेकिन गाँव के बुज़ु...
जैसे ही इशिता ने उस कमरे में प्रवेश किया उसकी साँसें ऊपर की ऊपर ही रह गईं | एक अजीब सी मनोदशा में वह जैसे साँस लेना भूल गई, लड़खड़ा गई जैसे चक्कर से आने लगे | "व्हाट हैपेंड म...
इस लघु उपन्यास के प्रसिद्ध लेखक इंदिरा सौंदर्राजन हैं। यह तमिल के बहुत बड़े लेखक हैं। इन्होंने करीब 500 उपन्यास और 800 कहानियां लिखी है। आपने चार हजार के करीब लेख लिखे हैं। आप क...
पचास साल से ज्यादा हो गए पर मुझे आज भी वह सपना ऐसे याद है मानो कल की ही बात हो।भूल भी कैसे सकता हूँ।उस सपने ने साकार होकर मेरे उज्ज्वल भविष्य के सपने को निगल लिया था।उस सपने की टीस...
घुँघरुओं की छनछनहाट क्यों और कहाँ से उसके कानों में पिघलने लगी थी, वहाँ वह गिरजाघर के प्राँगण में खड़ा था, कॉलेज का नया लेक्चरर अपने कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ इस गिरजाघर की ज़मी...
पीड़ा इस शब्द से हम सभी का परिचय हैं। क्योंकि जिसमें चेतना है उसे पीड़ा की अनुभूति भी होगी। जैसे हंसना मुस्कुराना हमारे जीवित होने की निशानी है। वैसे ही पीड़ा का अनुभव करना भी...
एक औरत से उसे ऐसी उम्मीद नही थी।वह यह सोचकर आया था कि उसकी नीच और घिनोनी हरकत पर उसके साथी उसे डांटेंगे, जलील करेंगे, भला बुरा कहेंगे। लेकि न जैसा वह सोचकर आया था वैसा नही हुआ था।ब...
एक छोटा-सा शहर, जो खूबसूरत पहाड़ों पर बसा था। वहाँ का मौसम कुछ ऐसा था, जैसे मन को सुकून देने वाली कोई पुरानी धुन — चिड़ियों की चहचहाहट, ठंडी हवा की सरसराहट और आसमान में तैरते बादल।...
मानव सभ्यता के इतिहास में पंचमहल धरती का अपना एक अनूठा गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। पूर्व सताब्दियों के साथ अष्टमी सताब्दी भी नवीन अनुभूति के, कई पन्ने पलटती दिखीं है।महाकवि भवभूत...
एक आलिशान विला, सुबह के 8 बजे, विला के सभी नौकर अपने-अपने कामों में व्यस्त है। वही दूसरी तरफ सीढियों से एक 52 वर्ष के व्यक्ति फोर्मल सूट पहने हुए नीचे डाईनिंग एर...
एक ही व्यक्ति के दो किरदारों को मानना मेरे लिए बड़ा मुश्किल है, यूं कहूँ तो उसके दो किरदार मै मानता ही नही । पहले किरदार मे वह लोगों मे फुट डालने की बात करता है, लोगों मे नफरत फैला...
एक घाटी में पथरीली धारा के किनारे, काले कपड़े पहने एक युवक ने एक काले रंग का भृंग पकड़ रखा था, जिस पर धातु जैसी चमक थी और जो देखने में केकड़े और हरक्यूलिस भृंग के मिश्रण जैसा लग रह...
ये कहानी शुरू होती हैं कंचनापुर से चंद्रिका को उसके भाई नीलेश ने एक गुप्त स्थान पर छुपा रखा है ताकि भावी जादूगरनी को कोई नुक़सान न पहुॅंचा सके। चंद्रिका नादान सी इन सब बातो से अनज...
शहर की कंक्रीट की दीवारों और इंसानी शोर के बीच कुछ ऐसी कहानियाँ जन्म लेती हैं, जो किसी उपन्यास के आखिरी पन्ने तक पहुँचने की ज़िद नहीं करतीं। दिल्ली जैसे शहर में, जहाँ हर कोई किसी न...
गोरा - चिट्टा, गोल - मटोल, आंखों से मुस्कराता सा खड़ा था। पड़ोस की कोठी में काम करने वाली बूढ़ी औरत बोल पड़ी - काला टीका दे दो माथे पर! - अरे नहीं - नहीं! ऊपर से नीचे तक बस वो टी...
कियारा, कियारा कहां हो ? अभी के अभी नीचे आओ। तुम्हें सुनाई नहीं दे रहा है क्या ?उस महल जैसी हवेली के बीच यह आवाज ऐसी गूंज रहे थे कि मानो वह आवाज किसी हवेली में नहीं बल्कि किसी पहाड...
मैं, एक लेखिका, श्रुत कीर्ति अग्रवाल, आज पहली बार आपके साथ अपनी रचनाओं के माध्यम से नहीं, स्वयं अपने-आप को माध्यम बना आपके समक्ष हूँ। अभी तक मुझे लगता था कि अगर मैं अपनी सारी बातें...
परिचय (Introduction)जीवन में परिस्थितियाँ हर पल बदलती रहती हैं। कभी हमें आत्मविश्वास से भरा हुआ दिखना पड़ता है, तो कभी शांत और धैर्यवान रहना पड़ता है। कभी हमें एक लीडर बनकर निर्णय...
आज साकुरा नाम कि एक हाईस्कूल स्टूडेन्ट का फिनरल होता है जहा उसके सारे दोस्त आये होते है लेकिन उसीका एक क्लासमेट हारुकि वहा नहि गया होता वो अपने रूम में उसने किया अपना आखरी मैसेज दे...
वह आवाज़ ठीक वैसी थी मानो किसी चाकू या तलवार को, धारदार बनाने के लिए, किसी पत्थर पर घिसा जा रहा हो। हालाँकि यह आवाज़ बहुत ही धीमे से उभरी थी लेकिन इस सन्नाटे में साफ-साफ सुनी जा सकती...
फैसला (1) शाम की ट्रेन थी बेटे की अभी सत्ररह साल का ही तो है राघव पहली बार अकेले सफर कर रहा है उसे अकेले भेजते हुए मेरा कलेजा कांपा तो बहुत फिर भी खुद को समझा के उसे ट्रेन में...
श्री सुरेश बाबू मिश्रा हिन्दी कथा साहित्य का जाना-पहचाना नाम है। आपकी अनेक रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशित होती रहती हैं। आपका नया कहानी संग्रह ‘कैक्टस के जंगल’ न...
होम थिएटर में ये वाला गाना चल रहा है, और साथ में एक लड़का ये गाना गाते हुए तैयार हो रहा है। तैयार होकर वो नीचे आता है वह पर उसे उसके पापा (राजवीर जी) की आवाज सुनाई देती है। राजव...
सूरज कब का दूर क्षितिज में ढल चुका था।शाम अपनी अंतिम अवस्था मे थी।आसमान से उतर रही अंधेरे की परतों ने धरती को अपने आगोश में समेटना शुरू कर दिया था।प्लेटफॉर्म नम्बर पांच के अंतिम छो...
This story is roaming around the life of gangster. It is not a common story we have seen in movies . It is a truly new concept of representation of gangster. Are you ready for the...
"मम्मी मम्मी!" पवित्रा ने घर में घुसते हुए उत्साह से आवाज़ लगायी। किन्तु उसे घर का वातावरण कुछ बोझिल सा महसूस हुआ। मुकेश हमेशा की तरह टी.वी. पर घटिया और साजिशों से भरे पारिव...
रात के बारह बजने वाले थे। करीबी रिश्तेदारों तथा वर-वधू परिवारों के लोगों को छोड़कर विवाह समारोह में आमंत्रित लगभग सभी लोग खा-पीकर तथा बधाई-शुभकामनाएँ देने का फ़र्ज़ निभाकर जा चुके...
पिछले स्टॉप से बस छूटी तो सर पर चढ़ी धूप ठंडी हो चली थी। खिड़की से अब ठंडी हवा आने लगी थी। दिन भर की गर्मी और उमस ने दिमाग में शार्ट सर्किट किया हुआ था। छुट्टन उर्फ छज्जन लाल कभी म...
नैना ने अपने घर का हर एक कोना याद कर लिया था कि कौन सी चीज कहां पे रखी है। बाहर जाने के समय वो छड़ी का इस्तेमाल करती है। लगभग 11 साल पहले एक एक्सीडेंट में नैना ने अपनी आँखों की र...
अध्याय - एकॐ भूर् भुवः स्वःतत् सवितुर्वरेण्यंभर्गो देवस्य धीमहिधियो यो नः प्रचोदयात्…बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि।महामोह तम पुंज जासु बचन रबिकर निकर।।इन श्लोको के साथ गुर...
अरे, यह तो बिल्कुल बर्फ जैसे लग रहे है," अनामिका ने कहा था। सत्रह साल पहले की बात है जब उसने यह कहा था। हम अभी-अभी प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट्स बने थे और हम हमेशा अपने छोट...
माने हुए व्यापारी किशनचंद भगनानी के बेटे मानस भगनानी की इंगेजमेंट श्वेता रामचंद्रन के साथ होती है। इस इंगेजमेंट की सुर्खियां सही तरह से मीडिया में फैलती उससे पहले ही मानस के स्टड फ...
यासमीन रमजान के दिनों में बिना कुछ खाये पिये यासमीन घर के सारे काम करती , झाड़ू पोछा बर्तन और खाना बनाकर स्कूल जाने के लिए खुद को तैयार करना । एक मध्यमवर्गीय परिवार से होने के बावजू...
अरे बाजू हटो रे सब लोग वरना एक्सिडेंट हो जाएगा फिर कहना मत देख कर नहीं चलाते गाड़ी हाहहा अरे ओ भाई इतनी ठंड इतनी गर्मी वाली बात किसको सुना रहे हो जाओ ना अपने रास्ते पे जहा जाना...
हर्ष एक संपन्न परिवार में पैदा हुआ बहुत ही सुंदर बच्चा था। बचपन से ही जो भी उसे देखता वह ये कहना नहीं भूलता कि कितना सुंदर बच्चा है। घर में, परिवार में, स्कूल में, हर जगह अपनी इस त...
शाम के करीब 8 बजे हैं.. बारिश का सुहाना मौसम है.. हवा चल रही है.. हमेशा की तरह भारी बारिश हो रही है..भूमि की सुगंध इसे और अधिक सुंदर बना रही है..रेलगाड़ी को केरल के पास स्टेशन पर...
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