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    પ્રસ્તાવના: પાનેતર - હેત, હૈયું અને હાલારની અસ્મિતા​સૌરાષ્ટ્રની ધરતી એટલે શૌર્ય,...

  • गुमनाम - एपिसोड 2

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  • ऊपरवाले की अदालत

    ऊपरवाले की अदालत   एक छोटे से गाँव में रहता था एक धनी सेठ रामेश्वर। वह गाँव का स...

  • रामेसर की दादी (अंतिम भाग)

    बीसों साल बीत गए, सब कुछ कितना बदल गया। लेकिन आज वह मन बना कर उठा कि इस बार गांव...

  • તક્ષશિલા - સિટી ઓફ નૉલેજ - 21

    તક્ષશિલાના પશ્ચિમ દ્વાર પર છવાયેલો સન્નાટો અચાનક ચીરુકા જેવો ફાટ્યો. મગધના સેનાપ...

  • અધૂરી મુલાકાત

              પ્રકરણ ૧: લાઈબ્રેરીનો એ શાંત ખૂણોઅમદાવાદની સેન્ટ્રલ લાઈબ્રેરીમાં બહાર...

  • The RajaSaab - Full Story

    Prabhas की सबसे रहस्यमयी हॉरर-कॉमेडी फिल्मक्या आपने कभी सोचा है…अगर कोई बूढ़ी और...

  • दो राज्यों का अमर प्रेम - 1

    अध्याय -- 1दो राज्यों की दुश्मनी, दो दिलों की अनजानी नियतिइतिहास में कुछ युद्ध ऐ...

  • ಅಧ್ಯಾಯ 6: ಕೃಷ್ಣ Vs ಕಾಳಿಂಗ

    ಕೃಷ್ಣನ ಬಾಲ್ಯದ ನೆನಪುಗಳು, ಮುಂಜಾನೆ 4:00 AMಕೃಷ್ಣನು ನಿದ್ದೆಯಿಲ್ಲದೆ, ತನ್ನ ಕಛೇರಿಯಲ್ಲಿ ಕಾ...

अमृतवेल : समीक्षा लेखन By AVINASH DHALE

अमृतवेल
वि. स. खांडेकर
समीक्षालेखन : अविनाश शांताबाई भिमराव ढळे
(एक अश्वस्थामा)
copyright ©® : avinash.b.dhale11@gmail.com

भाग -२
मानवी नात्यांचा अंतर्मुख अवकाश मराठी साहित्या...

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My Shayari Book By Roshan baiplawat

दर्द इमोशनल शायरी और गजल

ना फूलों की दुकान होती
ना इश्क होता
तेरी चाहत में यार मैं यूं ना बर्बाद होता
दिया था वह फूल भी किताब में सूख गया
तेरी याद आई तो तुझे गजलों में लिख...

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इतिहास से छेड़छाड़. By Mini Kumari

निषेधमात्रवाद क्या है?
“निषेधमात्रवाद का मतलब है—मानवता के खिलाफ ऐतिहासिक अपराधों को नकारना। यह ज्ञात तथ्यों की पुनर्व्याख्या नहीं है, बल्कि ज्ञात तथ्यों को पूरी तरह से नकारना है।...

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ડાયમંડ્સ By Tr. Mrs. Snehal Jani

શું થયું? ચોંકી ગયા નામ વાંચીને? તમને શું લાગ્યું કે આ મેથ્સ ટીચર સ્નેહલ ક્યાં હવે ડાયમંડ્સ પાછળ મહેનત કરે છે? પણ તમે ધારો છો એવું નથી. સાચુ કહું તો મને હીરો સાચો છે કે ખોટો એ ય પા...

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हनुमान शतक- समीक्षा एवं पद्य By Ram Bharose Mishra

हनुमान शतक सवैया कविता और दोहों में रचा गया 100 छंदों का ग्रंथ है। जो महा कवि करुणेश "द्वारका" द्वारा सम्वत 2012 के वैशाख माह की तृतीया तिथि रविवार को रचे गए छंदों का संकलन...

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हनुमत पचासा - परिचय व समीक्षा By Ram Bharose Mishra

'हनुमत पचासा' मान कवि कृत 50 कवित्त का संग्रह है। जो लगभग 256 वर्ष ( 256 वर्ष इसलिए क्योकि यह संस्करण अप्रैल 71 में छपा था तब उन्होंने उसे 200 वर्ष पूर्व कहा था तो 71 से...

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हरिसिंह हरीश की कुछ और रचनाएं व समीक्षा By राज बोहरे

दर्द की सीढ़ियां (ग़ज़ल संग्रह)

हरि सिंह हरीश अपनी युवावस्था के समय से ही लिखने के प्रति बड़े समर्पित रहे हैं। वह कहते थे कि जब वह छठवें क्लास में पढ़ रहे थे तो होमवर्क की कॉपिय...

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हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा By राज बोहरे

मेरा खत न मिलने पर 1

हरिसिंह 'हरीश' :

परिचय

: 1 अगस्त, 1935 (दतिया म.प्र.)

शिक्षा

: एम.ए. (हिन्दी) तक ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय से ।

मानद

: विद्या...

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पुस्तक समीक्षा By Yashvant Kothari

पागल खाना पर पाठकीय प्रतिक्रिया याने समय का एक नपुंसक विद्रोह यशवंत कोठारी राजकमल ने ज्ञान चतुर्वेदी का पागलखाना छापा है.२७१ पन्नों का ५९५रु. का उपन्या...

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पुस्तक महोत्सव मराठी By Mahendra Sharma

रॉबर्ट टी. कियोसाकी यांनी रिच डॅड पुअर डॅड रॉबर्ट टी. कियोसाकी यांनी लिहिलेले 'रिच डॅड पुअर डॅड' हे वैयक्तिक वित्तविषयक अभिजात पुस्तक आहे, जे लेखकाच्या जीवनातील दोन वडिला...

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अमृतवेल : समीक्षा लेखन By AVINASH DHALE

अमृतवेल
वि. स. खांडेकर
समीक्षालेखन : अविनाश शांताबाई भिमराव ढळे
(एक अश्वस्थामा)
copyright ©® : avinash.b.dhale11@gmail.com

भाग -२
मानवी नात्यांचा अंतर्मुख अवकाश मराठी साहित्या...

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ना फूलों की दुकान होती
ना इश्क होता
तेरी चाहत में यार मैं यूं ना बर्बाद होता
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“निषेधमात्रवाद का मतलब है—मानवता के खिलाफ ऐतिहासिक अपराधों को नकारना। यह ज्ञात तथ्यों की पुनर्व्याख्या नहीं है, बल्कि ज्ञात तथ्यों को पूरी तरह से नकारना है।...

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मानद

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