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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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Raaz By Aarushi Singh Rajput

Chapter 1

दिल्ली। सुबह के सात बजे।

अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी।

बिस्तर पर चादर में लिपटी अवंतिका शर्मा ने करवट बदली और तकिया अपने कानों पर रख लिया।...

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50 दिन का सन्नाटा By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।)
नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...

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कविताओं का संग्रह By prachi Gurjar

हर इंसान के भीतर कुछ ऐसे शब्द होते हैं जो कभी कहे नहीं जा पाते। समय के साथ वे ख़ामोशियाँ बन जाते हैं, और वही ख़ामोशियाँ कभी-कभी कविताओं का रूप ले लेती हैं।

यह संग्रह मेरे उन्हीं...

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विक्रम आणि वेताळ - जीवन अनेक प्रश्न चिन्हे By Balkrishna Rane

विक्रम आणि वेताळ जीवन- अनेक प्रश्नचिन्हे( रहस्य कथा)    धिर गंभीर पावलं टाकत राजा विक्रमादित्य त्या विशाल वृक्षाच्या दिशेने चालला होता.त्या काळ्या कुट्ट काळोखात आकाशात सतत वीजा चमक...

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ચીથરા By Mansi Desai Shastri

પ્રસ્તાવના: અસ્તિત્વના ઉંબરે...

​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે કોઈ સ્ત્રીના આત્મસન્માનના લીરેલીરા ઉડે છે...

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School અને Friends By Praatikshaa

આ કહાનીની શરૂઆત થાય છે શિવાંશાથી. શિવાંશા આજે ખૂબ જ ખુશ હતી કારણ કે આજે તેના ધોરણ ૧૧ કૉમર્સનો પહેલો દિવસ હતો. આમ તો શિવાંશા ભણવામાં એવરેજ વિદ્યાર્થીની છે, પરંતુ તેને બાળપણથી શાળાથી...

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நிழல் தரும் வசந்தம் By kattupaya s

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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आध्यात्मिक दर्शन By Janshi Saroha

ये पुस्तक मैं,मेरे गुरुदेव प्रभु श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर अनन्तश्रीविभूषित स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज जी के आश...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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Raaz By Aarushi Singh Rajput

Chapter 1

दिल्ली। सुबह के सात बजे।

अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी।

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50 दिन का सन्नाटा By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।)
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कविताओं का संग्रह By prachi Gurjar

हर इंसान के भीतर कुछ ऐसे शब्द होते हैं जो कभी कहे नहीं जा पाते। समय के साथ वे ख़ामोशियाँ बन जाते हैं, और वही ख़ामोशियाँ कभी-कभी कविताओं का रूप ले लेती हैं।

यह संग्रह मेरे उन्हीं...

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विक्रम आणि वेताळ - जीवन अनेक प्रश्न चिन्हे By Balkrishna Rane

विक्रम आणि वेताळ जीवन- अनेक प्रश्नचिन्हे( रहस्य कथा)    धिर गंभीर पावलं टाकत राजा विक्रमादित्य त्या विशाल वृक्षाच्या दिशेने चालला होता.त्या काळ्या कुट्ट काळोखात आकाशात सतत वीजा चमक...

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​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે કોઈ સ્ત્રીના આત્મસન્માનના લીરેલીરા ઉડે છે...

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આ કહાનીની શરૂઆત થાય છે શિવાંશાથી. શિવાંશા આજે ખૂબ જ ખુશ હતી કારણ કે આજે તેના ધોરણ ૧૧ કૉમર્સનો પહેલો દિવસ હતો. આમ તો શિવાંશા ભણવામાં એવરેજ વિદ્યાર્થીની છે, પરંતુ તેને બાળપણથી શાળાથી...

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நிழல் தரும் வசந்தம் By kattupaya s

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
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