हर कोई अपनी मर्ज़ी से आए और चले गए, और हमारी मर्ज़ी उन्हीं में थी, वैसे तो हर किसी की कहानि होती हैं, पर हमारी तो कहानियां हैं. उनमें से एक अधूरी हो कर भी पूरी.

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