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યાદોની ઘડિયાળ સવારના આઠ વાગી ગયા હતાં ઉઠવામાં મોડું થઈ ગયું હતું એટલે જલ્દી...
साउंड इफेक्ट: कालकोठरी का भारी लोहे का दरवाज़ा बंद होने की गूंज। आर्यन की भारी स...
ગુરુચરણે અર્પિત અમર આયુષ્ય એક ભિક્ષુકે ગુરુને એક સિક્કો નહીં, પણ પોતાની બાકીની આ...
भाग 4दीवारों का सच“उसने अपने बच्चे को अभी तक नहीं छोड़ा…”आरव की आँखें उस portrai...
ममतामयी माँ शीर्षक लगते हुए मन में आया मेरी मामतमायी माँ लिखूँ...
सुबह के नौ बजे।शिवपुर जाग चुका था।लेकिन आज शहर में कुछ अलग था।चाय की दुकानों से...
गाँव की वह दोपहर और झुलसा देने वाली गर्म हवाएँ गवाह थीं कि आज एक रिश्ता दम तोड़ च...
પૃથ્વીનાં ગર્ભમાં રહેલ દૈત્ય પુત્રએ દેવી પુત્ર સાથે કટાક્ષો કરી પૃથ્વીનાં ગર્ભમા...
ऋगुवेद सूक्ति-- (१४) की व्याख्या ऋग्वेद के मंत्र “यस्तन्न वेद किमृचा करिष्यति""…...
Hअगस्त्य अपनी घड़ी पर समय देखता है—रात काफ़ी हो चुकी थी, पर उसका दिमाग़ अटका हुआ...
(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।) नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...
भाग 1 शापित हवेली रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे। पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...
शिवपुर। एक ऐसा शहर… जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म। यहाँ लोग नाम से नहीं, गिरोह से पहचाने जाते थे। कानून सिर्फ दीवारों पर टंगे पोस्टरों में जिंदा...
'જય શ્રી કૃષ્ણ' વાંચક મિત્રો! આજ એક ન્યુ ધારાવાહિક નિલક્રિષ્નામાં પ્રવેશ કરવા જઇ રહી છું. વાંચક મિત્રો તમારો સાથ, સહકાર હંમેશા મળતો રહ્યો છે, અને આગળ પણ મળતો રહે! એવી અપેક...
रात के ठीक 12 बज रहे थे। सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी। हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस। किसी ने घड़ी देखते हुए कहा, “आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...
रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी। चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया। वह...
शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....
ધારાવાહિક :- આપણાં મહાનુભાવોલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાનીજય શ્રી કૃષ્ણ મિત્રો.આપ સૌનાં સહકાર અને પ્રેરણાથી હું મારી વધુ એક ધારાવાહિક આપ સૌની સમક્ષ રજુ કરું છું. આજની પેઢીનાં બ...
खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...
૧૯૯૧સમગ્ર ભારતમાં અરાજકતાનો માહોલ હતો. દેશ ભયંકર મંદી ના વિષચક્ર થી પસાર થઈ રહ્યો હતો. આખા વિશ્વમાં ભયંકર મંદી હતી. દેશમાં આંતરિક વિખવાદ અને પડોશી દેશથી પ્રેરિત આતંકવાદી પ્રવૃત્તિ...
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