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  • આનંદનગર : પ્રકરણ ૭૮

    પ્રકરણ ૭૮: વડીલોનો 'હનુમાન અંશ' સિનેમા-સત્સંગ, બાબાના ચમત્કારો અને શરદ પ...

  • இரவை சுடும் வெளிச்சம் - 22

    இரவு 22 அடி பட்டிருந்த ரவியை ஹாஸ்பிடலில் போய் பார்த்தான் ராம். அவன் தான் தப்பு ச...

  • CRAVE - Part - 12

    दृश्य वहीं से शुरू होता है...युई धीरे से अपना फोन नीचे रख देती है।उसकी आँखों से...

  • Mafia’s possession chapter 9

    अब तकआखिर तुम मान ही गई, आ गई अपनी औकात पर, तुम जैसी बाजारू लड़कियां अपना असली र...

  • तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 19

    सुबह Aashi ने अपनी कहानी की फाइल एक बार फिर खोली। रात को लिखे गए आखिरी वाक्य को...

  • Perfectly Imperfect - Part 1

    Part 1मैं निशा हूँ, और मुझे लिखते हुए खुशी और उदासी दोनों हैं, तो फिर चलते हैं म...

  • THE MORNING HE REMEMBERED - 1

    THE MORNING HE REMEMBEREDChapter One — The MorningThe alarm rang at exactly 6:15...

  • गोपाल तापनी उपनिषद

    गोपाल तापनी उपनिषद (गोपालतापनी उपनिषद्) --यह एक अपेक्षाकृत छोटा उपनिषद है, जो भग...

  • ઓપરેશન સાયબર મંથન : પ્રકરણ ૧૬

    પ્રકરણ ૧૬: આઇટી સિટીમાં સેન્ટ્રલ ટાવર પર આખરી જંગસ્ટીમ યાર્ડની છત પર આર્યન અરોરા...

  • जिनीयस - 3

    मैं जहाँ से आती हूँ, वह एक बहुत छोटा-सा गाँव था।इतना छोटा कि खेती के अलावा गुज़ा...

पुस्तकें By DrPranava Bharti

ज़िंदगी की उलझनों के दिन-रात, शामें बँट जाती हैं शब्दों में, चुप्पी साधी नहीं जा सकती यदि कोई संवेदनशील हो --कसमसाते हुए दिनों की आहट उसे परेशान करती ही तो रहती है जब तक भावों का पु...

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सच सामने आना अभी बाकी है By Kishanlal Sharma

ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 में इंग्लैंड में हुई थी।यह कम्पनी भारत मे व्यापार करना चाहती थी।इस कम्पनी को भारत के साथ व्यापार करने की 21 वर्ष के लिए छूट महारानी ने...

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मैं कौन हूँ ? By Disha Jain

केवल जीवन जी लेना ही जीवन नहीं है। जीवन जीने का कोई ध्येय, कोई लक्ष्य भी तो होगा। जीवन में कोई ऊँचा लक्ष्य प्राप्त करने का ध्येय होना चाहिए। जीवन का असली लक्ष्य ‘मैं कौन हूँ’, इस स...

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पाप-पुण्य By Disha Jain

पाप या पुण्य, जीवन में किये गए किसी भी कार्य का फल माना जाता है।

इस पुस्तक में दादाश्री हमें बहुत ही गहराई से इन दोनों का मतलब समझाते हुए यह बताते है कि, कोई भी काम जिससे दूसरों...

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मेरे अजनबी हमसफ़र By DINESH KUMAR KEER

पूरा पढ़ना न भूलें :- यह एक काल्पनिक कहानी है इसका वास्तविक जीवन से कोई वास्ता नहीं।

वह ट्रेन के आरक्षण की बोगी में बाथरूम के तरफ वाली सीट पर बैठी थी...
उसके चेहरे के भाव से पता...

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सर्व दुखों से मुक्ति By Disha Jain

सांसारिक दु:ख किसे नहीं है? हर कोई उससे छूटना चाहता है। लेकिन वह छूट नहीं पाता। उससे छूटने का मार्ग क्या है? ज्ञानी पुरूष के मिलते ही सर्व दु:खों से मुक्तिमिलती है। औरों को जो दु:ख...

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मानव धर्म By Disha Jain

जून 1958 की एक संध्या का करीब छः बजे का समय, भीड़ से भरा सूरत शहर का रेल्वे स्टेशन, प्लेटफार्म नं. 3 की बेंच पर बैठे श्री अंबालाल मूलजीभाई पटेल रूपी देहमंदिर में कुदरती रूप से, अक्र...

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बालम हो परदेश में तो By Kishanlal Sharma

रमेश का तबादला पुणे से मुम्बई हो गया। कुछ कारणों से वह पत्नी और बच्चों को अपने साथ नही ले जा सका।और उसे अकेले ही अपनी नई पोस्टिंग पर जाना पड़ा।
रमेश मुम्बई में पेइंग गेस्ट के रूप म...

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सीरियल क्या संस्कार दे रहे हैं By Kishanlal Sharma

सावित्री,सीता,गांधारी न जाने कितनी स्त्रियी के पतिव्रता धर्म,प्रेम,त्याग और बलिदान से हमारे पौराणिक ग्रन्थ भरे पड़े है।
हमारे देश मे मान्यता है कि मर्द औरत का रिश्ता जन्म से पहले ह...

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स्वप्न--भुलाए नही भूलता By Kishanlal Sharma

पचास साल से ज्यादा हो गए पर मुझे आज भी वह सपना ऐसे याद है मानो कल की ही बात हो।भूल भी कैसे सकता हूँ।उस सपने ने साकार होकर मेरे उज्ज्वल भविष्य के सपने को निगल लिया था।उस सपने की टीस...

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सर्व दुखों से मुक्ति By Disha Jain

सांसारिक दु:ख किसे नहीं है? हर कोई उससे छूटना चाहता है। लेकिन वह छूट नहीं पाता। उससे छूटने का मार्ग क्या है? ज्ञानी पुरूष के मिलते ही सर्व दु:खों से मुक्तिमिलती है। औरों को जो दु:ख...

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जून 1958 की एक संध्या का करीब छः बजे का समय, भीड़ से भरा सूरत शहर का रेल्वे स्टेशन, प्लेटफार्म नं. 3 की बेंच पर बैठे श्री अंबालाल मूलजीभाई पटेल रूपी देहमंदिर में कुदरती रूप से, अक्र...

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सावित्री,सीता,गांधारी न जाने कितनी स्त्रियी के पतिव्रता धर्म,प्रेम,त्याग और बलिदान से हमारे पौराणिक ग्रन्थ भरे पड़े है।
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पचास साल से ज्यादा हो गए पर मुझे आज भी वह सपना ऐसे याद है मानो कल की ही बात हो।भूल भी कैसे सकता हूँ।उस सपने ने साकार होकर मेरे उज्ज्वल भविष्य के सपने को निगल लिया था।उस सपने की टीस...

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