Bitiya thodi badi ho gayi he (April-2019) by महेश रौतेला in Hindi Poems PDF

बिटिया थोड़ी बड़ी हो गयी है (अप्रैल २०१९)

by महेश रौतेला in Hindi Poems

बिटिया थोड़ी बड़ी हो गयी है(अप्रैल २०१९)१.थोड़ा बड़ा कर दो राजनीतिकि ठंडी ,बेहद ठंडी रातों मेंकिसान उसे ताप सकें।जवान उसे जी सकेंबेरोजगार उसे पा सकें,शिक्षा उसे माप सके।ओ राजनीति चक्रव्यूह न बनगीत का संगीत बन,राह की कीचड़ न बन।कहीं ...Read More