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एपिसोड 3 (द ग्रीन हेल - हरा नर्क)सुबह का वक्त, अमेज़न के घने जंगल के बीचो बीच, व...
स्नोसिटी :रात का वक़्त : धरुविका जैसे ही पीछे हटी उसका हाथ सामने रखी किसी चीज़ स...
અમીનાં છાંટણાં કરવાથી નિલ ભૂમિનું ઝેર દૂર થશે. પરંતુ, એ ઝેરનો સદાકાળ માટે નાશ કે...
Part 2कॉलेज का गेट पार करते ही अंश को हमेशा वाली खुशी महसूस हुई। दिल्ली का ये प्...
70 થી પણ વધુ વય વટાવી ગયેલા આઘેડ શામજીભાઈએ આંખો બંધ કરી, જાણે એ 1852ની એ કાળી રા...
ನಿನ್ನ ಕಣ್ಣುಗಳನ್ನು ಮುಚ್ಚು, ಬೇಡ, ಕಣ್ಣು ತೆರೆದೇ ಇರು. ಆದರೆ ನಿನ್ನ ಎದುರಿರುವ ಪರದೆಯ ಮೇಲೆ...
१. डोंगरावरील थरार पॅटागोनियाच्या जंगलावर रात्रीचा काळाकुट्ट अंधार दाटून आला होत...
हमारे सभ्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपनी आजिविका कमाने के...
घर के अंदर हल्की-सी खामोशी थी…बाहर हवा पेड़ों से टकरा रही थी, और अंदर दो लोग एक...
रात के ठीक 11:57 बजे थे।मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था।अनिकेत अपनी कार पार्क कर...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर। लॉकर रूम और कॉरिडोर बच्चों की भीड़ से भरा हुआ है। तभी एक तरफ से लारा और सोफिया अपने सादे कपड़ों में, किताबों का ढेर थ...
एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था। चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… उस सन्नाटे को चीर रही थी। घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची...
'જય શ્રી કૃષ્ણ' વાંચક મિત્રો,આજ એક ન્યુ ધારાવાહિક નિલક્રિષ્નામાં પ્રવેશ કરવા જઇ રહી છું.વાંચક મિત્રો અહીં સુધી પહોંચવા માટે તમારો સાથ,સહકાર મને હંમેશા મળતો રહ્યો છે.અને આગ...
"Hii..." अंश के फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चमक उठा। सुबह की हल्की-सी रोशनी कमरे में फैली हुई थी। अंश ने आँखें मलते हुए फोन उठाया और मैसेज पढ़ते ही उसके होंठों पर अनचाही...
ઈતિહાસ જ્યાં પથ્થરો બનીને થીજી જાય છે, ત્યાં રહસ્યો આપોઆપ જન્મે છે. શાંતિવન ચોકમાં આવેલો ‘વિરાજ પેલેસ’ એવો જ એક ભયાનક અને અજીબોગરીબ મહેલ છે. આસપાસના વિસ્તારમાં એની સ્તબ્ધતા જ એનો ખ...
१. बंकरमधील शेवटची रात्र एप्रिल १९४५ चा शेवटचा आठवडा बर्लिनसाठी यमराजाचा पाश बनून आला होता. जमिनीच्या वर, लाल सैन्याच्या (Soviet Red Army) तोफांचे आवाज थेट काळजाचा थरकाप उडवत होते...
रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों। एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाह...
अध्याय 1: वीरान हवेली की पहली आहट पहाड़ों के बीच बसी वह जगह जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही डरावनी भी। दूर-दूर तक फैली घनी चीड़ की जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली खड़ी थी—नीलगिरी हवेली। द...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
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