Kavya samiksha - Path ki pehchan by SUNIL ANJARIA in Gujarati Book Reviews PDF

काव्य समीक्षा - पथ की पहचान

by SUNIL ANJARIA Matrubharti Verified in Gujarati Book Reviews

पथ की पहचानपूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर लेपुस्तकों में है नहीं छापी गई इसकी कहानी,हाल इसका ज्ञात होता है न औरों की ज़बानी,अनगिनत राही गए इस राह से, उनका पता क्या,पर गए कुछ लोग इस पर ...Read More