Swapn ho gaye Bachpan ke din bhi - 5 by Anandvardhan Ojha in Hindi Children Stories PDF

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी... (5)

by Anandvardhan Ojha Matrubharti Verified in Hindi Children Stories

स्वप्न हो गये बचपन के दिन भी (5)सच्ची सम्मति की पीड़ा...भारत-चीन युद्ध के बाद, १९६३-६४ की बात है। दरवाज़े की घंटी बज उठी। गाँधी-गंजी और खादी का हाफ-पैंटनुमा जाँघिया पहने पिताजी उठ खड़े हुए। उनका कहना था, 'घर के ...Read More