The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
(रात का सन्नाटा... हवाओं में ठंडक है।आसमान काला, बिजली की चमक रह-रहकर चारों ओर फ...
पंडित जी ने एक पल का विराम लिया, हवा अचानक और ठंडी हो गई। उन्होंने गरजते हुए कहा...
डर – आचार्य प्रशांत समीक्षा: समझें, और बढ़ें निडरता की ओर..आचार्य प्रशांत की प...
शहद की गुड़िया - प्रकरण 79 " हर...
स्टेशन पर उस दिन बहुत भीड़ थी।लोग अपने-अपने सामान के साथ भाग रहे थे। किसी को ट्र...
The Quiet Strength of Respect“True character is revealed not by how a person tre...
ભાગ – ૩ : "તારી પાછળ પાછળ"આ ભાગ–૨ ની આગળની વાર્તા છે.કરન સાથેની મુલાકાત પછી આનિય...
वह आखिरी सुबहनीलगढ़ की सुबह कभी रोशनी के साथ नहीं आती थी। यहाँ सवेरा किसी पुराने...
मेरी एक राजकुमारी जैसी आलीशान और बेफिक्र जिंदगी, महज़ एक ही पल में एक अदने से भि...
પ્રેમ જ્યારે આત્માને સ્પર્શે છેસાંજના સૂર્યના છેલ્લાં કિરણો આકાશને કેસરી રંગથી ર...
यह कहानी 4 दोस्तो से शुरू होती हैं जो पक्के खास जिगरी दोस्त थे जो हमेशा साथ रहते थे , साथ खाते ,साथ पीते, साथ घुमते फिरते थे । उनमें में अजय नाम का लड़का का *मिडल क्लास *फैमिली से...
रोमा अपनें भाई के साथ पकरम पकड़ी खेल रही थी। उसके पास में ही एक कुंआ था। जिसके अंदर वो गिर जाती है, फिर रोमा के भाई को जैसे कुछ हो गया हो वो रोमा के गिरते ही उसे समझ नहीं आता है वो...
અંધારી રાત હતી રાજુભાઈ નામના એક વ્યક્તિ પોતાની દુકાન બંધ કરી પોતાના ઘર તરફ નીકળ્યા હજુ તો બસ ઘરે જતા જ હતા ત્યાં તેને જોયું તો સડક પર એક ગુણ હતી તે ગુણની અંદરથી લોહી વહી રહ્યા હતા...
रात का वक्त है। आसमान में कुछ कुछ तारे टिमटिमाते हुए नज़र आ रहे हैं जो काले आसमान में जल रहे दिए जैसे लग रहे हैं। रात हो चुकी है। चारों और से काले और डरावने भयानक जंगलों से घिरा हु...
रात के आंधेरे में, एक घने जंगल के बीच एक अकेला राहगीर चल रहा था। उसका नाम विक्रम था। वह जंगल के इस क्षेत्र को अच्छे से नहीं जानता था, लेकिन उसने सोचा कि एक छोटी सी राह में एक लम्बी...
मॉम... मॉम... मैं जा रही हूं। मेरे सभी दोस्त मेरा इंतजार कर रहे होंगे। मीनू ने अपने बैग में अपना सामान रखते हुए तनुजा से कहा। अरे बेटा पर ये नाश्ता तो करते जाओ। पता नहीं तुम लोग...
डलहौज़ी,रात 10 बजे जनवरी की अंधेरी रात थी। रात के आठ बजे थे। बाहर काफी तेज बारिश हो रही थी। ठंड का मौसम अपने ज़ोर पर था। ऊपर से पहाड़ी इलाका, डलहौज़ी। तूफान ऐसा था मानो कभी खत्म ही...
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम वैभव भारद्वाज है। दोस्तों आज मैं आपको अपने एक उपचार की कहानी के बारे में बताउगा जिसे पढ़कर आपको हंसी भी आएगी लेकिन आपको ज्ञान भी मिलेगा। ये बात उस समय की है...
रात का अंधेरा धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा था । आकाश में घने बादल छाए हुए थे । हवा तेज थी और अपने साथ पतझड़ में गिरे हुए पत्तों को उड़ाती एक विचित्र प्रकार की भयावनी ध्वनि उत्पन्न कर...
मुंबई रेल्वेस्टेशन ! मध्यरात्रीची वेळ.. 3:30 am... मुंबई रेल्वेस्टेशनवर प्लेटफॉर्म नंबर एकवर ती लांबसडक डब्ब्यांची ट्रेन थांबली होती. त्याच ट्रेनच्या एका डब्ब्यातून एक पंच...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser