Srushthi - 1 in Hindi Love Stories by Radha books and stories PDF | सृष्टि - 1

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सृष्टि - 1

वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति से जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भी है जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भाई है वो 12 साल का है उसे ऐसा लगता है कि उसे हमेशा मेरी रक्षा करनी होंगी वरना मैं कैसे रह पाऊँगी इस पापी दुनिया मे। उसे मै कैसे समझाऊ कि मैं 20 साल कि हुँ मुझे उसकी रक्षा कि बिल्कुल जरुरत नहीं है

सुबह कि हल्की हल्की धुप परदे से छीन कर मेरे बिस्तर पर कम्बल कि तरह मुझे ओढ़ सी लेती है। धीमे धीमे से हवा पर्दो से टकराकर उन्हें एक तरफ कर उनके बिच से होकर मेरे चेहरे से टकरा रही है इतनी प्यारभरी सुबह जब आती है तो फिर उठने का मन नहीं करता।

       कुछ पल मे मेरा भाई आदी तेजी से दरवाजा खोल कर मेरी तरफ आता है और कम्बल पर से जोर से गले लगाते हुए कहता है उठ जाओ दीदी, मेरी स्कूल बस निकल गयी है मुझे स्कूल छोड़ने चलो। मेरी इच्छा तो ऐसी हुई कि उठ कर कहा दू - स्कूल बस गयी तो तू भी जाके सो जा। पर उठ कर कहने कि भी इच्छा नहीं हो रही 

मुझे उठता ना देख थोड़ा दूर होकर तेज़ी से कम्बल को खींच कर दूर फेक देता और कहता है -उठ जाओ ना, मै लेट हो जाउंगा।

मेरी उठने कि बिल्कुल इच्छा नहीं हो रही है और आज फिर उसने स्कूल बस मिस कर दी।

आँखों को मसलते हुए उठ कर बैठकर बैठी ही थी कि आदी हाथ पकड़ कर खींचने लगता है जबरन उठना पड़ता है कुछ देर बाद तैयार होकर स्कूटी बाहर निकलकर आदी को लेकर स्कूल छोड़ने चली जाती हुँ,वापिस आते समय रास्ते मे मेरे देव महादेव जी का मंदिर पड़ता है मै बिना सोचे अंदर चली गयी और उनके सामने जाकर खड़ी हो गयी झुक कर सिर झुकाया और वही बैठ गयी। कुछ देर बैठे रहने के बाद उसने कहा - महादेव, वैसे तो आप सबकी सुनते हो पर मेरी बात पर तो कभी गौर ही नहीं करते मुझे तो अपनी जिंदगी मै कोई मकसद हीं नजर नहीं आ रहा रोज उठती हु घर के काम कर काम पर चली जाती हुँ फिर आदी का ख्याल रखकर घर के काम ख़त्म कर सो जाओ, यही रह गया है जीवन मे। बोर हो गयी हुँ मै तो ऐसे। आप ही कुछ कीजिये। इतना कह कर उठ कर जाने लगी तभी वहाँ एक वृद्ध औरत आयी भगवा रंग के कपडे और कोई साज सजा नहीं साधारण सी औरत थी वो वही पास मैं जाकर बैठ गयी वो मुझे ही देखे जा रही थी पहले तो नज़र अंदाज़ किया और फिर उसके पास जाकर कहा - हर हर महादेव उसने भी रिप्लाई करते हुए हर हर महादेव बोला और कहा - बिटिया, तुम्हारी किस्मत नया करवट लेने वाली है तैयार तो हो ना। उनकी बात सुन मै अचारज मै पड़ गयी और कहा आप क्या कह रही है माज़ी। 

तुम्हारा नाम सृष्टि है, सही कहा ना मेने??

हा, 

हा, बिटिया तुम्हारी किस्मत मै कोई बहुत खास आने वाला है जो तुम्हारी किस्मत संवार भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है 

-मांजी, ये क्या बात हुई।

-ऐसी ही बात है।

-अजीब है।

-बिल्कुल अजीब नहीं है।

-लाइफ बिगाड़ दी तो??

-ये तो तुम पर निर्भर करता है।

-ठीक है पर ये बताओ वो मेरे जीवन मे क्या बन कर आएगा भाई, दोस्त, बहन, दुश्मन या कुछ ओर। कही वो मेरा यार बनकर तो नहीं आएगा (चौकते हुए )

-ये तो तुम ही देख लेना।

-अगर वो मुझे पसंद नहीं आया तो धक्के मार कर बाहर कर सकती हुँ??

-ऐसा थोड़ी होता है वो तो आएगा ही।

-मै तो ऐसा ही करुँगी 

-बिटिया, दिमाग़ को थोड़ा शांत करो। 

-ठीक है माँजी, अब मै चलती हुँ।

-ठीक है जाओ।

जाते जाते वो पीछे मूड कर महादेव कि मूर्ति कि तरफ देखकर संदेह के साथ व्यंग के साथ कहती है - कही ये आपने तो नहीं किया है ना, विश्वास तो नहीं होता है क्यूंकि कभी मेरी बात मानी नहीं है। ऐसा कहकर तेज़ी से आगे कि तरफ बढ़ती जाती है

उसके सामने से एक लड़का जिसने ब्लैक पेंट और वाइट शर्ट के साथ मेहंगे झूते पहन रखे थे कलाई तक आती शर्ट मे से बाहर निकलते हाथ कि तरफ देखो तो दूध कि तरह सफ़ेद और चमकदार स्कीन है उसने सिर पर भूरे रंग कि टोपी पहन रखी थी उसमे से साइड मे से गहरे काले बाल दिख रहे थे और टोपी कि वजह से चेहरा नहीं देख रहा था। वो इतना हैंडसम था कि किसी कि नज़र नहीं हट रही थी  जो उसे देखता उसके चेहरे पर अपने आप स्माइल आ रही थी।

वो तेज़ी से मंदिर कि और बढ़ रहा था और इधर सृष्टि अपनी धुन मे मगन बाहर कि तरफ बढ़ रही थी अचानक से दोनों टकरा जाते है  और आपने सामने कुछ दुरी पर खड़े हो जाते है सृष्टि हड़बड़ाहट मे सॉरी बोल कर जैसे ही वापिस घुमने वाली होती उसकी नज़र उसके ऊपर जाती है उसे देखते ही स्तब्ध हो जाती है और आश्चर्य से उसकी और देखकर बोल पड़ती है - ओह, माय गॉड, असंभव। ये लड़का और मेरी किस्मत, ये कैसे हो सकता है। वो लड़का उसके सबसे अलग व्यवहार को देख कर देखता रह जाता है इतने मे सृष्टि बोल बोलती है - रिजेक्टेड, ये तो हो ही नहीं सकता।   ऐसा बोल कर वो वहा से चली जाती है वो लड़का सोचता ही रह जाता है कि इसने अभी किस वजह से और क्यों रिजेक्ट किया है। इस बात को इग्नोर करके अंदर चला जाता है।


                   आगे जारी है.......