Abhishpt jindagi by Rajesh Bhatnagar in Hindi Love Stories PDF

अभिषप्त ज़िन्दगी

by Rajesh Bhatnagar Verified icon in Hindi Love Stories

ठण्डी बर्फीली हवा जैसे ही बदन को छूती सारे शरीर में कंपकंपी-सी दौड़ जाती । मगर उससे भी ज़्यादा चन्दा बाई के अब तक ना आने से ज़ोरा का दिल कांप रहा था । सुबह दस बजे की निकली ...Read More