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एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग र...
प्रताप ने कुछ देर रूक कर कुछ गहरा सोचा और आगे बढ़ गया, धड़कन सामान्य हो चली थी औ...
"गुप्त ख़ज़ाना" तीन नटखट दोस्तों—शिव, दिनेश और शैलेंद्र की एक मजेदार कहा...
दोस्त का पत्र:जब पहली बार नैनीताल पहुँचा तो तब नैनी झील प्रसन्न थी,लबालब भरी। भी...
भाग 1 – "अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अ...
भाग 1: सपनों का शहर और मासूमियतदिल्ली का सुबह का मौसम हमेशा से एक अजीब सी हकीक...
: प्रकरण 1 : उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पां...
"अनकहा सच____""किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लप...
सच लिखना क्या जुर्म है?आज से कुछ दिन पहले, करीब 29 सितंबर 2026 को मैंने अपने कॉ...
---*26 सितंबर*एक गुजराती लड़की, रितु पटेल। SR अकाउंटेंट, सीधी, समझदार, पर दिल से...
हा भई हा....... सही पढ़ा आपने सुसाइड पार्टनर। आप सोच रहे होंगे की यार लाइफ पार्टनर होता है, डांस पार्टनर भी होता है, और तो और अगर कोई दो व्यक्ति साथ में एक ही बिजनेस कर रहे ह...
भाग- 1 विद्या सदन आज फूलों व सजा था और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा था।। द्वार पर सजा वंदनवार व घर के अंदर बाहर लगा सुंदर सा शामियाना विद्या सदन में हर आने वाले मेहमान का स्वागत क...
वो एकटक बगीचे के फूलों को निहार रही थी रंग रूप पर उसने कभी खुद से ध्यान ही नहीं दिया था क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा से यही सुना था की बच्चे इंसान का मन साफ होना चाहिए रंग और खुबसू...
दरवाजे बहुत होते हैं, कुछ सहजता के साथ खुल जाने वाले और कुछ दरवाजे बहुत खटखटाने के बाद खुलने वाले। उतना अर्थ दरवाजे का नहीं होता जितना अर्थ चौखट का होता है। चौखट लांघ कर भीतर आना औ...
दोस्तों इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती हैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकल कर IIT रुड़की उत्तराखंड देवभूमि में पढ़ने गए एक साधारण लड़के से, जिसे नैनीताल से आई ठंडी हवा के झो...
शाम तक पूरा घर चमाचम हो जाना चाहिए नीतू! अवंतिका ने फिर से दोहराया। नीली सलवार, पीला कुर्ता, गुलाबी स्वेटर के साथ लाल दुपट्टा कंधे से ओढ़ कर कमर तक लपेटे, नीतू ठुमकती सी दरवाजे के...
उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...
आज मैं एक ऐसी कहानी लिख रही हूं, जो एक अनाथ छोटी बच्ची के जीवन से जुड़ी है, जो रहती तो एक बड़े ही अमीर पढ़े लिखे परिवार में है। पर सबके होते हुए भी उसका कोई नही होता। उस कहानी के क...
मां _मां_ ओ __मां !! देखो मेरा रिजल्ट पुरे 95 पर्सेंट मिले से मुझे। मां मैं बहुत खुश हूं आज कहते हुए झुमने लगी पुर्णिमा । उसकी बातों में खनक और आंखों मे चमक थी। आज वो स...
हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...
एक समय दक्षिण दिशा में एक वृद्ध बाघ स्नान करके कुशों को हाथ में लिए हुए कह रहा था-- हे हो मार्ग के चलने वाले पथिकों ! मेरे हाथ में रखे हुए इस सुवर्ण के कड्कण (कड़ा) को ले लो, इसे सु...
कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो? - ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो? - मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज सुबह ही तुम्हें फ़ोन करने वाली...
दिल्ली की ठंडी जनवरी की रात में, नैना कपूर का पेंटहाउस सुर्खियों में था। पुलिस की गाड़ियां, मीडिया और बहुत सारे लोगों की भीड़ उस आलीशान इमारत के बाहर खड़ी थीं। अभिनेत्री नैना कपूर,...
भाग 1/16: हैप्पी बर्थ डे वन्स अगेन..... “बड़े-बाबू.....ओ बड़े-बाबू.....दरवाज़ा खोलिए, कब से घंटी बजा रहे हैं”, मंदार दरवाज़ा पीटते हुए बोला|थोड़ी देर में दरवाज़ा खुला और दिवाकर झांकते हु...
नविता की कलम से... ✍️ ?Navita ? ✍️? Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy friends- Garry ,Sonam & me ..Thanks to - Wr.Messi ?? Also Dedicated to...
यह कहानी है खुद को रब दी बेटी मानने वाली समरीत की जो दिखने में कुवारी सलोनी और दिल से दरियादिल है। प्यार से भरी समरीत खुद अपने असली प्यार से दूर है?? कौन है उसका असली प्यार?? कोई...
‘‘वाह! बहनजी, बहुत ही खूबसूरत कढ़ाई की है इन चुन्नियों पर। अब ये सारी चुन्नियाँ सीधी फिल्मों के सेट पर जाएँगी। इन चुन्नियों को फिल्मों की हिरोइनें अपनी फिल्मों में ओढ़ेंगी।’’...
होटल के कमरे में, आशी एक खूबसूरत लड़के के साथ इंटिमेंट हो जाती है और उस लड़के से अपने प्यार का इज़हार करती है। आशी खुश थी कि तलाक के बाद आखिरकार उसे एक ऐसा शख्स मिल गया जो उसे प्या...
सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...
यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं। हर कहानी हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी एक सच्चाई को सामने लाती है - रिश्तो...
घर में उत्सव जैसा माहौल था सभी के चेहरों पर उत्साह झलक रहा था बड़की चाची. रामपुर वाली चाची, पचरूखिया वाली चाची, सभी दोगहा में जा कर द्वार पर बैठे युवक को झाँक-झाँक देख कर निहाल...
उत्तर भारत के एक छोटे से गांव में एक अजीब सी खामोशी थी, जिसमें किसी प्रकार के बदलाव की कोई संभावना दिखाई नहीं देती थी। यह गांव अपनी पारंपरिक संस्कृति और मान्यताओं के कारण जाना जाता...
ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 में इंग्लैंड में हुई थी।यह कम्पनी भारत मे व्यापार करना चाहती थी।इस कम्पनी को भारत के साथ व्यापार करने की 21 वर्ष के लिए छूट महारानी ने...
‘उफ, क्या कहानी है’ – उमा जी ने उस पेज का कोना मोड़कर किताब बंद की और अपना चश्मा पास की मेज पर रखकर तकिये पर सिर रखते हुए अपने दोनों पैर पलंग पर पूरे फैला लिये। वे कुछ देर तक वैसे ह...
शनिवार का दिन था। कॉलेज की छुट्टी थी। सुबह के दस ही बजे थे, लेकिन सूर्य-नारायण अपने पूर्ण यौवन की ऊर्जा उत्सर्जित कर रहे थे। पृथ्वी-लोक के प्राणियों का गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा था...
अमर प्रेम प्रेम और विरह का स्वरुप (1) प्रेम और विरह का स्वरुपप्रेम ----एक दिव्य अनुभूति --------कोई प्रगट स्वरुप नही,कोई आकार नही मगर फिर भी सर्व्यापक ।प्रेम के बिना न संसार है न भ...
जब उसका दर्द मुझसे न देखा गया तो मैं उठकर चला गया उसके बेड के पास, जो न्यूरो सर्जरी वार्ड का बेड नंबर चार था। जिस पर वह छः फिट से भी ज़्यादा लंबा और मज़बूत ज़िस्म का जवान सुबह ही भर्...
सर्दियों के मौसम की एक बेहद ठंडी रात।रात केे बारह बज चुके थे। बरखा के सास श्वसुर और ननद कब के अपने अपने कमरों में सो चुके थे।बरखा भी इस समय तक रोज़ सो जाती थी।लेकिन आज उसकी आँख...
फिर कौन था वो? शिल्पा शर्मा (1) ‘‘याद है न तुम्हें, हमारी शादी को छह महीने हो गए हैं आज,’’ थके-हारे ऑफ़िस से लौटे पति को चाय थमाते हुए मीता ने बड़े उत्साह से कहा. ‘‘हम्म...’’ बड़ा...
एक लड़की आलथी - पालथी मारकर , टी - शर्ट और हैरम पहने , अपनी स्टडी डेस्क की चेयर पर बैठी , बेचैनी से अपने लैपटॉप की स्क्रीन को ताक रही थी । दूध से सफेद गोरे गाल , काली और बड़ी - बड़...
दरिया, परिंदे और वो अजनबी अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...
आज काव्या का पहला इंटरव्यू था । जिंदगी के पहले सपने की दस्तक । “काव्या, चलो,” उसके चचेरे भाई ने पुकारा। वह उसी स्कूल में शिक्षक था। उसके पीछे-पीछे, बिना कुछ बोले, काव्या उस अजन...
मनोरमा.... मनोरमा! कहां हो भाई! धर्मवीर ने अपनी पत्नी को पुकारते हुए कहा।। अभी आती हूं जी! जरा सी सांस तो ले लिया करो,बस पुकारते ही जा रहे हो और तुम ऐसे बेवक्त़ कैसे आ धमके,मनोरमा...
जिंदगी राजनीति प्रेरित है और यह राजनीति सत्ता की राजनीति है, जो चारों तरफ व्याप्त है | परिवार हो या पास-पड़ोस | राज्य हो या समाज | प्रदेश हो या देश | गाँव हो या कस्बा| स्त्री हो या...
लघुकथाएँ "तुमसे सलाह लेना ही मुर्खता है. पगला कहीं के...."कहते हुए रवि पुन: रोने लगा. मिलने का समय समाप्त हो गया था. प्रहरी उसे अंदर ले गया. भोला लौट गया,उसे अपने मित्र की...
राकेश और गौरव गहन सदमे की स्थिति में थे उन्हें विश्वास नही हो रहा था कि उनका मित्र आनंद अब इस दुनिया में नही हैं। राकेश ने गौरव से कहा कि मानव जीवन बहुमूल्य होता है क्योंकि यही हमा...
"क्या मैं जान सकता हूं आपको पोलिटीशियन से क्या परेशानी है? आपको उनसे दिक्कत क्या है?" एमएलए जितेंद्र ठाकुर ने नैना से पुछा। "पोलिटीशियन झुठ बहुत बोलते है?" नैना ने...
ट्रेनों की गड़गड़ाहट के बीच, स्टेशन के पिछले हिस्से की तरफ रेलवे ट्रैक पर बैठी सपना की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे. उधर से निकलने वाले लोग बार-बार उसे रेलवे ट्रैक से हटने की बात कह...
बडा़ सा बंगला , पेड़ पौधो से घिरा हुआ ।एक बडा़ सा गेट जहा से एक लड़का , जिसकी उम्र पंद्रा से सोलह साल, होंगी । वो बेसूद सा होकर अंदर आया और बगंले के अंदर गया ।उसने चारो तरफ अपनी नज...
स्थान: उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों के बीच छुपा एक अजीबोगरीब घाटी — “त्रि-गह्वर” काल: कलियुग का वह समय जब धर्म का संतुलन डगमगाने लगा था… हिमालय की गोद में एक घाटी थी, जो न त...
हिलमिल मुहल्ले को लोग अजायब घर कहते हैं। इसलिए कि यहाँ जितने घर हैं, उतनी तरह के लोग हैं। अलग पहनावे, अलग खान-पान, अलग संस्कार, अलग बोली-बानी और अलग धर्म-वर्ण के। सचमुच, यह मुहल्ला...
अमृता इमरोज, प्यार के दो नाम, जिनके बारे में तब जाना ,जब मेरी उम्र सपने बुनने की शुरू हुई थी, और प्यार का वह हल्का एहसास क्या है अभी जाना नहीं था। बहुत याद नहीं आता कि कब किताबें प...
"हे भगवान!इस कोच में और भी कोई यात्री आएगा,या मुंबई से अमृतसर का लंबा सफर मुझे अकेले ही तय करना होगा।"....खुशी मन ही मन बुदबुदा रही थी। गाड़ी के चलने का समय हो गया था।खु...
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी। हर कोई अपनी मंज़िल की तरफ भाग रहा था। गाड़ियों की आवाज़ें, चायवालों की पुकार, और बैग घसीटते हुए लोग — मानो हर चेहरा किसी कहानी का हिस्सा हो।...
वंदना एक बहुत ही कुशल प्रेरक वक्ता थी। वह अपने प्रेरणात्मक भाषणों से समाज को एक नई दिशा देने की जवाबदारी लेना उसका कर्तव्य समझती थी। लोगों को उसकी कही बातें बहुत अच्छी लगती थीं। ले...
मंथन रचनाकाल- 1977 ई. उपन्यास रामगोपाल भावुक सम्पर्क- कमलेश्वर कोलोनी (डबरा) भवभूतिनगर जि0 ग्वालियर ;म0 प्र0 475110 मो0 9425715707, , 8770554097 एक सूर्य की सु...
ये कहानी है एक लड़की जो प्रेम नगर देहरादून में रहती है जिसका नाम रिचा है वह एक अच्छी और रिच फैमिली से बिलोंगे करती है रिचा के पापा आलोक शर्मा पी.डब्ल्यू.डी. डिपार्टमेंट में सी.ई.ओ....
ब्लैक कार अपनी पूरी तेज रफ्तार में, खाली और काली सडक पर दौड रही थी. इंजन की गडगडाहट और टायरों की आवाज रात की खामोशी को चीर रही थी. कार के अंदर म्यूजिक फुल वॉल्यूम पर बज रहा था—सैंग...
ये कहानी दो लेखकों की मोहब्बत पर आधारित है, जिसे लगभग 7 पार्ट में प्रकाशित किया जाएगा, लगातार अपडेट रहने के लिए फॉलो करें और अपने प्यार और दुआओं से नवाज़े, तो आइए शुरू करते हैं,हैलो...
“जाना है... जाने दो हमें... छोरो, न... चल परे हट लरके ! ए दरोगा बाबू सुनत रहे हो !” “क्या चूँ-चपड़ लगा रखी है तुम लोगों ने ?” दारोगा ज़रा नाराज़ लहज़े में बोला या ये भी हो सकता है कि...
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